By: ABP News Bureau | Updated at : 28 Sep 2016 11:23 PM (IST)
नई दिल्लीः एक बार फिर सहारा प्रमुख सुब्रत राय जेल जाने से बच गए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रत राय को एक बार फिर से राहत देते हुए उनका अंतरिम पेरोल 24 अक्टूबर तक बढ़ा दिया है. इसके लिए अदालत ने सेबी के पास 200 करोड़ रुपये जमा कराने को कहा है. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने सहारा से निवेशकों के बकाया 12,000 करोड़ रुपये चुकाने का रोडमैप भी मांगा है.
सुप्रीम कोर्ट के सहारा प्रमुख सुब्रत राय की पेरोल बढ़ाने से अब वो 24 अक्टूबर तक जेल से बाहर रहेंगे. अपने आदेश में उच्चतम न्यायालय ने सहारा प्रमुख के वकील से यह भी कहा है कि वे कोर्ट को रोडमैप तैयार करके दें जिसमें सेबी का 12 हजार करोड़ रुपया बकाया कैसे चुकाया जाएगा, इसकी पूरी जानकारी होनी चाहिए. उच्चतम न्यायालय ने सहारा प्रमुख सुब्रत राय की पेरोल अवधि 24 अक्तूबर तक बढ़ाई और उन्हें तब तक 200 करोड़ रुपये सेबी के पास जमा कराने को कहा है.
क्या था पूरा मामला/कितनी बार मिली पेरोल करीब 2 सालों तक जेल में रहने के बाद इसी साल मई में सुब्रत रॉय को उनकी माता के निधन के बाद सुप्रीम कोर्ट की तरफ से मानवीयता के आधार पर पेरोल पर रिहा किया गया था. अब तक सहारा प्रमुख की पेरोल 5 बार बढ़ाई जा चुकी है. जिसमें सबसे पहले 6 मई तक पेरोल मिली थी और इसके बाद 11 जुलाई तक पेरोल बढ़ी. 11 जुलाई को 300 करोड़ रुपये और जमा कराने की शर्त पर अदालत ने 3 अगस्त तक पेरोल बढ़ाई थी. वहीं 4 अगस्त को फिर एक बार 16 सितंबर तक पेरोल बढ़ाई और इसके एवज में 300 करोड़ रुपये और जमा करने का आदेश दिया. वहीं 16 सितंबर को भी 300 करोड़ रुपये और जमा करने की शर्त पर सहारा चीफ की पेरोल 23 सितंबर तक बढ़ाई थी.
पिछली सुनवाई में क्या हुआ सहारा चीफ द्वारा दायर की गई नई याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की. पिछले हफ्ते शुक्रवार की सुबह सुनवाई के दौरान सहारा की वकील की टिप्पणी से नाराज होकर पहले कोर्ट ने सुब्रत रॉय को 3 अक्टूबर तक के लिए ज्यूडिशियल कस्टडी में जेल भेजने का आदेश दिया था लेकिन सुब्रत रॉय ने इसके बाद सशर्त माफी मांग ली. इसके बाद कोर्ट ने दूसरे जजों से विचार के बाद उन्हें एक हफ्ते की राहत दी थी. इसके बाद आज यानी 28 सितंबर को 200 करोड़ रुपये जमा कराने की शर्त पर ये पेरोल 24 अक्टूबर तक बढ़ा दी है.
सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय क्यों गए थे जेल सहारा की दो कंपनियों सहारा इंडिया रीयल इस्टेमट कार्प लिमिटेड और सहारा हाउसिंग फाइनेंस कार्प लिमटेड ने ओएफसीडी के जरिए 2007 और 2008 में इन्वेस्टहर्स करीब 17,000 करोड़ रुपये जुटाए थे. सुप्रीम कोर्ट ने 2012 में निवेशकों के 17,000 करोड़ रुपये 15 फीसदी ब्याज के साथ लौटाने के आदेश दिए थे, जिसे सहारा चीफ ने नहीं माना जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया.
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