एक्सप्लोरर

Bihar News: प्रशांत किशोर ने आपराधिक आरोपों से संबंधी विधेयक का किया समर्थन, कहा- बिल्कुल ठीक है

Prashant Kishor: प्रशांत किशोर ने कहा कि जिन्होंने हमारा संविधान बनाया था, उन्हें शायद इस बारे में पता ही नहीं होगा कि सत्ता में बैठे लोग इतने भ्रष्ट हो जाएंगे. उन्होंने इस बिल का समर्थन किया है.

मॉनसून सत्र के दौरान लोकसभा में बुधवार को मंत्रियों पर गंभीर आपराधिक आरोपों से संबंधित विधेयक पेश कि गए, जिसका कई विपक्षी पार्टियों ने विरोध किया. इस पर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने अभी अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा कि ये बिल्कुल ठीक है. प्रशांत किशोर ने इस बिल के समर्थन में अपने विचार रखे. 

विधेयक पर प्रशांत किशोर का क्या है कहना?

गंभीर आपराधिक आरोपों में फंसे प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को हटाने संबंधी विधेयक पर प्रशांत किशोर ने कहा, "यह बिल इसलिए लाया जा रहा है कि जब संविधान बना होगा तब जिन्होंने हमारा संविधान बनाया था उन्हें शायद इस बारे में पता ही नहीं होगा कि सत्ता में बैठे लोग इतने भ्रष्ट हो जाएंगे कि उन्हें जेल जाना पड़ेगा, जहां तक मैं समझता हूं कि यह बिल्कुल ठीक है कि अगर आप पर कोई आरोप लग रहा है और आप जेल जा रहे हैं तो आप जेल में बैठकर सत्ता नहीं चला सकते हैं." 

बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक पेश किए. ये विधेयक भ्रष्टाचार या गंभीर आपराधिक आरोपों में 30 दिनों से ज़्यादा समय तक हिरासत में रहने वाले प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को पद से हटाने के लिए कानूनी ढांचा प्रदान करता है.

यह विधेयक गंभीर अपराधों में 5 साल या उससे ज़्यादा की सजा पाने वाले या आरोप में 30 दिनों तक हिरासत में रहने वाले प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्रियों को पद से हटाने का प्रावधान करता है. इसका उद्देश्य संवैधानिक नैतिकता और सुशासन सुनिश्चित करना है. यह विधेयक केंद्र शासित प्रदेशों में भी समान प्रावधान लागू करने का प्रयास करता है, ताकि सुशासन और जनता का विश्वास बना रहे.

विधेयक का कई राजनीतिक दलों ने किया विरोध

हालांकि इस विधेयक का कई राजनीतिक दलों ने विरोध भी किया है और इसे असंवैधानिक बताया है. कई सांसदों ने इसे गलत माना है और कहा कि वे इस बिल का विरोध करेंगे. यह संविधान के खिलाफ है. बीजेपी हर चीज अपने हाथों में ले रही है. वो यह भूल रही है कि वे हमेशा सत्ता में नहीं रहेगी. 

ये भी पढ़ें: गंभीर आपराधिक मामलों से जुड़े विधेयक पर मनोज झा ने कह दी बड़ी बात, JDU का विपक्ष पर तंज

नसरीन फातमा को डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 10 साल का अनुभव है. राजनीतिक और समाजिक मुद्दों के अलावा  इंटरनेशनल पॉलिटिक्स की अच्छी समझ रखती हैं. ग्राउंड रिपोर्टिंग के अनुभव के साथ अखबारों में लेख प्रकाशित हुए हैं. इस समय एबीपी लाइव में कार्यरत हैं.
Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

जंतर-मंतर का प्रोटेस्ट सफल रहा? प्रशांत किशोर का बड़ा बयान
जंतर-मंतर का प्रोटेस्ट सफल रहा? प्रशांत किशोर का बड़ा बयान
बिहार में 5 IPS समेत 6 अधिकारियों का तबादला, रत्न संजय को मिली कानून व्यवस्था की कमान
बिहार में 5 IPS समेत 6 अधिकारियों का तबादला, रत्न संजय को मिली कानून व्यवस्था की कमान
जंतर-मंतर का प्रदर्शन 'फेल' हुआ तो कन्हैया कुमार भड़के, 'एक बात...'
जंतर-मंतर का प्रदर्शन 'फेल' हुआ तो कन्हैया कुमार भड़के, 'एक बात...'
'कॉक्रोच-झींगुर से नहीं डरते', इस केंद्रीय मंत्री ने कहा- मोदी और शाह शेर
'कॉक्रोच-झींगुर से नहीं डरते', इस केंद्रीय मंत्री ने कहा- मोदी और शाह शेर

वीडियोज

CJP का 'चलो दिल्ली' मार्च...पूरी तरह फ्लॉप!
फसल तबाह...कौन देगा सहारा? महाराष्ट्र से राजस्थान...परेशान किसान
'वोट चोरी' पर सियासत...हल है हिरासत!
सख्ती का असर...'जंतर-मंतर 2.0' बेअसर!
SIR पर लड़ाई...मीर जाफर तक कैसे आई? बड़ा विश्लेषण

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, 5 की मौत; 10 घर-20 दुकानों को किया आग के हवाले
मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, 5 की मौत; 10 घर-20 दुकानों को किया आग के हवाले
जंतर-मंतर का प्रोटेस्ट सफल रहा? प्रशांत किशोर का बड़ा बयान
जंतर-मंतर का प्रोटेस्ट सफल रहा? प्रशांत किशोर का बड़ा बयान
रणजी ट्रॉफी में कुल कितनी टीमें हिस्सा लेती हैं? इस बार क्या है नया; जानें A टू Z डिटेल्स
रणजी ट्रॉफी में कुल कितनी टीमें हिस्सा लेती हैं? इस बार क्या है नया; जानें A टू Z डिटेल्स
'एक बार तो जेल जाना है...', मुंबई प्रोटेस्ट में एक्टर इमरान खान हुए डिटेन, साथ में दिखीं गर्लफ्रेंड
'एक बार तो जेल जाना है...', मुंबई प्रोटेस्ट में एक्टर इमरान खान हुए डिटेन, साथ में दिखीं गर्लफ्रेंड
CJP का चौंकाने वाला दावा, '10 घंटे हो गए, कहां हैं अभिजीत दीपके?'
CJP का चौंकाने वाला दावा, '10 घंटे हो गए, कहां हैं अभिजीत दीपके?'
'संदेह नहीं सबूत', चुनाव आयोग के बचाव में उतरे 124 नौकरशाह, लिखा ओपन लेटर
'संदेह नहीं सबूत', चुनाव आयोग के बचाव में उतरे 124 नौकरशाह, लिखा ओपन लेटर
धमाके से दहला सऊदी का रियाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, दो दिन पहले अटैक में 3 की हुई थी मौत
धमाके से दहला सऊदी का रियाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, दो दिन पहले अटैक में 3 की हुई थी मौत
दुनिया के टॉप 25 बिजनेस स्कूल में भारत के 4 संस्थान, इन कॉलेजों ने बनाई जगह
दुनिया के टॉप 25 बिजनेस स्कूल में भारत के 4 संस्थान, इन कॉलेजों ने बनाई जगह
Embed widget