अपने गठन के बाद से ही शिवसेना मुंबई के शिवाजी पार्क में हर साल दशहरा रैली करती आई है. जब तक बाल ठाकरे जिंदा थे, रैली को वो खुद संबोधित करते थे. उनके निधन के बाद शिवसैनिकों को संबोधित करने की जिम्मेदारी उठाई उद्धव ठाकरे ने. लेकिन इस साल मुश्किल ये है कि एकनाथ शिंदे ने शिवसेना पर अपना दावा ठोका है और इसी वजह से वो खुद शिवाजी पार्क में हर साल होने वाली रैली को संबोधित करना चाहते हैं. वहीं उद्धव ठाकरे ने भी बीएमसी से रैली की इजाजत मांगी है. और अब दोनों गुटों के बीच मामला इतना बढ़ गया है कि कोर्ट तक पहुंच गया है. तो क्या शिवाजी पार्क की दशहरा रैली में ही तय होगा शिवसेना का असली वारिस या फिर और ज्यादा खिंचेगी ये लड़ाई, बता रहे हैं जीतेंद्र दीक्षित.
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