By: एबीपी न्यूज | Updated at : 04 Jun 2018 08:02 PM (IST)
इलाहाबाद : यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के शहर इलाहाबाद में पुलिस के छह सौ से ज़्यादा कांस्टेबल पिछले लम्बे अरसे से लापता हैं. यह कांस्टेबल इन दिनों किस थाने या विंग में हैं कहीं ड्यूटी भी दे रहे हैं या फिर घर बैठे हुए हैं, इस बारे में अफसरों को कुछ भी पता नहीं है. यह अलग बात है कि ये लापता कांस्टेबल हर महीने सैलरी जरूर उठा रहे हैं. इतनी बड़ी तादात में सिपाहियों के लापता होने से महकमे में हड़कंप मचा हुआ है.

अफसरों ने अब इन लापता सिपाहियों की सैलरी रोक दी है और इनके बारे में तफ्तीश शुरू कर दी है. निचले लेवल पर गड़बड़ी पकड़ में आने के बाद एडीजी ने इस मामले में नीचे के अफसरों से जवाब तलब करते हुए जांच बिठा दी है. जांच आईजी रेंज को सौंपी गई है. हालांकि मामले की जांच कर रहे आईजी रमित शर्मा ने आशंका जताई है कि विभाग को हाईटेक बनाने के लिए नये तैयार किये गए एप में सही तरीके से डाटा फीड नहीं किए जाने की वजह से इस तरह की कमी सामने आई है.
ऑनलाइन फीड हो रहा है पुलिसकर्मियों का डाटा इलाहाबाद के नए एसएसपी नितिन तिवारी ने इस समय जिले का पूरा सिस्टम ऑनलाइन करा दिया है और अब नये सॉफ्टवेयर में पुलिसकर्मी का पूरा रिकार्ड और तैनाती का डाटा फीड हो रहा है. सॉफ्टवेयर पर नाम चढ़ाने के दौरान छह सौ से ज़्यादा ऐसे सिपाही मिले जिनकी पोस्टिंग का जिक्र ही नहीं है, लेकिन उनकी तनख्वाह हर महीने रिलीज हो रही है. सॉफ्टवेयर ने इस अजीबोगरीब धांधली की पोल खोली तो हड़कंप मच गया. अब अधिकारी जवाब नहीं दे पा रहे हैं कि कि पिछले लम्बे समय से ऐसा लगातार कैसे हो सकता है.

रोक दी गई है लापता पुलिसकर्मियों की सैलरी अफसरों के मुताबिक़ इलाहाबाद में तैनात कुल सिपाहियों की जितनी संख्या पोस्टिंग के मुताबिक़, उससे छह सौ से ज़्यादा लोगों की तनख्वाह ट्रेजरी से हर महीने जारी हो रही है. ट्रेजरी और जिले में तैनात पुलिसकर्मियों की लिस्ट के मिलान के बाद अब ऐसे पुलिसकर्मियों की तनख्वाह रोक दी गई है.
हर थाने पर तकरीबन पंद्रह सिपाही बढ़ सकते हैं अफसरों ने इस मामले में जांच बिठा दी है. उनके मुताबिक़ अगर इन छह सौ लापता पुलिसवालों का पता चल जाए तो हर थाने पर तकरीबन पंद्रह सिपाही बढ़ सकते हैं. मामले के सुर्ख़ियों में आने के बाद इलाहाबाद जोन के एडीजी एसएन साबत ने आईजी रेंज रमित शर्मा से रिपोर्ट तलब की है. जांच करने वाले आईजी के मुताबिक़ यूपी पुलिस को हाईटेक करने के लिए इन दिनों नामिनल रोल सिस्टम एप पर डाटा फीड किया जा रहा है.

उनके मुताबिक़ आशंका इस बात की है कि इस एप्प पर गलत फीडिंग या फिर कुछ सिपाहियों का रजिस्ट्रेशन न हो पाने की वजह से इस तरह की कमी सामने आई होगी. उनका कहना है कि इसके बावजूद पूरे मामले की गहराई से छानबीन के बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचा जा सकता है.
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