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कहां से शुरू हुई जन्मदिन पर केक काटने की प्रथा? जानें इसका इतिहास

Birthday Cake History: जन्मदिन पर केक तो सभी काटते हैं लेकिन काफी कम लोग इसके इतिहास के बारे में जानते हैं. आइए जानते हैं क्या है इसका इतिहास.

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  • पहले विलासिता रहे केक औद्योगिक क्रांति से सस्ते हुए।

Birthday Cake History: मोमबत्ती बुझाना, विश मांगना और जन्मदिन का केक काटना आज जन्मदिन मनाने का एक जरूरी हिस्सा बन चुका है. लेकिन यह जाना पहचान रिवाज रातों-रात शुरू नहीं हुआ. इसका इतिहास हजारों साल पुराना है और इसमें पुरानी धार्मिक परंपरा, रोमन जश्न, जर्मन रीति रिवाज और बाद में बेकिंग में हुए बदलाव शामिल हैं. ग्रीक देवी को चढ़ाए जाने वाले केक से लेकर आज के शानदार जन्मदिन के केक तक यह परंपरा सदियों में धीरे-धीरे विकसित हुई है. 

प्राचीन ग्रीस में केक का संबंध चंद्रमा की देवी से था 

जन्मदिन के केक से जुड़ी सबसे पुरानी कहानी में से एक प्राचीन ग्रीस से आती है. ग्रीक लोग चंद्रमा से जुड़ी देवी आर्टेमिस की पूजा करते थे. साथ ही उन्हें चढ़ाने के लिए गोल चंद्रमा के आकार का केक बनाते थे. ऐसा माना जाता था कि केक का आकर चंद्रमा को दर्शाता है. कुछ कहानियों में इन केक का संबंध शहद और दूसरी मीठी चीजों से भी बताया गया है. हालांकि प्राचीन ग्रीक केक बनाने के बारे में अलग-अलग स्रोत में अलग-अलग जानकारी मिलती है. 

केक पर मोमबत्ती क्यों लगाई जाती थी?

इन पुरानी भेंटों के साथ मोमबत्ती भी जुड़ी हुई थी. ऐसा माना जाता था कि उनकी रोशनी चंद्रमा की चमक को दर्शाती है. एक प्रचलित मान्यता है कि जब मोमबत्ती बुझाई जाती थी तो उनसे निकलने वाला धुआं प्रार्थनाओं और इच्छाओं को स्वर्ग तक ले जाता था. हालांकि जन्मदिन के केक का इतिहास में इस बात का अकसर जिक्र किया जाता है लेकिन प्राचीन ग्रीक भेंटों और आज जन्मदिन पर विश मांगने की परंपरा के बीच कोई पक्का संबंध साबित नहीं होता. इसके बावजूद भी गोल केक और मोमबत्ती का मेल आज के जन्मदिन के रिवाज की शुरुआती वजहों में से एक माना जाता है. 


कहां से शुरू हुई जन्मदिन पर केक काटने की प्रथा? जानें इसका इतिहास

रोमन लोगों ने जन्मदिन के जश्न में केक को शामिल किया 

प्राचीन रोमन लोगों में भी मैदा, मेवे और शहद जैसी चीजों से बने केक की परंपरा थी. ये केक शादी और कुछ खास जन्मदिन जैसे जरूरी मौके पर इस्तेमाल किए जाते थे. हालांकि जन्मदिन का जश्न शुरू में बच्चों के लिए होने वाली आज की जन्मदिन की पार्टी जैसा नहीं था. रोमन लोगों में जन्मदिन के रिवाज खास तौर पर पुरुष और समाज में जरूरी स्थान रखने वाले लोगों के लिए होते थे. इसी के साथ महिलाओं के लिए जश्न मनाने का तरीका समय के साथ अलग तरह से विकसित हुआ. 

जर्मनी में किंडरफेस्ट की शुरुआत 

बच्चों के लिए आज के जन्मदिन के केक की दिशा में सबसे बड़ा कदम जर्मनी से उठाया गया था. 18 वीं सदी के आसपास बच्चों के जश्न के तौर पर किंडरफेस्ट नाम की परंपरा शुरू की गई. बच्चों को जन्मदिन पर खास केक दिए जाते थे और उनकी उम्र के हिसाब से उन पर मोमबत्ती लगाई जाती थी. 

इस परंपरा का एक काफी दिलचस्प हिस्सा थी एक अतिरिक्त मोमबत्ती. मोमबत्ती की संख्या बच्चों की उम्र के बराबर हो सकती थी जबकि एक अतिरिक्त मोमबत्ती एक और सफल साल की उम्मीद को दिखाती थी. जर्मनी की परंपरा को बच्चों के जन्मदिन मनाने के आधुनिक तरीके का एक जरूरी शुरुआती रूप माना जाता है. 


कहां से शुरू हुई जन्मदिन पर केक काटने की प्रथा? जानें इसका इतिहास

बर्थडे केक इतने शानदार क्यों हो गए?

इतिहास के लंबे समय तक रिफाइंड चीनी, महंगी सामग्री और शानदार सजावट वाले केक एक विलासिता की चीज माने जाते थे. आइसिंग और कई परतों वाले सजावटी केक के लिए ऐसी सामग्री और उपकरणों की जरूरत होती थी जो आम परिवारों के लिए आसानी से मौजूद नहीं थे. यही वजह है कि शानदार बर्थडे केक शुरुआत में ज्यादा अमीर परिवारों से जुड़े थे. 

औद्योगिक क्रांति के दौरान हालात बदले 

औद्योगिक क्रांति ने केक को सस्ता बना दिया था. 19वीं सदी के दौरान, खेती, खाद्य उत्पादन, परिवहन और मैन्युफैक्चरिंग में सुधार से चीनी और मैदा जैसी सामग्री ज्यादा आसानी से मिलने लगीं. बेकिंग के उपकरण भी ज्यादा मौजूद होने लगे और कमर्शियल बेकरी का विस्तार हुआ. जैसे-जैसे केक सस्ते और बनाने में आसन होते गए आम परिवारों ने भी उन्हें समारोह में शामिल कर लिया.

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स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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