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वो घायल फौजी जिनसे आर्मी ने मुंह मोड़ लिया!
ऐसे हजारों कैडेट्स हैं, जो फौज में शामिल तो हुए लेकिन ट्रेनिंग के दौरान घायल होकर सेना से बाहर हो गए. न तो वो कभी अधिकारी बन पाए और न ही उनकी ज़िंदगी कभी नॉर्मल हो पाई. कायदे से तो सेना को इनकी देखरेख करनी चाहिए थी, लेकिन फौज ने इनके प्रति बेरुखी दिखाई और अब ये सेना की इस पॉलिसी के खिलाफ मुखर हो गए हैं. मिलिए ऐसे ही फौजियों से जिन्होंने कड़ी मेहनत की, परीक्षा पास की और फौज के अधिकारी बनने के लिए ट्रेनिंग में चले गए. सख्त ट्रेनिंग के दौरान चोटिल हुए और दिव्यांग हो गए. इसके बाद ऐसे लोग सेना के लिए बेकार हो गए और फिर सेना ने इनसे मुंह मोड़ लिया. देखिए नीरज राजपूत की स्पेशल रिपोर्ट.
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