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Russia Ukraine War: यूक्रेन से उज्जैन लौटी छात्रा का हुआ ऐसे स्वागत, परिवार ने कहा- 'मोदी हैं तो मुमकिन है'
(यूक्रेन से उज्जैन लौटी छात्रा आशी शर्मा)
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यूक्रेन से अब विद्यार्थी उज्जैन तक पहुंचने लगे हैं. धार्मिक नगरी उज्जैन में छात्रा जब पहुंची तो उसके परिजनों ने जोरदार स्वागत किया. इतना ही नहीं अभिभावकों ने कहा 'मोदी हैं तो मुमकिन है'. छात्रा की जिंदगी बच गई इसकी सभी को खुशी है लेकिन परिवार को छात्रा के भविष्य को लेकर चिंता है.
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उज्जैन के फ्रीगंज इलाके में रहने वाले मध्यम वर्गीय परिवार ने बड़ी मुश्किल से बैंक ऋण लेकर अपने परिवार की बेटी आशी शर्मा को मेडिकल की पढ़ाई के लिए यूक्रेन भेजा था. छात्रा के पिता देवेंद्र शर्मा ने बताया कि वह एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं. उनकी बेटी शुरू से ही डॉक्टर बनना चाहती थी. इसी के चलते उन्होंने बेटी को पढ़ने के लिए यूक्रेन भेजा.
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अभी तक बेटी 4 साल की पढ़ाई पूरी कर चुकी है. इस पढ़ाई पर उनके काफी रुपए खर्च हो चुके हैं. रूस और यूक्रेन के बीच अचानक हुए युद्ध के कारण बेटी को जान बचाकर यूक्रेन से वापस आना पड़ा है. उन्होंने बताया कि अब भविष्य क्या होगा? यह भगवान ही जानता है.
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आशी शर्मा के मुताबिक यूक्रेन में हालात बेहद गंभीर है. हालांकि उन्होंने भारत सरकार का धन्यवाद दिया. छात्रा की माता लता शर्मा ने बताया कि उनकी बेटी आज घर लौट आई है. इससे बढ़कर उन्हें कोई खुशी नहीं है. उन्होंने कहा 'मोदी हैं तो मुमकिन है'. पूरा परिवार छात्रा के घर लौटने पर बेहद खुश हैं मगर भविष्य को लेकर सभी चिंतित है. जैसे ही छात्रा ने अपने आंगन में कदम रखा वैसे ही पूरे परिवार ने उसका स्वागत किया. छात्रा की आरती भी उतारी गई. छात्रा के घर लौटने पर बधाई देने के लिए शर्मा परिवार के घर लोगों का तांता लगा हुआ है.
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यूक्रेन से उज्जैन लौटी छात्रा आशी शर्मा ने उन अभिभावकों से यह अपील की है जिनके बच्चे अभी यूक्रेन में फंसे हुए हैं, उन्होंने कहा कि यूक्रेन में सभी सुरक्षित हैं. आशी शर्मा ने यह भी कहा है कि अभिभावकों को घबराने की जरूरत नहीं है. दो-तीन दिनों में भारत के सभी विद्यार्थी अपने घर लौट आएंगे. मध्य प्रदेश सरकार भी पूरा सहयोग कर रही है, जबकि भारत सरकार ने सभी बच्चों को सुरक्षित निकालने की कोशिशें तेज कर दी है.
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देवेंद्र शर्मा ने बताया कि छात्रा को विश्वविद्यालय की तरफ से अभी कोई संकेत नहीं मिले हैं. यह भी पता नहीं है कि शेष पढ़ाई कब और कैसे पूर्ण होगी ? उन्होंने बताया कि बैंक का कर्ज भी भविष्य में चुकाना पड़ेगा. फिलहाल तो जान बचने की खुशी है लेकिन भविष्य बचाने के लिए अभी संघर्ष और करना पड़ेगा.
Published at : 28 Feb 2022 11:30 PM (IST)
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