दुबई में अब भारत से भी महंगा बिक रहा है पेट्रोल, यहीं निकलता है कच्चा तेल
पेट्रोल-डीजल के दाम वैसे तो दुनियाभर में तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन दुबई में इसकी कीमतें भारत के मुकाबले ज्यादा बढ़ी हुई हैं. आइये जानते हैं क्यों इतनी तेजी से पेट्रोल- डीजल की कीमत बढ़ रही है.

भारत में पेट्रोल- डीजल के दाम कुछ समय पहले ही बढ़े थे, जिससे आम जनता ने काफी चीजों में भी महंगाई देखी थी. लेकिन अगर आप दुबई में पेट्रोल के दाम देखेंगे तो हैरान रह जाएंगे. संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में अक्टूबर 2026 में पेट्रोल- डीजल के दाम इतनी तेजी से बढ़े हैं कि अब भारत के दाम देखने पर सस्ते लगेंगे.
आमतौर पर माना जाता है कि तेल पैदा करने वाले देशों में पेट्रोल-डीजल सस्ता मिलता है, लेकिन इस बार तस्वीर कुछ अलग है. UAE में पेट्रोल- डीजल बनाया जाता है, ऐसे में यहां पर महंगा ईंधन मिलना काफी बड़ी बात है.
कितनी है UAE में पेट्रोल-डीजल की कीमत
UAE में हर महीने पेट्रोल और डीजल की कीमतों का रिव्यू किया जाता है. अक्टूबर में वहां पेट्रोल की अलग-अलग श्रेणियों के दाम करीब 16% तक बढ़ाए गए हैं. डीजल की कीमत में भी अच्छी-खासी बढ़ोतरी हुई है. यहां देखें कितने हैं इस समय पेट्रोल- डीजल के दाम:
| ईंधन का प्रकार | सितंबर की कीमत (प्रति लीटर) | अक्टूबर की कीमत (प्रति लीटर) |
| सुपर 98 पेट्रोल | 3.80 दिरहम | 4.40 दिरहम |
| स्पेशल 95 पेट्रोल | 3.69 दिरहम | 4.28 दिरहम |
| E-Plus 91 पेट्रोल | 3.61 दिरहम | 4.21 दिरहम |
| डीजल | 4.30 दिरहम | 4.80 दिरहम |
दिल्ली में कितने हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?
22 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर थी.
UAE की नई कीमतों के बाद भारत से तुलना करने पर पेट्रोल और डीजल दुबई से भी सस्ता पड़ रहा हैं. हालांकि ये अंतर ईंधन की श्रेणी, करेंसी एक्सचेंज रेट और शहर के हिसाब से बदल सकता है. क्योंकि भारत में हर राज्य में पेट्रोल-डीजल की कीमत एक जैसी नहीं होती. हर राज्य में अगर वैट होता है, इसी के आधार पर ईंधन की कीमत तय की जाती है.
क्यों बढ़ रहे पेट्रोल- डीजल के दाम?
बता दें कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ रहा है. इलाके में चल रहे संघर्ष के कारण कच्चे तेल की सप्लाई पर असर पड़ रहा है. इसी के कारण सबसे ज्यादा ईंधन के दाम बढ़ रहे हैं. जब ईंधन महंगा होता है, तो इसका असर आम लोगों के बजट पर पड़ता है. साथ ही, ट्रक, बस और दूसरे वाहनों से सामान पहुंचाने वाली कंपनियों का खर्च भी बढ़ सकता है. इससे आगे चलकर महंगाई लगातार बढ़ती है.
ये भी पढ़ें: फेसबुक स्कैम में बुजुर्ग को 16 लाख की चपत, जानें कैसे मिला झांसा






















