फोर्टिस हेल्थकेयर विवाद की सेबी ने शुरु की जांच, रेलिगेयर पर भी नजर
फोर्टिस के प्रमोटर मालविंदर मोहन सिंह और शिवेंदर मोहन सिंह पर आरोप है कि उन्होंने बोर्ड की मंजूरी के बगैर करीब 7.8 करोड़ डॉलर यानी करीब 500 करोड़ रुपये निकाल लिए. फोर्टिस हेल्थकेयर, फोर्टिस हॉस्पिटल के नाम से देश के विभिन्न हिस्सो में अस्पताल सेवा मुहैया कराती है.

नई दिल्लीः पूंजी बाजार पर नजर रखने वाली संस्था सेबी ने कहा है कि हेल्थकेयर मुहैया कराने वाली कंपनी फोर्टिस हेल्थकेयर से जुड़े विवादो की जांच कर रही है. साथ ही बाजार नियामक की नजर फोर्टिस के प्रमोटर सिंह बंधुओं की एक और कंपनी रेलिगेयर पर भी है.
फोर्टिस के प्रमोटर मालविंदर मोहन सिंह और शिवेंदर मोहन सिंह पर आरोप है कि उन्होंने बोर्ड की मंजूरी के बगैर करीब 7.8 करोड़ डॉलर यानी करीब 500 करोड़ रुपये निकाल लिए. फोर्टिस हेल्थकेयर, फोर्टिस हॉस्पिटल के नाम से देश के विभिन्न हिस्सो में अस्पताल सेवा मुहैया कराती है. इसी हफ्ते फोर्टिस हेल्थकेयर ने सिंह बंधुओं के कंपनी के निदेशक बोर्ड के इस्तीफे का ऐलान किया. इसके बाद से कंपनी के शेयरों में खासी तेजी देखने को मिल रही है.
सेबी चेयरमैन अजय त्यागी ने कहा, “ हम इस मामले (फोर्टिस विवाद) की जांच कर रहे हैं. हमें रेलिगेयर को लेकर भी संदर्भ हासिल हुए हैं.” हालांकि उन्होंने ये बताने से इनकार कर दिया कि रेलिगेयर को लेकर किससे और क्या जानकारी मिली है. ध्यान रहे कि शुक्रवार को बांबे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने प्रमोटर पर लगे आरोपों की जानकारी मांगी थी. इस पर फोर्टिस ने कहा कि उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी फोर्टिस हॉस्पिटल ने 473 करोड़ रुपये का पूर्ण सुरक्षित ऋण प्रमोटर की समूह कंपनियों को दिया है. ये ऋण थोड़े समय के लिए है. फोर्टिस का ये भी कहना था कि ऋण की वापसी तय समय के हिसाब से हो होगी.
फोर्टिस के मामले में दूसरा विवाद नतीजें को लेकर है. खबर है कि कंपनी दूसरी तिमाही के अपने वित्तीय नतीजे पेश नहीं कर पायी, क्योंकि उस पर ऑडिटर ने दस्तख्त करने से इंकार कर दिया. खबरों में कहा गया कि ऑडिटर चाहते हैं कि एक-एक रुपये का सही-सही हिसाब हो या फिर उसकी वापसी (यदि कर्ज के तौर पर दिया गया हो) हो जाए. हालांकि फोर्टिस ने ऐसे आरोपों को एक सिरे से खारिज कर दिया. कंपनी का कहना है कि दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के नतीजे बोर्ड के सामने पेश नहीं किए जा सके और इसकी जानकारी बकायदा स्टॉक एक्सचेंज को नवंबर में ही दे दी गयी थी. अब 13 फरवरी को कंपनी के निदेसक बोर्ड की बैठक होगी जिसमें दूसरी और तीसरी (अक्टूबर-दिसंबर) के नतीजों पर विचार किया जाएगा.
फोर्टिस हेल्थकेयर के प्रमोटर सिंह बंधुओ ने गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले के बाद इस्तीफा दे दिया जिसमें दायची सैंक्यो को 3500 करोड़ रुपये दिए जाने के मामले में कोई राहत नहीं मिली. फोर्टिस हेल्थकेयर में सिंह बंधु और उनकी अलग-अलग कंपनियों की करीब साढ़े 34 फीसदी की हिस्सेदारी है. कंपनी के कुल मिलाकर 1 लाख 38 हजार 221 शेयरधारक है जिसमें से 1 लाख 33 हजार 503 छोटे शेयरधारक (जिनमें से हरेक के पास दो लाख रुपये तक की शेयर पूंजी है) है.
























