एक्सप्लोरर

Explained : क्या होती है हर्ड इम्युनिटी और कौन से देश इसे अपना रहे हैं?

कोरोना का टीका खोज पाने में नाकाम रहे वैज्ञानिकों ने कोरोना से लड़ने का अब एक नया तरीका बताया है. हालांकि ये तरीका बेहद पुराना है, लेकिन कोरोना के मामले में इसे नए तरीके से इस्तेमाल किए जाने की बात की जा रही है. इसका नाम है हर्ड इम्युनिटी.

कोरोना से लड़ने का अब तक का जो सबसे कारगर हथियार है, वो है सोशल डिस्टेंसिंग. यानि कि एक दूसरे से दूरी बनाए रखें. लेकिन ये दूरी तब तक ही बनी रह सकती है, जब तक लॉकडाउन चल रहा है. जैसे ही लॉकडाउन खत्म हो जाएगा, लोग अपने घरों से बाहर निकलेंगे और तब इस सोशल डिस्टेंसिंग को बरकरार रखना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन हो जाएगा.

दुनिया में डॉक्टरों का एक और धड़ा है, जो ये कह रहा है कि सोशल डिस्टेंसिंग या फिर लॉकडाउन कोरोना का इलाज नहीं, बल्कि सिर्फ तात्कालिक बचाव है. इसलिए तात्कालिक की जगह स्थायी उपाय अपनाना चाहिए और इसके लिए लोगों को अपने घरों से बाहर आना चाहिए. जब लोग अपने घरों से बाहर आएंगे, तो बहुत संभव है कि उन्हें कोरोना का संक्रमण हो जाएगा. जितने ज्यादा लोग इस वायरस से संक्रमित होंगे, इंसान के शरीर में उतनी ही इस वायरस के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित होगी, जो कोरोना के खिलाफ स्थायी इलाज के तौर पर काम करेगी. इसे ही हर्ड इम्युनिटी कहा जा रहा है.

अंग्रेजी-हिंदी शब्दकोश के लिहाज से हर्ड इम्युनिटी का हिंदी में मतलब है सामाजिक रोग प्रतिरोधक क्षमता. कोरोना के दौर में ये शब्द और भी मानीखेज है. एक पक्ष कोरोना से लड़ने के लिए सामाजिक दूरी बनाने की बात कह रहा है, तो दूसरा पक्ष समाज के एक बड़े हिस्से को कोरोना से संक्रमित करने की बात कह रहा है, ताकि समाज के उस बड़े हिस्से में कोरोना के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित की जा सके. ब्रिटेन की प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी और एक अंतरराष्ट्रीय एनजीओ सेंटर फॉर डिजीज डायनेमिक्स, इकोनोमिक्स एंड पॉलिसी (CDDEP) के विशेषज्ञों का ये मानना है कि जब समाज का एक बड़ा हिस्सा कोरोना से संक्रमित हो जाएगा तो फिर कोरोना वायरस संक्रमण के लिए किसी नए शरीर को नहीं खोज पाएगा, क्योंकि पहले से ही संक्रमण मौजूद है. और ऐसी स्थिति में संक्रमित शरीर उस वायरस के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने की कोशिश करना शुरू कर देगा. एक बार जब बड़े पैमाने पर रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो जाएगी, तो फिर ऐसे लोगों के जरिए कोरोना का टीका या एंडीबॉडीज़ बनाने की कोशिश की जा सकती है.

हर्ड इम्युनिटी इलाज का एक पुराना तरीका है. इसमें या तो बड़ी आबादी को वैक्सीन दी जाती है, जिससे उसके शरीर में एंटीबॉडीज़ बन जाती हैं. जैसे चेचक, खसरा और पोलियो के साथ हुआ. दुनिया भर में लोगों को इसकी वैक्सीन दी गई और ये रोग अब लगभग खत्म हो गए हैं. या किसी को होता भी है, तो उसके शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता होती है और फिर बीमारी का असर नहीं होता है. दूसरा ये है कि अगर किसी बीमारी का टीका ही नहीं है जैसे कि कोरोना तो फिर बड़ी आबादी को बीमारी से संक्रमित किया जाता है. संक्रमित लोगों को और नए लोग संक्रमण फैलाने के लिए नहीं मिलते हैं, क्योंकि उनके आस-पास के लोग भी उसी बीमारी से संक्रमित रहते हैं और फिर लोगों के शरीर में खुद से एंटीबॉडीज बनने की शुरुआत हो जाती है. कुछ दिन में शरीर उस वायरस से लड़ने के लिए तैयार हो जाता है और फिर वायरस नाकाम हो जाता है.

कोरोना के दौर में इसका सबसे पहले जिक्र किया है ब्रिटेन ने. ब्रिटेन के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार पैट्रिक वैलेंस ने कहा है कि अगर ब्रिटेन की 60 फीसदी आबादी को कोरोना से संक्रमित कर दिया जाए, तो फिर वहां पर लोगों के शरीर में कोरोना के खिलाफ रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो जाएगी और ब्रिटेन से कोरोना खत्म हो जाएगा. हालांकि ब्रिटेन में अब भी इस प्रकिया पर काम शुरू नहीं हो पाया है. क्योंकि इसमें खतरा ज्यादा है. इससे पहले जब चेचक का टीका बना और हर्ड इम्युनिटी विकसित की गई तो पता था कि चेचक का एक मरीज 12 से 18 लोगों को संक्रमित कर सकता है. इन्फ्लुएंजा का भी पता था कि एक मरीज 1.2 से लेकर 4.5 लोगों को संक्रमित कर सकता है. लेकिन कोरोना का टीका बना नहीं है और कोरोना से संक्रमित एक मरीज दो से तीन लोगों को संक्रमित कर सकता है.

वहीं स्वीडन भी अब हर्ड इम्युनिटी पर काम करने की तैयारी कर रहा है. हालांकि अमेरिका ने स्वीडन को हर्ड इम्युनिटी पर काम करने से रोक दिया है, फिर भी ऐसी खबरें आ रही हैं कि स्वीडन हर्ड इम्युनिटी पर आगे बढ़ने की तैयारी में है. 28 मार्च को स्वीडन के 2000 से भी ज्यादा रिसर्चर्स ने एक पेटिशन पर साइन किए और कहा कि अब सरकार को स्वीडन में हर्ड इम्युनिटी पर आगे बढ़ना चाहिए. हालांकि स्वीडन में सरकार ने इसे मानने से इनकार कर दिया क्योंकि फिलहाल स्वीडन में कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या में इजाफा हो गया है. 1 करोड़ से थोड़ी सी ज्यादा आबादी वाले देश में 2462 लोगों की मौत हो चुकी है और 20 हजार से भी ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं.

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

पंजाब-दिल्ली को दहलाने का पाकिस्तानी प्लान फेल! NIA ने की बड़ी कार्रवाई
पंजाब-दिल्ली को दहलाने का पाकिस्तानी प्लान फेल! NIA ने की बड़ी कार्रवाई
रांची प्रोटेस्ट का 15वां दिन: देवेंद्र नाथ महतो गुट की सरकार से आज होगी बात
रांची प्रोटेस्ट का 15वां दिन: देवेंद्र नाथ महतो गुट की सरकार से आज होगी बात
भारत में 6 नवंबर को रिलीज नहीं होगी रणबीर कपूर की 'रामायण', प्रोड्यूसर ने बताई चौंकाने वाली वजह
भारत में 6 नवंबर को रिलीज नहीं होगी रणबीर कपूर की 'रामायण', प्रोड्यूसर ने बताई चौंकाने वाली वजह
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले 5 भारतीय गेंदबाज
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले 5 भारतीय गेंदबाज

वीडियोज

Vasudha: Vasudha-Chandrika को मिलेगा 'Business Women Award', परखने घर पहुंची स्पेशल कमेटी
R. Madhavan बोले- अब उन्हें CM Thalapathy Vijay कहना चाहिए, Politics पर दिया बड़ा जवाब
Kajal Raghwani ने Pawan Singh पर लगाए गंभीर आरोप, Khesari Lal Yadav को भी दिया जवाब
Bhojpuri Bawaal में Pawan Singh ने छोड़ा शो, Amrapali Dubey और Kajal Raghwani में बड़ी बहस
Bollywood News: उल्टा पड़ा दांव! 'आवारापन 2' के मेकर्स का ही दांव पड़ा उन पर भारी, घिरे विवादों में! (07.06.26)

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
पंजाब-दिल्ली को दहलाने का पाकिस्तानी प्लान फेल! NIA ने की बड़ी कार्रवाई
पंजाब-दिल्ली को दहलाने का पाकिस्तानी प्लान फेल! NIA ने की बड़ी कार्रवाई
रांची प्रोटेस्ट का 15वां दिन: देवेंद्र नाथ महतो गुट की सरकार से आज होगी बात
रांची प्रोटेस्ट का 15वां दिन: देवेंद्र नाथ महतो गुट की सरकार से आज होगी बात
भारत में 6 नवंबर को रिलीज नहीं होगी रणबीर कपूर की 'रामायण', प्रोड्यूसर ने बताई चौंकाने वाली वजह
भारत में 6 नवंबर को रिलीज नहीं होगी रणबीर कपूर की 'रामायण', प्रोड्यूसर ने बताई चौंकाने वाली वजह
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले 5 भारतीय गेंदबाज
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले 5 भारतीय गेंदबाज
यूपी में बदलने वाला है मौसम का मिजाज, 63 जिलों में बारिश का अलर्ट
यूपी में बदलने वाला है मौसम का मिजाज, 63 जिलों में बारिश का अलर्ट
US का नया बिल, रूस से तेल-गैस खरीदा तो लगेगा 100% टैरिफ! भारत समेत किस पर होगा असर
US का नया बिल, रूस से तेल-गैस खरीदा तो लगेगा 100% टैरिफ! भारत समेत किस पर होगा असर
AIIMS Delhi: AIIMS के डॉक्टरों का चमत्कार, 209 kg के मरीज को दी नई जिंदगी
AIIMS के डॉक्टरों का चमत्कार, 209 kg के मरीज को दी नई जिंदगी
देश में सिर्फ 5.67% स्कूलों में पहली से 12वीं तक की पढ़ाई, सरकार ने दी जानकारी
देश में सिर्फ 5.67% स्कूलों में पहली से 12वीं तक की पढ़ाई, सरकार ने दी जानकारी
Embed widget