UPI: सबसे ज्यादा कौनसा पेमेंट एप इस्तेमाल करते हैं लोग, PhonePe, G Pay या Paytm?
भारत में UPI पेमेंट ऐप्स में PhonePe सबसे आगे, Google Pay दूसरे और Paytm तीसरे स्थान पर है. वहीं, NPCI ने चुनिंदा UPI ट्रांजैक्शन पर MDR लागू करने का फैसला दिवाली बाद तक टाल दिया है.

आज के समय में ऑनलाइन पेमेंट करना काफी आसान हो चुका है. सब्जी खरीदने से लेकर शॉपिंग और बिजली का बिल भरने तक, लोग UPI के जरिए चुटकियों में पैसे ट्रांसफर कर देते हैं. डिजिटल पेमेंट के बढ़ते इस्तेमाल के बीच PhonePe, Google Pay या Paytm जैसे ऐप लोगों के बीच काफी मशहूर हैं. ऐसे में कई लोगों कि मन में यह सवाल आता है कि इन तीनों में सबसे ज्यादा इस्तेमाल कौन-सा ऐप किया जाता है और किसकी बाजार में कितनी हिस्सेदारी है?
जानकारी के मुताबिक, UPI पेमेंट ऐप्स की मार्केट शेयर में PhonePe सबसे आगे है, जबकि Google Pay दूसरे और Paytm तीसरे स्थान पर है. बड़ी बात यह है कि PhonePe और Google Pay की संयुक्त मार्केट शेयर करीब 77.9% है. वहीं, बाकी ऐप्स की हिस्सेदारी इन दोनों के मुकाबले काफी कम है.
UPI पेमेंट में कौन-सा ऐप है सबसे आगे?
- PhonePe: 45.6% मार्केट शेयर के साथ पहले स्थान पर है.
- Google Pay: 32.3% हिस्सेदारी के साथ दूसरे नंबर पर है.
- Paytm: 8% मार्केट शेयर के साथ तीसरे स्थान पर है.
- Navi: 4.4% हिस्सेदारी के साथ चौथे नंबर पर है.
- Supermoney: इसकी मार्केट शेयर 1.7% है.
- BHIM: 1% मार्केट शेयर के साथ इस लिस्ट में शामिल है.
- FamApp: इसकी हिस्सेदारी 0.9% है.
- WhatsApp Pay: 0.7% मार्केट शेयर है.
- CRED: इसकी हिस्सेदारी 0.6% है.
- Axis Bank App: इसका मार्केट शेयर भी 0.6% है.
Paytm की पोजीशन ने क्यों चौंकाया?
UPI पेमेंट ऐप्स की इस लिस्ट में Paytm तीसरे नंबर पर हैं. इसकी मार्केट शेयर 8% है, जबकि PhonePe, Google Pay इससे काफी आगे हैं. इन दोनों ऐप्स की संयुक्त मार्केट शेयर करीब 77.9% तक पहुंचती है. इससे पता चलता है कि दिए गए आंकड़ों में UPI ऐप्स के बाजार पर इन दोनों कंपनियों की पकड़ काफी मजबूत है.
UPI पेमेंट पर क्या है MDR का नया नियम?
दरअसल, UPI ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने की योजना भी अब सुर्खियों में है. UPI MDR को 15 अक्टूबर से लागू किया जाना था, लेकिन नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने चुनिंदा UPI ट्रांजैक्शन पर MDR लागू करने का फैसला दिवाली के बाद तक टाल दिया है. नई तारीख की जानकारी संबंधित पक्षों को बाद में दी जाएगी.
NPCI ने 15 सितंबर को UPI MDR फ्रेमवर्क की घोषणा की थी, जिसके के तहत 2,000 रुपये से ज्यादा के चुनिंदा UPI मर्चेंट पेमेंट पर 0.4% शुल्क लगाने का प्रस्ताव था. वहीं, प्रति ट्रांजैक्शन इसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये तय की गई थी.
कानूनी पचड़े में फंसा बैंक ऑफ बड़ौदा, BR शेट्टी ने मांगा 1.44 लाख करोड़ का मुआवजा






















