यूपी की बीसी सखी योजना, महिलाओं को कब-कब कितने रुपए मिलते हैं?
उत्तर प्रदेश की बीसी सखी योजना ग्रामीण महिलाओं को गांव में बैंकिंग सेवाएं देकर कमाई का मौका देती है. इसमें शुरुआती छह महीने हर महीने 4,000 रुपये मानदेय मिलता है, बाद में कमीशन से कमाई होती है.

अगर आप उत्तर प्रदेश में रहती हैं और घर के पास रहकर कमाई करना चाहती हैं, तो बीसी सखी योजना आपके काम आ सकती है. इस योजना के तहत गांव की महिलाओं को बैंकिंग सेवाओं से जोड़कर रोजगार का मौका दिया जाता है. इसके लिए महिलाओं को शुरुआत में छह महीने तक हर महीने 4,000 रुपये का मानदेय दिया जाता है. हालांकि, इसके बाद उनकी कमाई बैंकिंग लेन-देन पर मिलने वाले कमीशन से होती है.
उत्तर प्रदेश सरकार की इस योजना का खास मकसद गांवों में बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाने के साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस योजना के तहत महिलाओं को कितने रुपये मिलते हैं, कमाई कैसे होती है और इसके लिए आवेदन कैसे कर सकते हैं.
क्या है यूपी की बीसी सखी योजना?
बीसी सखी का मतलब बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट सखी (Banking Correspondent Sakhi) है. उत्तर प्रदेश में यह योजना राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित की जाती है. इस योजना से जुड़ी महिलाएं माइक्रो-एटीएम और अन्य डिजिटल उपकरणों की मदद से गांव में ही बैंकिंग सेवाएं देती हैं. इससे सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि ग्रामीणों को पैसे निकालने या जमा करने जैसे कामों के लिए बार-बार बैंक शाखा जाने की जरूरत कम होती है.
बीसी सखी योजना में कब और कितने रुपये मिलते हैं?
- पहले छह महीने का मानदेय: चयन के बाद शुरुआती छह महीने तक पात्र बीसी सखी को हर महीने 4,000 रुपए दिए जाते हैं. इस तरह छह महीने में कुल 24,000 रुपए मिलते हैं.
- बैंकिंग डिवाइस के लिए सहायता: बैंकिंग सेवाएं देने के लिए माइक्रो-एटीएम और दूसरे डिजिटल उपकरणों की जरूरत होती है. इनके लिए 50,000 रुपए की सहायता या ऋण मिलने का दावा किया जाता है. हालांकि, इसकी पात्रता, रकम और शर्तों की पुष्टि संबंधित विभाग या बैंक से करना जरूरी है. इसलिए इसे हर महिला को मिलने वाली जरूरी नकद सब्सिडी न समझें.
- लेन-देन पर कमीशन: शुरुआती छह महीने के बाद कमाई मुख्य रूप से बैंकिंग लेन-देन पर मिलने वाले कमीशन पर डिपेंड होती है. यह रकम किए गए काम और लेनदेन के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है.
बीसी सखी योजना के लिए कौन कर सकता है आवेदन?
- आवेदक उत्तर प्रदेश की ग्रामीण महिला होनी चाहिए.
- महिला का स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ा होना और कम से कम 10वीं पास होना.
- स्मार्टफोन और डिजिटल उपकरण चलाने की जानकारी होना काम में मददगार है.
- इसकी चयन संबंधित क्षेत्र में उपलब्ध पदों और निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर किया जाता है.
बीसी सखी योजना में कैसे करें आवेदन?
- सबसे पहले ग्रामीण आजीविका मिशन की आधिकारिक पोर्टल bcsakhi.upsrlm.org पर योजना और भर्ती से जुड़ी जानकारी देखें.
- अपने जिले में उपलब्ध पदों और पात्रता की जानकारी जरूर जांचें.
- आवेदन की प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज और प्रशिक्षण से जुड़ी शर्तें ध्यान से पढ़ें.
- चयन होने पर निर्धारित शर्तों को पूरा करें और संबंधित बैंक के निर्देशों के मुताबिक काम शुरू करें.
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