Bharat Bandh Today: जानिए लेबर कोड, बिजली बिल और US डील…पर क्यों भड़का भारत देश? |ABPLIVE
12 फरवरी का भारत बंद सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ सीधी राजनीतिक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। संयुक्त किसान मोर्चा और ट्रेड यूनियनों ने साफ आरोप लगाया है कि मोदी सरकार की आर्थिक नीतियां किसानों और मजदूरों की बजाय बड़े कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाई जा रही हैं। संगठनों का कहना है कि नए लेबर कोड मजदूरों के अधिकारों को कमजोर करते हैं, बिजली विधेयक किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ाएगा और बीज विधेयक बहुराष्ट्रीय कंपनियों को खुली छूट देगा। भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर भी सरकार पर तीखा हमला बोला गया है। किसान संगठनों ने इसे “आर्थिक उपनिवेशवाद” तक करार दे दिया है। उनका आरोप है कि सरकार अंतरराष्ट्रीय दबाव में ऐसे समझौते कर रही है, जिनका सीधा असर भारतीय कृषि, डेयरी और छोटे व्यापारियों पर पड़ेगा। विपक्ष भी इसी मुद्दे पर सरकार को घेर रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा है कि किसानों और मजदूरों की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है, जबकि उनके भविष्य से जुड़े फैसले बंद कमरों में लिए जा रहे हैं। सरकार पर यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि मनरेगा जैसी योजनाओं को कमजोर कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को असुरक्षित किया जा रहा है। VB-G RAM G एक्ट को मनरेगा की जगह लाने की कोशिश बताया जा रहा है, जिसे किसान संगठन ग्रामीण रोजगार के अधिकार पर हमला मानते हैं। पुरानी पेंशन योजना की बहाली और न्यूनतम मजदूरी लागू करने की मांग भी सरकार के लिए राजनीतिक दबाव बनती जा रही है। पंजाब की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी ने भी इस बंद का खुलकर समर्थन किया है। AAP का कहना है कि नए लेबर कोड्स से श्रमिकों की नौकरी की सुरक्षा खत्म हो जाएगी। ऐसे में यह आंदोलन अब सिर्फ किसानों और मजदूरों का नहीं, बल्कि एक व्यापक राजनीतिक मोर्चा बनता दिख रहा है, जहां विपक्ष सरकार की आर्थिक नीतियों को 2024 के बाद भी मुद्दा बनाए रखना चाहता है। सरकार की ओर से अब तक इन आरोपों पर सीधा जवाब सीमित रहा है, लेकिन बीजेपी का रुख साफ है कि ये सुधार देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए जरूरी हैं। ऐसे में सवाल यही है — क्या यह आंदोलन सरकार की नीतियों में बदलाव ला पाएगा, या फिर इसे भी पिछले आंदोलनों की तरह राजनीतिक रंग देकर खारिज कर दिया जाएगा?
























