क्या सुरक्षित नहीं हैं इलेक्ट्रिक स्कूटर? हाल ही में Ola S1 में लगी थी आग
यह पहली बार नहीं है जब किसी इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लगी हो. पहले भी स्कूटर में आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं.

यह पहली बार नहीं है जब किसी इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लगी हो. पहले भी स्कूटर में आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं. हालांकि यह कार घातक थी और ओला की ओर से अभी जवाब आना बाकी है. स्कूटर में आग की एक वीडियो वायरल हो रही है. घटना पुणे की है. वीडियो में दिख रहा है कि स्कूटर सड़क पर खड़ा है और उसमें से धुआं निकल रहा है. फिर, अचानक बड़ी लपटें उठने लगती हैं. यह कोई छोटी आग नहीं थी और गनीमत रही कि स्कूटर खड़ा था तथा मालिक सुरक्षित है. हालांकि, इससे एक बड़ा सवाल खड़ा होता है कि क्या आप इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदकर अपने जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं और क्या यह सुरक्षित हैं?
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के बारे में बातें हो रही हैं कि इसका कैसे भविष्य हैं. चिंता का मुख्य कारण कार/स्कूटर की बैटरी है. आग की ऐसी घटनाओं के बीच राइडर्स को खतरा है. बैटरी को हमारे गर्म वातावरण में काम करना पड़ता है. पहले भी आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं और इससे इन स्कूटरों की बैटरी को लेकर सवाल उठने लगे हैं. ओला स्कूटर में लगी आग शॉर्ट सर्किट या लिथियम-आयन बैटरी के अधिक गर्म होने के कारण हो सकती है. इस तरह के मामले गलत चार्जर और ओवरचार्जिंग से संबंधित हो सकते हैं लेकिन चूंकि स्कूटर को चार्ज नहीं किया गया था, तो आग ओवरहीटिंग और कूलिंग उपायों की कमी के कारण लगी हो सकती है.
ओला मामले की जांच कर रही है और हमें जल्द ही इसका सही कारण पता चल जाएगा लेकिन राइडर्स की सुरक्षा एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन जाता है. बैटरी को अच्छी तरह से इन्सुलेट किया जाना चाहिए और यह भी कि इसे कितनी अच्छी तरह ठंडा किया जाना चाहिए. इलेक्ट्रिक कारों या स्कूटरों या उपकरणों की बैटरी ठीक से नहीं बनाई गई हो या अपर्याप्त कूलिंग हो, तो इनमें आग लग सकती है. चिंता की बात यह है कि लिथियम आयन बैटरी से लगी आग को बुझाना लगभग नामुमकिन है. पहले धुएँ के निकलने के साथ सेल जलती हैं और आग की लपटों में बदल जाती हैं.
तो इससे कैसे निपटा जाए? हमें इन सबके मूल कारण को देखने की जरूरत है और वह है सेल्स के साथ-साथ बैटरी का होना. बहुत सारे इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के आने के साथ ही लिथियम आयन सेल्स आयात किए जाते हैं और भविष्य में ऐसी किसी भी घटना से बचने के लिए एक सख्त नियमन/तंत्र को लागू करने की आवश्यकता है. निर्माताओं की ओर से किसी भी उत्पाद को विभिन्न स्थितियों के बीच अच्छी तरह से टेस्ट किया जाना चाहिए. इतने सारे नए इलेक्ट्रिक टू व्हीलर निर्माता आ रहे हैं, ऐसे में कड़े नियम या ईवी सुरक्षा के लिए एक तंत्र स्थापित किया जाना चाहिए.
ओला स्कूटर में आग लगने का असली कारण कंपनी द्वारा जांच के बाद कुछ दिनों में सामने आना चाहिए. लेकिन, ऐसी घटनाओं से खरीदारों के मन में संदेह पैदा होता है. इलेक्ट्रिक स्कूटर चलाने में सस्ते हैं हालांकि उनकी सुरक्षा अब सवालों के घेरे में है.
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Source: IOCL



























