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ये विकसित भारत के भविष्य का बजट- डॉ विवेक बिन्द्रा

Budget 2024: डॉक्टर विवेक बिंद्रा का कहना है कि इस बजट ने इस बात को साफ कर दिया है कि देश के भविष्य को लेकर सरकार की रणनीति युवाओं, महिलाओं, किसानों और गरीबों को सशक्त बनाने की है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नए वित्तीय वर्ष से पहले अंतरिम बजट पेश कर गरीबों, महिलाओं, युवाओं व किसानों के लिए खुशियों का पिटारा खोल दिया है. इस बजट में कई अहम सेक्टर्स को मजबूती प्रदान करने का प्रयास किया है. निर्मला सीतारमण ने छठवीं बार बजट पेश किया है.

हालांकि यह बजट मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का भले ही अंतिम बजट हो, लेकिन सरकार ने अपने इस छठे बजट में कई दूरदर्शी मिशन भी शामिल किए हैं. इसके तहत अगले 5 वर्षों में 2 करोड़ नए मकान बनाने का फैसला लिया गया है. एक करोड़ घरों को सोलर ऊर्जा से लैस किया जाना है.

गरीबों की जीवन में घोली मिठास

सरकार की ओर से पहले ही प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के अंतर्गत 81.35 करोड़ परिवारों को 1 जनवरी 2024 से साल 2029 तक फ्री राशन देने का ऐलान किया जा चुका है. इसके अलावा इस बजट में अन्त्योदय अन्र योजना का लाभ पा रहे गरीब तबके के परिवारों को अब वर्ष 2026 तक चीनी पर भी प्रति किग्रा 18.50 रु की सब्सिडी दी जाएगी. सरकार का मुफ्त अनाज और सस्ती चीनी का वादा कहीं न कहीं कम आय वाले लोगों के रोज़मर्रा के खर्च को कम करेगा और उनकी बचत को बढ़ा देगा.

महिला स्वास्थ्य और समृद्धि के बढ़ावा पर विशेष जोर

पिछले 10 सालों में मोदी सरकार ने सभी तबकों की महिलाओं के हित में अहम कदम उठाती रही है, जिसमें बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, नारी अदालत जैसी योजनाएं शुरू की हैं और तीन तलाक़ जैसे बड़े बिल भी पास किए हैं. इस कड़ी में अब महिलाओं को देश की अर्थव्यवस्था से जोड़ने और ग्रामीण महिलाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए वित मंत्री निर्मला सीतारमण ने ‘लखपति दीदी’ योजना को बढ़ावा दिया है. 2024-25 के इस अंतरिम बजट में अब सरकार ने लखपति दीदी योजना में 2 करोड़ से बढ़ाकर 3 करोड़ महिलाओं को शामिल करने लक्ष्य तय किया है.

इसके अलावा केंद्र सरकार की ओर से महिलाओं के स्वास्थ्य का भी ख्याल रखा गया है. इसके लिए आयुष्मान भारत स्कीम के तहत सभी आशा बहूओं और आंगनवाड़ी वर्कर्स को हेल्थ कवरेज मुहैया कराया जाएगा. साथ ही नौ वर्ष से 14 वर्ष तक की बेटियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित रखने के लिए टीकाकरण का इंतजाम किया गया है. 

तकनीकी रिसर्च के लिए पेश किया गया करोड़ों का बजट

सरकार ने जय जवान, जय किसान के बाद अब जय अनुसंधान को भी अपने विकसित भारत के मॉडल में शामिल कर लिया है. इसीलिए इस बजट में टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सोलर और इलेक्ट्रिकल एनर्जी पर काम कर रही कंपनीज को बेहतर रिसर्च कर पाने के लिए भी एक बड़ा फंड तैयार किया है. इनोवेशन के क्षेत्र में काम करने वाले युवाओं को 50 साल का ब्याज रहित लोन देने का इंतजाम किया गया है. इसके लिए सरकार ने 1 लाख करोड़ का फंड तैयार किया है. इसके अलावा स्टार्टअप्स को मिलने वाली टैक्स छूट में भी विस्तार किया गया है.

सरकार द्वारा लिया गया ये अहम फैसला देशभर में एंटरप्रेन्योरशिप और स्टार्टअप्स को एक नई ऊर्जा मिल सकती है. वहीं देश की युवा पीढ़ी को रोजगार देने का भी ध्यान रखा गया है, जिसमें 55 लाख नई नौकरियों के मौके बनेंगे.

एग्रीकल्चर को क्या मिला?

वित्त मंत्री ने गुरुवार को संसद में अंतरिम बजट में पेश करते हुए तकनीक, रोज़गार, महिला उत्थान के अलावा देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ की कहे जाने वाले एग्रीकल्चर सेक्टर को भी मजबूत बनाने का विजन रखा है उन्होंने कहा कि किसानों के जीवन को आसान बनाने के लिए 1361 मंडियो को eNAM से जोड़ा जाएगा. साथ ही मत्स्य संपदा के तहत एक्वा कल्चर को दोगुना किया जाएगा और 5 इंटिग्रेटेड एक्वा पार्क भी लगेंगे. किसानों के हित में लिए गए ये फैसले ना सिर्फ किसानों को प्रोत्साहन देंगे बल्कि उन्हें मजबूती भी प्रदान करेंगे. 

साल 2019 में जब मोदी सरकार ने अपना अंतरिम बजट पेश किया था तब तत्कालीन वित्त मंत्री श्री पीयूष गोयल जी ने कई सारी बड़ी योजनाएं लॉन्च कर दी थीं. ये सभी के लिए एक आश्चर्य की बात थी क्योंकि अंतरिम बजट में इससे पहले किसी भी सरकार ने इतने बड़े फैसले नहीं लिए थे ये बजट केवल औपचारिकता के लिए पेश किया जाता था. इसीलिए 2024 के इस अंतरिम बजट से भी लोगों को काफी ज्यादा उम्मीदें थी लेकिन इस बार निर्मला सीतारमण जी ने कोई भी बड़ी योजनाएं सामने नहीं रखीं जिससे लोगों को थोड़ी निराशा हुई.

लेकिन फिर भी इस बजट ने इस बात को साफ कर दिया है कि देश के भविष्य को लेकर सरकार की रणनीति युवाओं, महिलाओं, किसानों और गरीबों को सशक्त बनाने की है. वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का ये लक्ष्य इन्हीं चार स्तंभों पर टिका होगा.

डिस्क्लेमर: एबीपी नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड/या एबीपी लाइव किसी भी तरह से इस आर्टिकल के कटेंट या यहां व्यक्त किए गए विचारों के लिए जिम्मेदार नहीं है. पाठकों को अपने विवेक का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है.

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