पाकिस्तान के चौथे वजीर-ए-आजम चौधरी मोहम्मद अली के साथ उनकी ही पार्टी मुस्लिम लीग के नेताओं ने बगावत कर दी थी और नतीजा ये हुआ था कि चौधरी मोहम्मद अली को वजीर-ए-आजम के पद से तो हटना ही पड़ा, उनके पास पार्टी के अध्यक्ष का भी पद नहीं रह गया. ये सब तब हुआ जब गवर्नर जनरल इस्कंदर मिर्जा खुद चौधरी मोहम्मद अली का समर्थन कर रहे थे. और फिर मुस्लिम लीग के साथ ही अवामी लीग और रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं ने हुसैन शहीद सुहरावर्दी को अपना नेता चुनकर उन्हें पाकिस्तान का वजीर-ए-आजम बना दिया. पाकिस्तानी प्रधानमंत्रियों पर आधारित खास सीरीज तख्तापलट में आज बात पाकिस्तान के पांचवे वजीर-ए-आजम हुसैन शहीद सुहरावर्दी की, जिन्हें राष्ट्रपति इस्कंदर अली मिर्जा ने वक्त से पहले सत्ता से बेदखल कर दिया.
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