1 साल का होने वाला है 8वां वेतन आयोग, इन 5 बड़े अपडेट्स को न करें नजरअंदाज
8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ था और अब चंद दिनों में यह एक साल का होने जा रहा है. आयोग को रिपोर्ट सौंपने के लिए दी गई समयसीमा भी अब धीरे-धीरे नजदीक आ रही है.

- आयोग मई 2027 तक अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा.
8वां वेतन आयोग जल्द ही एक साल का होने वाला है. तीन सदस्यों वाले इस आयोग का गठन 3 नवंबर, 2025 को हुआ था. इस दरमियान अब तक सैलरी, भत्ते और पेंशन में बदलाव को लेकर कोई बदलाव सामने नहीं आया है. आयोग फिलहाल देश के विभिन्न राज्यों का दौरा कर कर्मचारी यूनियनों और हितधारकों संग बैठकें कर रहा है और उनसे उनके काम को लेकर सुझाव ले रहा है ताकि उस हिसाब से रिपोर्ट को तैयार किया जा सके.
8वें वेतन आयोग की अपनी एक वेबसाइट भी है, जिसमें समय-समय पर नोटिस जारी कर स्टेकहोल्डर्स के साथ बातचीत, शहरों के दौरे की जानकारी और अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जानकारी दी जाती है ताकि आयोग के कामकाज को लेकर पारदर्शिता बनी रहे. आइए आज 13 अक्टूबर तक 8वें वेतन आयोग की वेबसाइट पर दिए 5 बड़े अपडेट्स पर एक नजर डालते हैं.
वेबसाइट पर 5 बड़े अपडेट
- पहले अपडेट के तौर पर 22-23 अक्टूबर को मुंबई में होने वाले बैठक को लेकर जानकारी दी गई. बैठक में शामिल होने के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 10 अक्टूबर तय की गई थी.
- मुंबई बैठक से ठीक पहले 7–8 अक्टूबर को बेंगलुरु में बैठक हुई थी. इसके लिए 18 सितंबर की समय-सीमा तय की गई थी.
- वेबसाइट में तीसरे अपडेट के तौर पर कंसल्टेंट्स नियुक्ति नियमों में बदलाव को लेकर जानकारी दी गई है. आयोग ने प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए कॉन्ट्रैक्चुअल बेसिस पर पर कंसल्टेंट्स या सलाहकारों की नियुक्ति को लेकर के नियमों में एक आंशिक बदलाव किया था.
- 31 अगस्त से 1 सितंबर के बीच जयपुर में हुई बैठक की भी वेबसाइट पर चौथे अपडेट के तौर पर जानकारी दी गई है.
- 16–18 के बीच चंडीगढ़ में हुई बैठक को लेकर भी अपडेट्स शेयर किए गए हैं.
रिपोर्ट जमा करने की डेडलाइन
8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ था, जिसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं. उनके अलावा पंकज जैन सदस्य-सचिव और प्रोफेसर पुलक घोष आयोग के सदस्य हैं.
आयोग की अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया था, जो मई 2027 में खत्म हो रही है. रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद वित्त मंत्रालय और कार्मिक मंत्रालय द्वारा इसकी समीक्षा की जानी है. मंत्रालयों से मंजूरी मिलने के बाद इसे यूनियन कैबिनेट के पास भेजा जाएगा. वहां से हरी झंडी मिलने के बाद ही इसे आगे लागू करने का प्रॉसेस शुरू होगा.
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