Continues below advertisement
प्रांजुल श्रीवास्तव

प्रांजुल श्रीवास्तव एबीपी न्यूज में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. फिलहाल फीचर डेस्क पर काम कर रहे प्रांजुल को पत्रकारिता में 9 साल तजुर्बा है. खबरों के साइड एंगल से लेकर पॉलिटिकल खबरें और एक्सप्लेनर पर उनकी पकड़ बेहतरीन है. लखनऊ के बाबा साहब भीम राव आंबेडकर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता का 'क, ख, ग़' सीखने के बाद उन्होंने कई शहरों में रहकर रिपोर्टिंग की बारीकियों को समझा और अब मीडिया के डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं. प्रांजुल का मानना है कि पाठक को बासी खबरों और बासी न्यूज एंगल से एलर्जी होती है, इसलिए जब तक उसे ताजातरीन खबरें और रोचक एंगल की खुराक न मिले, वह संतुष्ट नहीं होता. इसलिए हर खबर में नवाचार बेहद जरूरी है.

प्रांजुल श्रीवास्तव काम में परफेक्शन पर भरोसा रखते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता सिर्फ सूचनाओं को पहुंचाने का काम नहीं है, यह भी जरूरी है कि पाठक तक सही और सटीक खबर पहुंचे. इसलिए वह अपने हर टास्क को जिम्मेदारी के साथ शुरू और खत्म करते हैं. 

अलग अलग संस्थानों में काम कर चुके प्रांजुल को खाली समय में किताबें पढ़ने, कविताएं लिखने, घूमने और कुकिंग का भी शौक है. जब वह दफ्तर में नहीं होते तो वह किसी खूबसूरत लोकेशन पर किताबों और चाय के प्याले के साथ आपसे टकरा सकते हैं.

टॉप स्टोरीज फ्रॉम ऑथर

BSEB Bihar Board 12th Result 2026: बिहार बोर्ड 12वीं का रिजल्ट Direct Link जारी, ऐसे कर सकते हैं फटाफट नतीजे चेक
Bihar Board 12th Result 2026: बिहार बोर्ड 12वीं के रिजल्ट में फिर छात्राओं ने मारी बाजी, 26 टॉपर में 19 लड़कियां 
नेपाल ने 100 के नोट पर छापे उत्तराखंड के तीन इलाके, इसके खिलाफ कहां शिकायत कर सकता है भारत; क्या है नियम 
यूपी में अब आधार कार्ड को नहीं माना जाएगा जन्म प्रमाण पत्र, जानिए कौन से डॉक्यूमेंट होंगे जरूरी?
10 रुपये वाला बिस्किट... एक रील बनाकर कितना कमाते हैं यूट्यूबर शादाब जकाती, हुए गिरफ्तार 
क्या अरुणाचल को अपना बताने भर से चीन का हो जाएगा यह इलाका, कैसे कोई जमीन किसी देश की हो जाती है? 
दिल्ली में हट गया ग्रैप-3, लेकिन अब भी नहीं कर सकते ये काम! एक क्लिक में देखें पूरी लिस्ट
पाकिस्तानी जेल में किसी की हत्या हो जाए तो किसे मिलती है सजा, क्या कहता है कानून?
Sponsored Links by Taboola