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बजट 2019: टेलीकॉम सेक्टर को लेकर क्या हैं उम्मीदें, इस बजट में हो सकते हैं ये बड़े एलान

देश के पूर्वोत्तर राज्यों के लिए मोबाइल कनेक्टिविटी बढ़ाने को लेकर केंद्र सरकार काफी तेजी से काम कर रही है. ग्रामीण इलाकों में 25,000 ब्लॉक लेवल के टेलीफोन एक्सचेंज लगवाने की व्यवस्था की जा रही है.

बजट 2019: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने के लिए टेलीकॉम सेक्टर में काफी तेजी से बदलाव करने की जरूरत है. डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम (डीओटी) के तहत बनाए गए रोडमैप के मुताबिक टेलीकॉम सेक्टर के लिए केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट्स को और अधिक फंड दिए जाएंगे. सरकार ने अगले 5 सालों में 1 लाख डिजिटल गांवों की स्थापना का लक्ष्य रखा है जिसके लिए फाइनेंशियल इन्कलूजन भी तेजी से किया जा रहा है.

डिजिटल गांवों की परिकल्पना सरकार की डिजिटल इंडिया स्कीम से जुड़ी हुई है और इसके जरिए सरकार की कई ऐसी सुविधाएं पहुंचाने की योजना है जिनका डिजिटलीकरण किया जा चुका है. टेली-मेडिसिन, टेली-एजुकेशन, एलईडी स्ट्रीट लाइटिंग, देशभर में ग्राम पंचायतों के लिए वाई-फाई और स्किल डेवलपमेंट की सुविधाएं इसके अंतर्गत आती हैं.

टेलीकॉम जगत के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि विभाग के अपने प्रोजेक्ट्स के अलावा केंद्र के प्रोजेक्ट्स के लिए भी फंड एलोकेशन बढ़ाया जा सकता है. अंतरिम बजट में इन प्रोजेक्ट्स के लिए 13,400 करोड़ रुपये के एलोकेशन का एलान किया गया था और इस बार केंद्र के प्रोजेक्ट्स के लिए फंड में कम से कम 15 फीसदी की बढ़ोतरी देखी जा सकती है.

देश के पूर्वोत्तर राज्यों के लिए मोबाइल कनेक्टिविटी बढ़ाने को लेकर केंद्र सरकार काफी तेजी से काम कर रही है. ग्रामीण इलाकों में 25,000 ब्लॉक लेवल के टेलीफोन एक्सचेंज लगवाने की व्यवस्था की जा रही है. एक कॉम्प्रिहेंसिव टेलीकॉम डेवलपमेंट प्लान बनाया जा रहा है जिससे अंडमान और निकोबार आईलैंड और लक्ष्यद्वीप को देश के दूसरे भागों से जोड़ने की दिशा में बड़ा काम किया जा रहा है.

अंतरिम बजट में हुए थे ये एलान पिछली बार के अंतरिम बजट में टेलीकॉम सेक्टर के लिए केंद्र की योजनाओं के लिए 13,400 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था जो कि साल 2018 के बजट में 10,000 करोड़ रुपये रहा था. इस फंडिंग का बड़ा भाग यानी 4,725 करोड़ रुपये मुख्य रूप से डिफेंस स्पेक्ट्रम के लिए इस्तेमाल किए जाने हैं और इसके तहत ऑप्टिकल फाइबर केबल नेटवर्क का विस्तार किया जाना है. डीओटी के तहत इन प्रोजेक्ट्स के लिए 326 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.

2018 के बजट में क्या हुआ था 2018 के बजट में केंद्र सरकार ने टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया था. उस समय के वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस बात का एलान किया था और टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए नए कदम उठाने की भी घोषणा की थी.

इस बजट से क्या है उम्मीदें टेलीकॉम सेक्टर के लिए सरकार बड़े कदम उठा सकती है और ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क की पहुंच देश के अधिकांश भागों तक पहुंचाने के लिए किसी बड़े प्रोजेक्ट का एलान कर सकती है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पहले रक्षा मंत्री रह चुकी हैं तो वो डिफेंस सेक्टर की जरूरतों से वाकिफ हैं और इस दिशा में भी कुछ बड़े टेलीकॉम प्रोजेक्ट्स के बारे में एलान कर सकती हैं. गांवों, कस्बों में मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी के लिए भी जरूरी कदम उठाए जा सकते हैं. ग्राम पंचायतों को वाई-फाई से जोड़ने के लिए भी कुछ परियोजनाओं की घोषणा हो सकती है.

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