एक्टर: सोनाक्षी सिन्हा, अनुराग कश्यप, कोंकणा सेन शर्मा, अमित साथ
डायरेक्टर: ए. आर. मुरूगोदास
रेटिंग: 2.5
ए. आर. मुरुगदॉस की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘अकीरा’ आज रिलीज हो गई है. इस फिल्म में सोनाक्षी सिन्हा के एक्शन के चर्चे तो थे पहले से ही लेकिन साथ ही दर्शकों को एक सरप्राइज भी मिलेगा और वो ये है कि इस फिल्म में अनुराग कश्यप भी एक दमदार भूमिका में हैं. यहां तक कि अनुराग को फिल्म में सोनाक्षी से ज्यादा जगह मिली है.

फिल्म देखने से पहले यही आशंका थी कि क्या सोनाक्षी सिन्हा एक्शन सीन्स के साथ न्याय कर पाएंगी? जिस एक्ट्रेस को हमने ‘सारी के फॉल पर’ और ‘छम्मक छल्लो छैल छबीली’ पर लटके-झटके लगाते देखा है, जब वो बड़े पर्दे पर मार-धाड़ करती दिखेंगी तो हम उसे पचा पाएंगे? लेकिन जिस तरीके से फिल्म में शुरूआत से ही सोनाक्षी सिन्हा के कैरेक्टर को डायरेक्टर ने खड़ा किया है उसके बाद ऐसे सारे सवाल दिमाग से हट जाते हैं और आप सिर्फ फिल्म देखते हैं.
फिल्म की शुरूआत एसिड अटैक की एक घटना से होती है. ये सबकुछ अकीरा की आंखों के सामने होता है. वो आरोपी को पहचान लेती है जिसकी वजह से उसके मुंह पर भी चाकू से वार होता है और उसका दाग उसके चेहरे पर आजीवन रह जाता है. आस-पास हो रही ऐसी ही घटनाओँ की वजह से अकीरा कत्थक सीखने की जगह मार्शल आर्ट सीखने को अपनी प्राथमिकता बनाती है. जोधपुर की अकीरा कॉलेज की पढ़ाई के लिए मुंबई नगरी आती है. यहां वो सिर्फ पढ़ना चाहती है लेकिन वहां पर एक ऐसी घटना होती है जिसमें अकीरा फंस जाती है और उसकी पूरी जिंदगी बदल जाती है.

अकीरा बेगुनाह है और कुछ करप्ट पुलिसवालों की नजर में यही उसका गुनाह है. फिल्म में कोंकणा सेन शर्मा क्राइम ब्रांच के एक ईमानदार ऑफिसर की भूमिका में हैं. वही इस केस की जांच करती हैं. क्या पुलिस के अधिकारियों का गुनाह सामने आता है? क्या कोंकणा सेन ईमानदारी से जांच कर पाती हैं.? क्या अकीरा इनके चंगुल से बाहर निकल पाती है? यही पूरी कहानी है और फिल्म का क्लामैक्स भी.
कहीं-कहीं फिल्म देखते वक्त लगता है कि इसे काफी खींचकर लंबा किया जा रहा है लेकिन फिर भी फिल्म की अच्छी बात ये है कि आखिर तक दर्शकों की दिलचस्पी इस बात में बनी रही है कि फिल्म आगे क्या होने वाला है.
इसमें एक करप्ट एसीपी राणे की भूमिका में अनुराग कश्यप हैं. अपने निगेटिव कैरेक्टर में अनुराग कश्यप इतने इंटेंस हैं कि पुलिस से आप कितनी नफरत कर सकते हैं उसकी हद तक वो आपको लेकर जाते हैं. फिल्म में सबसे मजबूत भूमिका अनुराग कश्यप की ही है.

इसके अलावा अतुल कुलकर्णी और अमित साध भी हैं जिन्होंने अपनी भूमिका अच्छी निभाई है.
फिल्म का पहला भाग थोड़ा धीमा है लेकिन इंटरवल के बाद फिल्म इंटरेस्टिंग भी है और तेजी से आगे भी बढ़ती है. बॉलीवुड में 'मर्दानी', 'रिवॉल्वर रानी', 'गुलाबी गैंग' जैसी कई फिल्में पहले से भी बन रही हैं जिसमें हिरोइन एक्शन करती दिखी हैं. लेकिन उन फिल्मों को उतनी पॉपुलैरिटी नहीं मिल पाई. इस फिल्म से सोनाक्षी ने उस कमी को पूरा कर दिया है. ये फिल्म सोनाक्षी की बेहतरीन फिल्मों में गिनी जाएगी.

इस फिल्म के डायरेक्टर इससे पहले भी 'गजनी' और 'हॉलीडे' जैसी सुपरहिट फिल्में बना चुके हैं. इन दोनों फिल्मों से 'अकीरा' की टक्कर तो नहीं लेकिन ये भी मुरुगदॉस की एक बेहतरीन फिल्म है.
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