AMU में छात्र संघ चुनाव की मांग पर 16वें दिन भी भूख हड़ताल, बढ़ा विवाद
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर छात्रों का प्रदर्शन लगातार 16वें दिन भी जारी है. छात्र नेता यासिर फहद की सेहत बिगड़ रही है.

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार 16वें दिन भी जारी है. छात्र नेता यासिर फहद पिछले 16 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे हैं. छात्रों का आरोप है कि अभी तक न तो एएमयू की कुलपति ने उनसे मुलाकात की है और न ही छात्र संघ चुनाव को लेकर कोई आश्वासन दिया गया है.
इसे लेकर छात्रों में भारी नाराजगी है. रात एएमयू के एक गर्ल्स हॉस्टल में भी लड़कियों ने शोर मचाकर छात्र संघ चुनाव की मांग को समर्थन किया. देर रात एएमयू की प्रोक्टोरियल टीम डक पॉइंट पर भूख हड़ताल पर बैठे छात्र को हटाने के लिए डक पॉइंट पर पहुंची थी, लेकिन छात्रों के विरोध के चलते उन्हें वापस लौटना पड़ा.
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JNU छात्र संघ के नेताओं ने दिया समर्थन
बता दें कि छात्र संघ चुनाव की बहाली की मांग को लेकर एएमयू कैंपस में छात्र लगातार धरने पर बैठे हैं. इसी कड़ी में कल JNU छात्र संघ से जुड़े छात्र नेता भी एएमयू पहुंचे और धरने पर बैठे छात्रों को अपना समर्थन दिया. वहीं देर रात मामला तब गरमा गया जब एएमयू के प्रॉक्टर नावेद खान मेडिकल टीम के साथ धरना स्थल पर पहुंचे और भूख हड़ताल पर बैठे यासिर फहद को मेडिकल ले जाने की कोशिश की. छात्रों ने इसका विरोध किया और मेडिकल टीम को छात्र को ले जाने नहीं दिया. छात्रों का कहना है कि प्रशासन उनकी मांग मानने की जगह धरने को खत्म कराने की कोशिश कर रहा है.
प्रॉक्टर ने छात्र की सेहत को लेकर जताई चिंता
एएमयू प्रॉक्टर नावेद खान ने बताया कि हटाने का प्रयास नहीं है, हमारे पास मेडिकल कॉलेज से एक लेटर रिसीव हुआ है, इनका ब्लड प्रेशर लो है, कैल्शियम और पोटेशियम की कमी है. डॉक्टर्स ने इन्हें इमीडिएटली इवैक्यूएट करके स्टेबलाइज करने को कहा है. लेकिन आस-पास के लोगों ने हमें इन्हें ले जाने नहीं दिया. मेडिकल कॉलेज की पूरी टीम, MS, CMO, एंबुलेंस सब आए थे. हमने एश्योरेंस दिया है कि इनकी जगह कोई और बैठ जाए, धरने को कोई डिस्टर्ब नहीं करेगा, बस 2-3 घंटे के लिए इन्हें स्टेबलाइज होने दीजिए.
प्रॉक्टर ने कहा कि छात्र की जिंदगी उनके लिए ज्यादा अहम है और उनकी जान को खतरा नहीं होने दिया जाएगा. साथ ही उन्होंने अफवाह फैलाने वालों को चेतावनी दी कि धरने को जबरदस्ती खत्म कराने की कोई कोशिश नहीं की जा रही है. वहीं छात्रों ने साफ कहा है कि जब तक छात्र संघ चुनाव की तारीख का ऐलान नहीं होता, तब तक उनका धरना और भूख हड़ताल जारी रहेगी.
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