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PK की पहली जीत! प्रशांत किशोर ने बताया आगे का प्लान, कहा- 'मुझे बेऊर जेल में नहीं रखा गया क्योंकि...'

Prashant Kishor: प्रशांत किशोर ने कहा कि जन बल के आगे कोई बल नहीं है. एक तरह से उन लोगों की बात को सही साबित किया गया है कि गांधी मैदान में बैठकर शांतिपूर्ण सत्याग्रह कानून का उल्लंघन नहीं है.

Prashant Kishor News: प्रशांत किशोर को सोमवार (06 जनवरी, 2025) की देर शाम बिना शर्त के सिविल कोर्ट से जमानत दे दी गई. इसके पहले पुलिस उन्हें बेऊर जेल लेकर पहुंची थी, लेकिन जेल के अंदर जाने से पहले ही कोर्ट की ओर से फाइनल ऑर्डर आ गया जिसमें बिना शर्त के जमानत की बात कही गई थी. एक तरह से प्रशांत किशोर की यह पहली जीत मानी जा रही है. इसके बाद प्रशांत किशोर ने देर शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस की. पत्रकारों से पीके ने कहा कि उनका अनशन जारी था, जारी है और जारी रहेगा.

प्रशांत किशोर ने कहा कि पुलिस के तमाम प्रयासों के बाद भी उन्होंने आज (सोमवार) दिन भर पानी पर ही बिताया है. उन्होंने कहा कि युवा संघर्ष समिति की आज (सोमवार) रात में बैठक होगी. अनशन की जगह और स्वरूप की घोषणा वे कल (मंगलवार) करेंगे. 

प्रशांत किशोर ने कहा, "हम लोगों के अनुरोध को स्वीकार करते हुए कोर्ट की ओर से बिना शर्त जमानत दे दी गई. मैं अपनी बातों में हमेशा कहता हूं कि जन बल के आगे कोई बल नहीं है. एक तरह से आश्चर्यजनक बात है कि प्रशांत किशोर को पुलिस ने डिटेन किया, पुलिस के अनुसार कोर्ट ने हम लोगों को कंडीशनल (शर्त के साथ) बेल दिया. हम लोगों ने इसे मानने से इनकार किया. जेल जाना स्वीकार किया."

जेल में नहीं रखा गया क्योंकि पुलिस के पास नहीं था पेपर

आगे कहा, "पुलिस मुझे बेऊर जेल ले गई. मुझे बेऊर जेल में नहीं रखा गया क्योंकि पुलिस के पास पेपर ही नहीं था. वो पेपर के इंतजार में बैठे रहे. कोर्ट की ओर से फाइनल निर्णय आया क्योंकि फिर से केस की बहस हुई. कोर्ट ने हम लोगों की बातों का संज्ञान में लेते हुए अनकंडीशनल (बिना शर्त के) बेल दिया है. पुलिस पर टिप्पणी की है. एक तरह से हम लोगों की उस बात को सही साबित किया है कि गांधी मैदान में बैठकर शांतिपूर्ण सत्याग्रह किसी कानून का उल्लंघन नहीं है."

सैकड़ों पुलिस वाले जन सुराजी मिले… डॉक्टर भी जन सुराज से जुड़े

प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि पूरे दिन के घटनाक्रम में बहुत सारे अनुभव में उन्होंने देखा कि सैकड़ों ऐसे पुलिस वाले हैं जो पहले से जनसुराजी हैं. वे एम्स गए तो वहां भी डॉक्टर ने कहा कि वो तीन साल से जन सुराज से जुड़े हुए हैं. 

पीके ने आगे कहा, "एम्स के डॉक्टरों ने मुझे भर्ती नहीं किया क्योंकि पुलिस के पास कागज नहीं था. पुलिस एम्स से निकालकर ले गई और पांच घंटे एंबुलेंस में घुमाती रही. कोई तैयार नहीं हुआ कि फर्जी तरीके से कागज बनाए. फतुहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों को सलाम करता हूं कि पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्होंने फिटनेस सर्टिफिकेट जारी नहीं किया." 

पीके ने आगे कहा, "जब फतुहा से पुलिस वाले पटना लेकर आ रहे थे तो तीन से चार पुलिसकर्मियों ने बताया कि सर जो आप लड़ाई लड़ रहे हैं हम लोग भी बीपीएससी के अभ्यर्थी रहे हैं. जो आप काम कर रहे हैं बच्चों के भले के लिए कर रहे हैं. हम लोग नौकरी से बंधे हैं, लेकिन आपका समर्थन करते हैं. कोर्ट में ज्यादातर लोगों ने कहा कि बिल्कुल झुकने या डरने की जरूरत नहीं है. मैं बिहार के हर उस आदमी को धन्यवाद देता हूं जिसने आज की लड़ाई में जन सुराज की विचारधारा, सत्यता और सत्याग्रह पर हम लोगों की मदद की."

दूसरी ओर प्रशांत किशोर ने अंत में कहा कि बीपीएससी के मामले मे वे हाई कोर्ट जाएंगे. बिहार लोक सेवा आयोग का घोटाला हजार करोड़ का है. एक-दो दिन में वे हाई कोर्ट में याचिका डालेंगे.

क्या है पूरा मामला?

बता दें कि दो जनवरी से प्रशांत किशोर पटना के गांधी मैदान में बापू मूर्ति के नीचे आमरण अनशन पर बैठे थे. सोमवार की सुबह करीब चार बजे पुलिस उन्हें यहां से उठाकर ले गई थी. बाद में गिरफ्तारी की पुष्टि पटना के डीएम चंद्रशेखर सिंह की ओर से की गई थी. अब पीके ने साफ कर दिया है कि वे किसी हाल में रुकने वाले नहीं हैं.

यह भी पढ़ें- प्रशांत किशोर पर तेजस्वी यादव का बड़ा बयान, कौन रच रहा साजिश? इशारों में बता गए

सक्रिय पत्रकारिता में अजीत कुमार लगभग 10 वर्षों से कार्यरत हैं. वर्ष 2016 में दैनिक जागरण समाचार-पत्र से इन्होंने ट्रेनी सब-एडिटर के रूप में अपनी पारी की शुरुआत पटना से की. देश के कई बड़े मीडिया संस्थानों में इन्होंने अपनी सेवाएं दी हैं, जिनमें दैनिक जागरण, ईटीवी भारत, दैनिक भास्कर आदि शामिल हैं.

वर्तमान में इनका कार्यक्षेत्र बिहार है और ये एबीपी लाइव में 'चीफ कॉपी एडिटर' के पद पर कार्यरत हैं. एबीपी डिजिटल के बिहार सेक्शन को लीड करते हैं. बिहार की खबरों पर इनकी पैनी नजर रहती है चाहे वह राजनीतिक घटनाक्रम से जुड़ी हुई खबरें हों या फिर अपराध या अन्य सामाजिक सरोकार की. खबरों को एंगल देने में और हेडिंग बनाने में महारथ हासिल है.

सही समय पर निष्पक्ष रूप से कई समाचार इनके प्रकाशित हो चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज भी शामिल हैं. पत्रकारिता में इन्होंने स्नातक के साथ परास्नातक तक की पढ़ाई की है. इनसे ajeetk@abpnetwork.com पर संपर्क किया जा सकता है.

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