बिना इंश्योरेंस चला रहे कार? इतना लग सकता है जुर्माना
बिना इंश्योरेंस कार चलाने पर लगेगा भारी जुर्माना. मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान और सजा के नियम, ई-चालान कटने के तरीके और नुकसान की पूरी जानकारी पढ़ें.

हमारे देश में ट्राफिक नियमों का पालन अब न करना आपको भारी पड़ सकता है. क्योंकि, ट्रैफिक पुलिस अब नियम न पालन करने वालों पर भारी जुर्माना ठोक रही है. जिसके चलते आप भी जब अपनी कार लेकर सड़क पर निकलें तो एक बार जरूर चेक कर लें कि, आपके गाड़ी के सभी कागज हैं या नहीं. अक्सर देखा जाता है कि, बहुत से लोग समय पर कार इंश्योरेंस रिन्यू कराना भूल जाते हैं या फिर इसे नजरअंदाज कर देते हैं. अगर आप भी बिना वैध थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस के अपनी कार सड़क पर दौड़ा रहे हैं तो यह न केवल गैर-कानूनी है बल्कि आपकी जेब पर बहुत भारी पड़ सकता है.
आपको बता दें कि, मोटर व्हीकल एक्ट के मुताबिक भारत में बिना वैलिड इंश्योरेंस के किसी भी मोटर वाहन को सार्वजनिक सड़क पर चलाना एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है. देश के ट्रैफिक पुलिस विभाग और परिवहन मंत्रालय ने इस संबंध में बेहद सख्त नियम और जुर्माने तय किए हैं. चलिए जानतें हैं कि, बिना इंश्योरेंस के पकड़े जाने पर पुलिस आपका कितने रुपये तक का चालान कर सकती है.
कितनी है चालान की रकम?
बता दें कि, अगर ट्रैफिक पुलिस चेकिंग के दौरान आपकी गाड़ी का इंश्योरेंस एक्सपायर पाया जाता है तो कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाती है. मोटर वाहन संशोधन अधिनियम के अनुसार पहली बार बिना इंश्योरेंस के कार चलाते हुए पकड़े जाने पर आपको 2,000 रुपये का जुर्माना देना पड़ सकता है या फिर 3 महीने तक की जेल की सजा हो सकती है.
जबकि कई मामलों में कोर्ट जुर्माना और जेल दोनों की सजा एक साथ भी सुना सकता है. वहीं अगर आप दोबारा यही गलती करते हुए पकड़े जाते हैं तो जुर्माने की राशि सीधे दोगुनी होकर 4,000 रुपये हो जाती है और इसके साथ ही 3 महीने की जेल का नियम भी लागू रहता है.

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ई-चालान का बढ़ा खतरा
वहीं, आजकल देखा जा रहा है कि, सड़क पर रोककर पेपर चेक करने का पुराना तरीका काफी कम हो गया है. देश के बड़े और प्रमुख शहरों में ट्रैफिक पुलिस अब ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरों और ई-चालान तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रही है.
ये स्मार्ट कैमरे सड़क से गुजरती कार के नंबर प्लेट को स्कैन करके वाहन पोर्टल के डेटाबेस से तुरंत चेक कर लेते हैं कि गाड़ी का इंश्योरेंस चालू है या नहीं. अगर आपकी पॉलिसी लैप्स हो चुकी है तो पुलिस के बिना रोके ही आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर सीधे 2,000 रुपये का ई-चालान मैसेज के जरिए पहुंच जाता है.

हादसा होने पर काम आता है इंश्योरेंस
आपको बता दें कि, चालान और जुर्माने की रकम तो केवल एक छोटा नुकसान है लेकिन बिना इंश्योरेंस गाड़ी चलाने का सबसे खतरनाक पहलू किसी सड़क हादसे के समय सामने आता है. यदि आपकी कार से किसी थर्ड-पार्टी की गाड़ी, संपत्ति या किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचता है तो कानूनी तौर पर उस पूरे नुकसान की भरपाई आपको अपनी जेब से करनी होगी.
कोर्ट और ट्रिब्यूनल द्वारा तय किया गया मुआवजा कई बार लाखों रुपये तक पहुंच जाता है जिसे बिना इंश्योरेंस पॉलिसी के खुद चुकाना किसी के लिए भी आर्थिक रूप से काफी नुकसानदायक हो सकता है. इसके अलावा आपकी खुद की कार को हुए नुकसान का एक पैसा भी बीमा कंपनी नहीं देगी.
नो क्लेम बोनस का नुकसान
जबकि इसके अलावा अगर आपकी इंश्योरेंस पॉलिसी की समय-सीमा खत्म हुए 90 दिनों से ज्यादा का समय बीत जाता है तो आपने सालों से जमा किया हुआ नो क्लेम बोनस डिस्काउंट पूरी तरह गंवा बैठते हैं. इससे नई पॉलिसी लेते समय आपको ज्यादा प्रीमियम चुकाना पड़ता है.
इसके साथ ही गंभीर मामलों में या इंश्योरेंस न होने की स्थिति में ट्रैफिक पुलिस अधिकारी के पास आपकी कार को तुरंत जब्त करने का अधिकार भी होता है. ऐसे में कानूनी पछड़े और भारी-भरकम खर्च से बचने का सबसे आसान रास्ता यही है कि आप समय रहते अपनी कार का इंश्योरेंस रिन्यू कराएं और डिजिटल कॉपी हमेशा डिजीलॉकर में सुरक्षित रखें.
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