आयुर्वेदिक इलाज कर सकता है डायलिसिस बंद- डॉ दीपक धनखड़
डॉ दीपक धनखड़ (Dr Deepak Dhankhar) के अनुसार रिकवरी सिर्फ तभी संभव है जब मरीज डॉक्टर की बात का अच्छे से पालन करे, दवाइयों को उनका असर दिखाने का समय दे.

राजधानी दिल्ली के आयुर्वेदाचार्य डॉ दीपक धनखड़ (Dr Deepak Dhankhar) कहते हैं कि आयुर्वेद से किडनी फेलियर के पेशेंट को डायलिसिस से बचाया जा सकता है व डायलिसिस को बंद भी किया जा सकता है. नजफगढ़ के धन्वन्तरी आयुर्वेद संस्थान ने किडनी फेलियर की स्थिति में पहुंच चुके कई मरीजों की जिंदगी को बेहतर बनाया है.
जिन लोगों की किडनी खराब हो जाती हैं, उन्हें नियमित तौर पर डायलिसिस कराना पड़ता है, लेकिन आयुर्वेद में कुछ ऐसी दवाएं मौजूद हैं, जो मरीजों को डायलिसिस से छुटकारा दिलाने में कामयाब सिद्ध हुई हैं. देश की पारंपरिक आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति कई असाध्य रोगों के लिए संजीवनी साबित हुई है. इसी आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति ने अब किडनी फेलियर (CKD ) रोगियों के लिए उम्मीद की नई किरण जगा दी है. आज असंख्य लोग इसी पद्धति को अपनाकर घातक से घातक बीमारियों से निजात पा रहे है. असल में आयुर्वेद ऐसे मरीजो के लिए वरदान साबित हो रहा है. यह बात डॉ दीपक धनखड़ (Dr Deepak Dhankhar) ने हमारे संवाददाता से बातचीत में कही. उन्होंने बताया कि भारत की सबसे प्राचीनतम चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद से किडनी फेलियर (CKD ) का इलाज व रोकथाम संभव है. डॉ दीपक धनखड़ (Dr Deepak Dhankhar ) के अनुसार हाई ब्लड प्रेशर, शुगर, अत्यधिक एंटीबायोटिक व अत्यधिक पेनकिलर का सेवन लोगो को किडनी फेलियर जैसी जानलेवा बीमारियों की सौगात दे रहा है. इसी सिलसिले में हम मिले डॉ दीपक धनखड़ (Dr Deepak Dhankhar) के दो मरीजो से सोनी तिवारी जो भीलवाड़ा , राजस्थान की निवासी है व सुनीता देवी जो सोनीपत , हरियाणा की निवासी हैं.
सोनी तिवारी जी ने बताया कि उन्हें उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure) की समस्या हुई जिसके चलते उनकी किडनी खराब हो गई. जब धीरे धीरे उनका क्रिएटिनिन बढ़ते बढ़ते ज्यादा उच्च स्तर पर पहुंच गया तो उन्हें डायलिसिस करानी पड़ी. डायलिसिस से बचने के लिए उन्होंने होम्योपैथिक इलाज भी लिया लेकिन उन्हें कोई लाभ नहींं मिला, उस समय 10 दिसम्बर 2024 की रिपोर्ट में उनका क्रिएटिनिन लेवल 8.91mg/dl , यूरिया लेवल 127.9 mg/dl व हीमोग्लोबिन 5.5 gm/dl था. तब उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से डॉ दीपक धनखड़ (Dr Deepak Dhankhar) के बारे में पता चला व उन्होंने अपना आयुर्वेदिक इलाज प्रारंभ किया | उनके अनुसार कुछ दिनों के बाद ही उन्हें आराम मिलना शुरू हो गया था, जहाँ डायलिसिस कराने के बाद भी उनका क्रिएटिनिन कम होने का नाम नहींं ले रहा था. वहीं 8 फरवरी 2025 को उनका क्रिएटिनिन कम होकर 6.34 mg/dl , यूरिया लेवल 96.09 mg/dl व हीमोग्लोबिन 7.8 gm/dl हो गया, वह भी बिना किसी डायलिसिस के. सोनी तिवारी के अनुसार अब उनको डायलिसिस करवाए काफी समय हो गए है तथा उनका पोटैशियम व फास्फोरस का स्तर भी पूरी तरह से कंट्रोल में है. आयुर्वेदिक चिकित्सा लेने से पहले उनको भूख कम लगती थी, श्वास काफी फूलता था , कमजोरी रहती व प्रतिदिन बुखार आता था अब उनको इन सभी लक्षणों में भी लाभ है. उनके अनुसार डॉ दीपक धनखड़ (Dr Deepak Dhankhar) की आयुर्वेदिक दवाई उनके लिए अमृत साबित हुई है. उन्होंने कहा कि किडनी फेलियर से परेशान बाकी मरीजो को भी लाभ मिल सके इस लिए उन्होंने अपना अनुभव एक वीडियो के माध्यम से साझा भी किया है उनकी वीडियो डॉ दीपक धनखड़ (Dr Deepak Dhankhar ) के फेसबुक व इंस्टाग्राम अकाउंट पर उपलब्ध है.
सुनीता देवी जी की किडनी भी उच्च रक्तचाप से ही फ़ैल हुई है लेकिन उन्हें कभी डायलिसिस नहींं करानी पड़ी. सुनीता जी बताती है कि पहले वह होम्योपैथिक इलाज ले रही थी लेकिन उन्हें उस इलाज से बिलकुल भी लाभ नहींं हुआ उनका क्रिएटिनिन बढ़ते बढ़ते 9–जुलाई – 2024 की रिपोर्ट में 11.2 mg/dl हो गया था व उनका वजन मात्र 37 किलो रह गया था. क्यूंकि वो काफी लम्बे समय से परहेज कर रही थी उसके बाद ज्यादा कमजोरी की वजह से उन्हें ICU में भी एडमिट रहना पड़ा व उनके एलोपैथिक डॉक्टर ने उन्हें डायलिसिस या ट्रांसप्लांट की सलाह दी तभी उनके लड़के को फेसबुक के माध्यम से डॉ दीपक धनखड़ का पता चला , उन्हें सोनीपत के ही एक मरीज राजबीर की वीडियो दिखी और उस वीडियो को देखकर उन्हें डॉ दीपक धनखड़ से काफी उम्मीद लगी और अगले ही दिन उन्होंने अपना आयुर्वेदिक इलाज शुरू कर दिया. सुनीता जी के अनुसार धीरे धीरे उनका वजन भी बढ़ने लगा व क्रिएटिनिन , यूरिया भी कम होने लगे जहां पहले उनका क्रिएटिनिन 11.2 था वो 8 – अक्टूबर – 2024 को कम होकर 8.5 mg/dl व यूरिया 170.3 mg/dl हो गया | उनका क्रिएटिनिन व यूरिया यहीं नहींं रुका 25 – जनवरी – 2025 को ओर कम होकर क्रिएटिनिन 7.2 mg/dl व यूरिया 99 mg/dl हो गया. इलाज के दौरान उन्हें कभी भी डायलिसिस नहीं करानी पड़ी , उनका वजन जो पहले मात्र 37 किलो रह गया था वो अब 58 किलो हो चुका है और वो अपने परिणामो से काफी खुश हैं. उन्होंने कहा कि जिस उम्मीद से वो डॉ दीपक धनखड़ के पास आए थे उस से भी ज्यादा फायेदा उन्हें आयुर्वेदिक इलाज से हुआ.
डॉ दीपक धनखड़ (Dr Deepak Dhankhar) ने अनुसार सोनी तिवारी व सुनीता देवी दोनों के इलाज में मिली सफलता का मुख्य कारण मरीज के द्वारा समय से दवाई का सेवन किया जाना व ढंग से डाइट चार्ट का पालन करना है. डॉ दीपक धनखड़ (Dr Deepak Dhankhar ) के अनुसार रिकवरी सिर्फ तभी संभव है जब मरीज डॉक्टर की बात का अच्छे से पालन करे, दवाइयों को उनका असर दिखाने का समय दे , मनमानी करने वाले मरीज में कभी भी रिकवरी नहींं आती व ऐसा मरीज कभी भी डायलिसिस के चंगुल से नहींं निकल सकता.
(Disclaimer: एबीपी नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड और/या एबीपी लाइव किसी भी तरह से इस लेख की सामग्री और/या इसमें व्यक्त विचारों का समर्थन नहींं करता है. पाठक को विवेक की सलाह दी जाती है.)



















