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Surya Grahan 2025: क्या जून 2025 में कोई ग्रहण लगने वाला है?

Surya Grahan 2025: क्या जून 2025 में सूर्य ग्रहण लगने वाला है? जानिए सूर्य ग्रहण की सही तारीखें, कहां दिखाई देगा, भारत में दृश्यता और इसका ज्योतिषीय महत्व.

Surya Grahan 2025: क्या जून 2025 में सूर्य ग्रहण लगेगा? यह भारत में दिखेगा या नहीं? और इसका ज्योतिषीय असर क्या होगा? बहुत से लोग 2025 में सूर्य ग्रहण की संभावनाओं को लेकर भ्रमित हैं, खासकर जून महीने को लेकर.

लेकिन वैदिक पंचांग से यही जानकारी मिल रही है कि जून 2025 में कोई सूर्य ग्रहण नहीं लग रहा है, न ही ये भारत में दिखाई देगा. इस साल यानि वर्ष 2025 में दो सूर्य ग्रहण का योग तो है, जिसमें से एक सूर्य ग्रहण बीते 29 मार्च 2025 को लग चुका है, दूसरा ग्रहण सितंबर में लगेगा.

2025 में लगने वाले सूर्य ग्रहण की डेट (Surya Grahan 2025 in India)
1. 29 मार्च 2025 को पहला सूर्य ग्रहण लगा था, जो एक आंशिक सूर्य ग्रहण था. इस ग्रहण यूरोप, उत्तरी अमेरिका, अफ्रीका में देखा गया था, भारत में यह सूर्य ग्रहण नहीं दिखाई दिया था.

2. 21 सितंबर 2025 को दूसर सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. ये भी आंशिक सूर्य ग्रहण है. इस सूर्य ग्रहण को न्यूजीलैंड, फिजी, अंटार्कटिका में देखा जा सकता है लेकिन भारत में ये नहीं दिखेगा.

भारत में 2025 में कौन सा ग्रहण दिखेगा? (Chandra Grahan 2025 Visible in India)
भारत के लोगों के लिए 7 सितंबर 2025 की रात महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस डेट को एक पूर्ण चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan 2025) लग रहा है जो पूरे भारत में दिखाई देगा. यह चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse September 2025) रात 9:57 बजे शुरू होगा और 8 सितंबर की आधी रात 12:23 बजे तक चलेगा.

ज्योतिष के अनुसार सूर्य ग्रहण का महत्व
वैदिक ज्योतिष में सूर्य ग्रहण को शुभ नहीं माना जाता है. हिंदू मान्यता के अनुसार यह काल 'सूतक' कहलाता है और इसका प्रभाव विशेष रूप से स्वास्थ्य, निर्णय लेने की क्षमता और मन की शांति पर पड़ता है.

जून 2025 में कोई सूर्य ग्रहण नहीं लगेगा. वर्ष 2025 में कुल दो सूर्य ग्रहण होंगे, लेकिन दोनों ही भारत में दृश्य नहीं होंगे. भारत में पूर्ण चंद्र ग्रहण 7 सितंबर 2025 को लग रहा है जो दिखाई देगा. मुहूर्त चिंतामणि और ज्योतिष ग्रंथों के अनुसार सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) का ज्योतिषीय प्रभाव केवल तभी होता है जब वह उस स्थान पर दृश्य हो.

About the author Hirdesh Kumar Singh

हृदेश कुमार सिंह, Senior Vedic Astrologer | Astro Media Editor | Digital Strategy Leader

"ज्योतिष केवल भविष्य बताने की विद्या नहीं, बल्कि समय को समझने की कला है."

हृदेश कुमार सिंह लंबे समय से ज्योतिष, धर्म, अध्यात्म और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे उन चुनिंदा लोगों में माने जाते हैं जिन्होंने पारंपरिक ज्योतिष को आज की बदलती दुनिया, डिजिटल संस्कृति और नई पीढ़ी की सोच से जोड़ने का प्रयास किया है. उनके लिए ज्योतिष केवल ग्रहों की गणना नहीं, बल्कि मानव व्यवहार, सही समय और जीवन के निर्णयों को समझने का माध्यम है.

वर्तमान में वे ABP Live में Astro, Religion और Dharma LIVE से जुड़े कंटेंट और डिजिटल रणनीति का नेतृत्व कर रहे हैं. यहां उनका फोकस ज्योतिष और धर्म को ऐसे रूप में प्रस्तुत करना है, जो आज के पाठकों और दर्शकों की जिंदगी से सीधे जुड़ सके. यही कारण है कि उनके लेखन और विश्लेषण में केवल पारंपरिक बातें नहीं, बल्कि करियर, रिश्ते, मानसिक तनाव, सामाजिक बदलाव, तकनीक और बदलती जीवनशैली जैसे विषय भी दिखाई देते हैं.

उन्होंने Indian Institute of Mass Communication (IIMC), New Delhi से पत्रकारिता और IIMT University Meerut से ज्योतिष शास्त्र व वास्तु शास्त्र की पढ़ाई की है और Astrosage व Astrotalk जैसे प्लेटफॉर्म्स के साथ भी काम किया है. मीडिया, ऑडियंस बिहेवियर, डिजिटल पब्लिशिंग और कंटेंट रणनीति की समझ ने उनके काम को अलग पहचान दी है.

हृदेश कुमार सिंह के कई ज्योतिषीय और सामाजिक विश्लेषण समय-समय पर चर्चा में रहे हैं. राजनीति, शेयर बाजार, मनोरंजन जगत, AI और बदलते सामाजिक माहौल जैसे विषयों पर उनके आकलनों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है. उनके विश्लेषण वैदिक गणना, गोचर, मेदिनी ज्योतिष और समाज की बदलती मानसिकता की समझ पर आधारित होते हैं.

वे वैदिक ज्योतिष, होरा शास्त्र, संहिता, मेदिनी ज्योतिष, अंक ज्योतिष और वास्तु शास्त्र जैसे विषयों पर अध्ययन और लेखन करते रहे हैं. करियर, विवाह, व्यापार, शिक्षा और जीवन के महत्वपूर्ण फैसलों से जुड़े विषयों पर वे पारंपरिक ज्योतिष को आधुनिक जीवन की वास्तविक परिस्थितियों से जोड़कर देखने का प्रयास करते हैं.

डिजिटल दौर में ज्योतिष को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए उन्होंने 'Gen-Z Horoscope' जैसे कॉन्सेप्ट पर भी काम किया, जिसमें राशिफल को केवल भाग्य या डर से जोड़कर नहीं, बल्कि career pressure, relationship confusion, emotional wellbeing और real-life decision making जैसी बातों से जोड़ा गया.

उनका मानना है कि आज के समय में सबसे बड़ी चुनौती जानकारी की कमी नहीं, बल्कि सही समझ की कमी है. वे ज्योतिष को ऐसा माध्यम मानते हैं, जो व्यक्ति को डराने के बजाय उसे बेहतर निर्णय लेने और खुद को समझने में मदद कर सकता है.

श्रीमद्भगवद्गीता के कर्म सिद्धांत, भगवान बुद्ध के संतुलन के विचार, सूफी चिंतन और आधुनिक मनोविज्ञान से प्रभावित उनकी सोच उनके लेखन में भी दिखाई देती है. यही वजह है कि उनका काम केवल भविष्यवाणी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लोगों को सोचने और अपने जीवन को नए नजरिए से देखने के लिए प्रेरित करता है.

ज्योतिष और मीडिया के अलावा उन्हें सिनेमा, संगीत, साहित्य, राजनीति, बाजार, पर्यावरण, ग्रामीण जीवन और यात्राओं में विशेष रुचि है. इन अनुभवों का असर उनके विषय चयन और लेखन शैली में साफ दिखाई देता है.

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