दिल्ली में बिल्डिंग गिरी, चश्मदीद ने कहा, 'जो छात्र अपने कमरों के...'
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में बिल्डिंग गिरने के बाद कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है. इसमें PG चलता था. एक चश्मदीद ने बताया कि जो छात्र अपने कमरों के अंदर थे, वे सभी मलबे के नीचे दब गए.

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में बड़ा हादसा हुआ है. यहां एक इमारत भरभारकर गिर गई, जिसमें मलबे के नीचे कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है. यह हादसा मोतीबाग इलाके में सत्य निकेतन स्थित शिव मंदिर के पास हुआ है. एक चश्मदीद ने जानकारी देते हुए बताया कि जो बिल्डिंग गिरी है, उसका नाम 'हॉस्टल डेज' है. ठीक उसके बगल में एक और इमारत भी गिरी है. 'हॉस्टल डेज' खास तौर पर लड़कों का PG है. यह पांच फ्लोर की बिल्डिंग है.
चश्मदीद ने आगे बताया, ''जो छात्र अपने कमरों के अंदर थे, वे सभी मलबे के नीचे दब गए. बाहर जो बच्चे थे उनके बारे में पता नहीं है. फंसे हुए छात्रों की सही संख्या का पता रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड देखने के बाद ही चलेगा. मलबे के कारण बिल्डिंग का एंट्रेंस ब्लॉक हो चुका है. फायर ब्रिगेड और बचाव दल इमारत गिरने के बाद से ही लोगों को बाहर निकालने की पूरी कोशिश कर रहे हैं. कई छात्र गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं. कई के पैर कटे हुए हैं. बचावकर्मी उन्हें बहुत मुश्किल से बाहर निकाल रहे हैं.
#WATCH | Delhi: On the building collapse near Satya Niketan in South-West Delhi, an eyewitness says, "The building that collapsed is called 'Hostel Daze'. Right next to it is another building that collapsed. 'Hostel Daze' is a dedicated boys' PG; it was a five-story building. The… pic.twitter.com/fGmK1WOrgq
— ANI (@ANI) September 6, 2026
शुरुआत में जोरदार आवाज हुई- छात्रा
सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद एक स्थानीय छात्रा ने कहा, "शुरुआत में जोरदार आवाज़ हुई, और उसके तुरंत बाद एम्बुलेंस के सायरन बजने लगे. जब हम बाहर भागे, तो हमने देखा कि कई एम्बुलेंस वहां पहुंच रही थीं. फिर हमने अपनी आंखों के सामने शवों को बाहर ले जाते देखा. हम उम्मीद कर रहे हैं कि फंसे हुए सभी लोग सुरक्षित हों. मेरा पहला सवाल यह है कि अगर इस पूरे इलाके में PG हैं, तो अभी एक भी PG का साइनबोर्ड क्यों नहीं दिख रहा है? बोर्ड कहां गए? हम यहां काफी देर से खड़े हैं. इस गली में मौजूद दूसरे PG को अचानक खाली करा दिया गया है और छात्रों को वहां से भेज दिया गया है."
Delhi: On the Satya Niketan building collapse, a resident says, "Initially, there was a tremendous crashing sound, followed shortly by the blaring sirens of ambulances. When we rushed outside, we saw numerous ambulances arriving at the scene. We then watched bodies being carried… pic.twitter.com/9aviIE149l
— IANS (@ians_india) September 6, 2026
उन्होंने आगे कहा, ''स्टूडेंट का हॉस्टल बनता है तो उसमें कम से कम दो गेट होते हैं. ताकि कोई भी इमरजेंसी आए तो बच्चा दूसरे गेट से निकल जाए. छोटी सी जगह में ऊंची-ऊंची बिल्डिंग खड़ी है. बोला जा रहा है कि पीजी के नीचे काम चल रहा था. बहुत दिन से काम चल रहा था. प्रशासन के लोग कहां थे? कहने को तो बारिश को भी दोष दे दिया जाता है. बिना किसी से पूछे कंस्ट्रक्शन का काम किया जाता है. सिविल इंजीनियर क्यों बैठे हैं?''
मलबे में करीब 30 से 40 छात्रों के फंसे होने की आशंका- स्थानीय
सत्य निकेतन में गिरी बिल्डिंग वाली जगह पर मौजूद एक स्थानीय व्यक्ति ने जानकारी देते हुए बताया, "हम घर पर थे, लेकिन जैसे ही हमें खबर मिली कि सत्य निकेतन में 'हॉस्टल डेज' नाम का एक PG था, वो गिर गया है और मलबे के नीचे करीब 30 से 40 छात्रों के फंसे होने की आशंका है. हम तुरंत यहां पहुंचे क्योंकि हमारे कुछ दोस्त भी वहां रह रहे थे. हालात बहुत बुरे हैं. गलियां पतली हैं जिसमें जेसीबी भी नहीं जा पा रहा है. राहत और बचाव का काम शुरू हो गया है, लेकिन चूंकि एक बड़ी बिल्डिंग गिरी है, इसलिए बहुत ज्यादा लोगों के हताहत होने की आशंका है.
Delhi: A local at the Satya Niketan building collapse site says, "We were at home just a little while ago, but as soon as we received the news that a PG named 'Hostel Daze' in Satya Niketan had collapsed, with reports that around 30 to 40 students might be trapped beneath the… pic.twitter.com/IggD4DwfQR
— IANS (@ians_india) September 6, 2026
घटनास्थल पर दमकल की कई गाड़ियां मौजूद
हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया है. प्रशासन के कई बड़े अधिकारी हादसे वाली जगह पर मौजूद हैं. अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल पर दमकल की पांच गाड़ियां और पुलिस की टीम भेजी गई हैं. बचाव अभियान जारी है. घटना के बाद आपातकालीन कर्मी मौके पर पहुंचे. मलबे में फंसे लोगों की संख्या के साथ ही हादसे से हुए नुकसान का पता लगाने के लिए राहत और बचाव कार्य शुरू किया. दिल्ली फायर ब्रिगेड ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें इस घटना की जानकारी दोपहर 1:30 बजे मिली थी.
दिल्ली में इमारत ढही, सीएम रेखा गुप्ता बोलीं- सभी एजेंसियां मौके पर





















