एक्सप्लोरर

अगस्त में बोएं ये सब्जी, सितंबर में होगी अच्छी कमाई

अगस्त में बोई जाने वाली तरोई-गिलकी सिर्फ 45 दिन में बंपर कमाई का मौका दे सकती है. जानें बारिश में मौसम में किस विधि से और किन किस्मों के बीजों से बढ़ेगा उत्पादन

देश में इन दिनों मानसून का मौसम चल रहा है. कई राज्यों में ठीक-ठाक बारिश हो चुकी है. तो कई जगहों पर बारिश कुछ जरूरत से ज्यादा हो रही है. बारिश का सिलसिला लंबा खिंच जाए तो बहुत से किसान अपनी खेती को लेकर काफी परेशानी में पड़ जाते हैं. लेकिन अगर पहले से ही इन बातों का ध्यान रखते हुए किसान कुछ तैयारी कर के चलें. तो यही बारिश किसानों के लिए कमाई का एक शानदार मौका साबित हो सकती है. अगस्त के महीने में अगर आप तरोई और गिलकी जैसी बेल वाली सब्जियों की बुवाई करते हैं. 

तो बेहद कम समय में आपकी जेब पैसों से भर सकती है. इन फसलों की सबसे बड़ी खूबी यह है कि बुवाई के महज 45 से 50 दिनों के भीतर इनकी पहली तुड़ाई शुरू हो जाती है. इसका सीधा मतलब यह हुआ कि सितंबर के आखिरी दिनों और अक्टूबर की शुरुआत में आपकी ताजा फसल सीधे मंडियों में बिकने के लिए तैयार हो जाएगी. इस दौरान लगातार बारिश की वजह से मंडियों में हरी सब्जियों की सप्लाई काफी घट जाती है. जिससे तरोई और गिलकी के अच्छे थोक भाव मिलते हैं.

इन तरीकों से उगाएं सब्जी

अगस्त के मौसम में तरोई और गिलकी से भरपूर पैदावार लेने के लिए पुराने तरीके के बजाय मचान विधि का इस्तेमाल करना सबसे ज्यादा फायदेमंद रहता है. खेत में बांस और लोहे के पतले तारों का ढांचा बनाकर जब बेलों को ऊपर चढ़ाया जाता है. तो पौधों को बराबर मात्रा में ताजी हवा और धूप मिलती है. इससे फल जमीन की नमी और कीचड़ के संपर्क में नहीं आते. 

जिससे फलों का रंग एकदम चमकदार हरा रहता है और उनकी लंबाई और क्वालिटी भी बेहतरीन बनी रहती है. इसके साथ ही बारिश के सीजन में खेतों में जलभराव सबसे बड़ा खतरा होता है. इससे बचने के लिए पौधों को हमेशा ऊंची मेड़ बनाकर ही लगाएं और खेत में पानी के निकलने का पूरा इंतजाम रखें जिससे कि फंगल इन्फेक्शन और जड़ सड़न की बीमारी का खतरा बिल्कुल भी न रहे.


अगस्त में बोएं ये सब्जी, सितंबर में होगी अच्छी कमाई

बढ़िया उत्पादन के लिए चुनें यह हाइब्रिड किस्में

किसी भी सब्जी की खेती में सही बीज का चुनाव बहुत जरूरी होता है. अगर आप चाहते हैं कि कम समय में पौधों से ज्यादा से ज्यादा फल आएं तो हमेशा उन्नत और अगेती हाइब्रिड किस्मों ही लें. तरोई और गिलकी की खेती के लिए वीएनआर आलोक, वीएनआर मोहिनी, जेके 710 और पूषा स्नेहा जैसी अगेती किस्में सबसे बेहतरीन मानी जाती हैं. यह किस्में न सिर्फ भारी बारिश को आसानी से झेल लेती हैं. 

बल्कि इनमें रोगों से लड़ने की ताकत भी काफी ज्यादा होती है. इन किस्मों की रोपाई करने से पौधों में तेजी से बेलें और कल्ले निकलते हैं. जिससे हर गांठ पर ढेरों फूल और फल सेट होते हैं. सही बीजों को चुनने से ही आपकी फसल की पहली तुड़ाई समय पर होती है और पूरे सीजन लगातार बढ़िया पैदावार मिलती रहती है.

अगस्त में बोएं ये सब्जी, सितंबर में होगी अच्छी कमाई

यह भी पढ़ें: धान की फसल पर पीले धब्बे, इस रोग की दस्तक

इन बातों का रखें ध्यान

पौधों की तेज बढ़वार और लंबे समय तक लगातार फल लेने के लिए शुरुआत से ही सही खाद देना बेहद जरूरी है. खेत की तैयारी के समय अच्छी तरह सड़ी हुई देसी गोबर की खाद मिट्टी में मिलाएं और जरूरत के हिसाब से संतुलित मात्रा में एनपीके का इस्तेमाल करें. बारिश के मौसम में बेल वाली सब्जियों पर लाल कद्दू बीटल, रस चूसने वाले थ्रिप्स, सफेद मक्खी और फल मक्खी का हमला तेजी से होता है. 

सफेद मक्खी और थ्रिप्स वायरस फैलाते हैं. जबकि फल मक्खी फलों के अंदर अंडे देकर उन्हें सड़ा देती है. इन कीटों से बचाव के लिए खेत में पीला और नीला स्टिकी ट्रैप लगाएं और समय-समय पर नीम के तेल का नियमित छिड़काव करते रहें. अगर कीटों का प्रकोप ज्यादा दिखे तो जरूरत के हिसाब से कीटनाशक का हल्का स्प्रे करें.

यह भी पढ़ें: ट्रैक्टर खरीदने पर 2.45 लाख रुपये की सब्सिडी, जानें तरीका

About the author नीलेश ओझा

नीलेश ओझा पिछले पांच साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उनकी लेखन शैली में तथ्यों की सटीकता और इंसानी नजरिए की गहराई दोनों साथ-साथ चलती हैं.पत्रकारिता उनके लिए महज़ खबरें इकट्ठा करने या तेजी से लिखने का काम नहीं है. वह मानते हैं कि हर स्टोरी के पीछे एक सोच होनी चाहिए.  

कुछ ऐसा जो पाठक को सिर्फ जानकारी न दे बल्कि सोचने के लिए भी मजबूर करे. यही वजह है कि उनकी स्टोरीज़ में भाषा साफ़ होती है.लिखने-पढ़ने का शौक बचपन से रहा है. स्कूल की नोटबुक से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे पेशेवर लेखन और पत्रकारिता तक पहुंचा. आज भी उनके लिए लेखन सिर्फ पेशा नहीं है यह खुद को समझने और दुनिया से संवाद करने का ज़रिया है.

पत्रकारिता के अलावा वह साहित्य और समकालीन शायरी से भी गहराई से जुड़े हुए हैं. कभी भीड़ में तो कभी अकेले में ख्यालों को शायरी की शक्ल देते रहते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता का काम सिर्फ घटनाएं गिनाना नहीं है. बल्कि पाठक को उस तस्वीर के उन हिस्सों तक ले जाना है. जो अक्सर नजरों से छूट जाते हैं.

उन्होंने स्पोर्ट्सविकी, क्रिकेट एडिक्टर, इनशॉर्ट्स और जी हिंदुस्तान जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

गेहूं का MSP बढ़ा, लेकिन इससे किसानों की कमाई कितनी बढ़ेगी?
गेहूं का MSP बढ़ा, लेकिन इससे किसानों की कमाई कितनी बढ़ेगी?
5 बकरियों से शुरू करें बकरी पालन, जानें सब्सिडी से कमाई तक पूरा हिसाब
5 बकरियों से शुरू करें बकरी पालन, जानें सब्सिडी से कमाई तक पूरा हिसाब
बिहार में कब से बिकेगा धान? जानें तारीख और MSP से जुड़ी जरूरी बातें
बिहार में कब से बिकेगा धान? जानें तारीख और MSP से जुड़ी जरूरी बातें
गेहूं की बुआई से पहले खेत में ये काम जरूर करें किसान, जान लें जरूरी बात
गेहूं की बुआई से पहले खेत में ये काम जरूर करें किसान, जान लें जरूरी बात
Advertisement

वीडियोज

ABP News: किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने वालों की घंटी बजाओ | Ghanti Bajao
CJP Delhi Protest: अराजकता-अव्यवस्था जिम्मेदार कौन? | Gyanesh Kumar | Congress | Gyanesh Kumar
Kolkata Stampede News: कोलकाता में घायलों से अस्पताल मिलने पहुंचे शुभेंदु! | Breaking News | Puja
Janhit | Congress Protest | Gyanesh Kumar: विरोध के नाम पर 'अराजकता'..क्या सही है ? | Neha Bora
रेलवे स्टेशन पर 510 रुपए का 'घमासान' !
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
हिरासत से रिहा होने के बाद अभिजीत दीपके ने लिखा पोस्ट- ‘मुझे पता था कि...’
हिरासत से रिहा होने के बाद अभिजीत दीपके ने लिखा पोस्ट- ‘मुझे पता था कि...’
'...तो आत्महत्या कर लेना ही बेहतर है', उद्धव ठाकरे ने क्यों कही ये बात?
'...तो आत्महत्या कर लेना ही बेहतर है', उद्धव ठाकरे ने क्यों कही ये बात?
'जेलर 2' बनी 2026 की तीसरी हाईएस्ट ग्रॉसर तमिल फिल्म, तोड़ा टॉप 7 फिल्मों का रिकॉर्ड
'जेलर 2' बनी 2026 की तीसरी हाईएस्ट ग्रॉसर तमिल फिल्म, तोड़ा टॉप 7 फिल्मों का रिकॉर्ड
पांचवां टी20 रद्द होने के बाद क्या बोले अय्यर और होप, पढ़ें भारत-वेस्टइंडीज कप्तान के बयान
पांचवां टी20 रद्द होने के बाद क्या बोले अय्यर और होप, पढ़ें भारत-वेस्टइंडीज कप्तान के बयान
कोलकाता: पूजा पंडाल हादसे में 17 लोगों की मौत
कोलकाता: पूजा पंडाल हादसे में 17 लोगों की मौत
पुराने गैजेट्स को न समझें बेकार! इन 5 तरीकों से फिर आएंगे काम
पुराने गैजेट्स को न समझें बेकार! इन 5 तरीकों से फिर आएंगे काम
UPPSC LT ग्रेड रिजल्ट जारी, 218 अभ्यर्थियों का हुआ चयन
UPPSC LT ग्रेड रिजल्ट जारी, 218 अभ्यर्थियों का हुआ चयन
प्रदर्शन के कारण नहीं हुई बिक्री तो कैसे मिलेगा मुजावजा, क्या हैं नियम?
प्रदर्शन के कारण नहीं हुई बिक्री तो कैसे मिलेगा मुजावजा, क्या हैं नियम?
Embed widget