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तस्वीरें: प्रदूषण से दिल्ली-NCR में भयावह स्थिति, सांस लेना हुआ दुश्वार
Written By : एबीपी न्यूज़ | Updated at : 02 Nov 2019 08:37 AM (IST)
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बढ़ते प्रदूषण से राहत देने के लिए दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में पानी का छिड़काव किया गया.
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सरकार की वायु गुणवत्ता निगरानी संस्था ‘सफर’ के मुताबिक, शुक्रवार की सुबह 8 बजे ही दिल्ली की औसत वायु गुणवत्ता का स्तर 425 पर पहुंच गया. जो कि समान्य से काफी ज्यादा है. बता दें कि शून्य से 50 के बीच के एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) को ‘अच्छा’, 51 से 100 को ‘संतोषजनक’, 101 से 200 को ‘मध्यम’, 201 से 300 को ‘खराब’, 301 से 400 को ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 को ‘गंभीर’ और 500 से ऊपर को अति गंभीर आपात स्थिति की श्रेणी में रखा जाता है.
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दिल्ली और आसपास के इलाकों में प्रदूषण की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है. लोगों का सांस लेना दुश्वार हो गया है, दम घुट रहा है. आसमान में पसरी धुंध की चादर दिल्ली को बीमार कर रही है. दिल्ली की जनता बेहाल है. प्रदूषण की वजह से ईपीसीए ने दिल्ली एनसीआर में हेल्थ इमरजेंसी की घोषित की है. निर्माण कार्य पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. ईपीसीए सुप्रीम कोर्ट की कमेटी है.
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इस बीच दिल्ली सरकार ने सभी स्कूलों को 5 नवंबर तक बंद रखने का आदेश जारी किया है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, 'दिल्ली में पराली के बढ़ते धुएं के चलते प्रदूषण का स्तर बहुत ज्यादा बढ़ गया है, इसलिए सरकार ने निर्णय लिया है कि दिल्ली के सभी स्कूल 5 नवम्बर तक बंद रहेंगे.'
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एक तरफ जनता प्रदूषण से परेशान है तो वहीं प्रदूषण पर राजनीति तेज होती दिखाई दे रही है. हरियाणा भवन और पंजाब भवन के सामने कल आम आदमी पार्टी (आप) ने प्रदर्शन किया. दिल्ली में प्रदूषण का एक बड़ा कारण पंजाब और हरियाणा में पराली जलाया जाना है. ऐसे में आप आदमी पार्टी दोनों राज्यों की सरकारों पर कोई कदम ना उठाने का आरोप लगा रही है. दरअसल प्रदूषण संकट गहराने के लिए जिम्मेदार कारकों में पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं का 27 प्रतिशत योगदान है. वायु प्रदूषण पर निगरानी करने वाली पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की संस्था ‘सफर’ के मुताबिक आने वाले कुछ दिनों में संभावित पश्चिमी विक्षोभ से हवा की सुस्त गति में इजाफे के कारण दूषित हवा से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है.
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सफर की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनायें पिछले तीन दिनों में बढ़ी हैं. दोनों राज्यों के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार 27 अक्टूबर को पंजाब में पराली जलाने की घटनायें 7842 से बढ़कर 12027 हो गयीं जबकि 30 अक्टूबर को यह आंकड़ा 19869 पर पहुंच गया. वहीं, हरियाणा में इन घटनाओं की संख्या 27 अक्टूबर को 476 से बढ़कर 3735 हो गयी और राज्य में 30 अक्टूबर को पराली जलाने की 4221 घटनायें दर्ज की गयी.
Published at : 02 Nov 2019 08:22 AM (IST)
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