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सोलह पीढ़ियों के तृप्त होने की कामना के साथ संगम पर उमड़ा श्रद्धालुओं का हुजूम
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प्रयाग में संगम तट पर केशदान यानी मुंडन संस्कार से ही पिंडदान की रस्मे शुरू होती हैं. यही वजह है कि पितृ पक्ष की अमावस्या पर आज इलाहाबाद के संगम के सभी घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा है और लोग पिंडों का विसर्जन कर अपने पुरखों के लिए मोक्ष की कामना कर रहे हैं. इस मौके पर संगम समेत सभी घाटों पर सुरक्षा के ख़ास इंतजाम किये गए हैं.
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पितृ पक्ष का संगम नगरी इलाहाबाद में विशेष महत्व है. सृष्टि के रचयिता परम पिता ब्रह्मा का मुखस्थल और त्रिवेणी संगम की धारा में मोक्ष के देवता भगवान विष्णु के साक्षात वास करने के कारण इलाहाबाद को पितृ मुक्ति का प्रथम व मुख्य द्वार कहा गया है.
Published at : 08 Oct 2018 09:56 AM (IST)
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Source: IOCL


























