Kanpur Violence: PM Narendra Modi की मौजूदगी के बावजूद हुई हिंसा, 500 से अधिक नामजद और कई गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के कानपुर में शुक्रवार को हिंसा भड़क गई. शहर में एक कार्यक्रम के लिए पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद दोनों मौजूद थे. इसके बावजूद ये हिंसा भड़क गई. ऐसे में सवाल ये उठाए जा रहे हैं कि देश के दो सबसे बड़े संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों की मौजूदगी के बावजूद ये हिंसा कैसे भड़की? सवाल ये भी उठाए जा रहे हैं कि आख़िर सीएम योगी आदित्यनाथ के राज में शहर में लॉ एंड ऑर्डर को लेकर क्या व्यवस्था थी. दरअसल, अनकट जब यूपी चुनाव कवर कर रहा था...तब जिस बात को लेकर योगी सरकार की सबसे ज़्यादा तारीफ हो रही थी...वो है लॉ एंड ऑर्डर यानी कानू का राज. हाल ही में रामनवमी और हनुमान जयंती के दौरान भी जब बाकी राज्यों में हिंसा भड़की...तब यूपी की इसी बात को लेकर तारीफ हो रही थी कि यहां सब कुछ काबू में रहा. हालांकि, सीएए के प्रदर्शन के दौरान जब यूपी में चीज़ें बेकाबू हुई थीं...तब बाद में जिस तरह से इस मामले के कथित आरोपियों पर एक्शन लिया गया उसकी ख़ूब चर्चा हुई. यही वो दौर था जब यूपी में कथित तौर पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों की संपत्ति जब्त हुई...और उनके नाम सार्वजनिक किए गए. इसके बाद यूपी में बुलडोजर की एंट्री हुई. बुलडोजर वाले एक्शन पर जनता की राय बंटी हुई है. एक तबके को ये स्विफ्ट एक्शन यानी त्वरित न्याय वाला काम लगता है. वहीं, एक और तबका जो इससे इत्तेफाक नहीं रखता. ये सब बातें हम इसलिए कर रहे हैं...ताकि आपको बता सकें कि कानपुर में हुई हिंसा के बाद योगी सरकार किस तरह का एक्शन ले रही है. कहा ये जा रहा है कि कानपुर में जुमे की नमाज के दौरान भड़की हिंसा के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड बताए जा रहे ज़फर हयात को गिरफ्तार कर लिया है. ज़फर पर आरोप है कि उन्होंने हिंसा से पहले भड़काऊ पोस्टर लगाए थे. इस मामले में पुलिस अब तक 35 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. साथ ही 500 से ज्यादा लोगों को नामजद किया गया है. लिए गए पूरे एक्शन के बारे में जानने के लिए देखें Uncut के Tarun Krishna का ये Bin Manga Gyan

























