प्रशांत भूषण ने अब किस पर लगाए आरोप? बोले- 'लोकतंत्र का मजाक उड़ाया...'
आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया के बीच वावाईएसआरसीपी के उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोकने के आरोपों पर वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने टीडीपी को घेरा है.

आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया के बीच सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) पर विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से जबरन रोकने के आरोप लगे हैं. इन आरोपों पर वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश में जो हो रहा है, वह असाधारण है. उनके मुताबिक, सत्तारूढ़ टीडीपी के लोग खुलेआम विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन पत्र दाखिल करने से रोक रहे हैं और यह सब पुलिस तथा चुनाव अधिकारियों की कथित मिलीभगत और मौजूदगी में हो रहा है. प्रशांत भूषण ने आरोप लगाया कि टीडीपी लोकतंत्र का मजाक बना रही है.
नामांकन पत्र छीनकर फाड़ने का वीडियो सामने आया
श्री सत्य साईं जिले के पेनुकोंडा का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति कथित तौर पर चुनाव अधिकारी के कमरे में घुसकर मंडल परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र (एमपीटीसी) के सदस्य का नामांकन पत्र छीनता और उसे फाड़ता दिखाई दे रहा है. वाईएसआरसीपी ने उस व्यक्ति की पहचान टीडीपी नेता सुब्बा रेड्डी के रूप में की है. बताया जाता है कि वह मंत्री और पेनुकोंडा के विधायक एस. सविता का करीबी है. आरोप है कि यह घटना 21 अक्तूबर को एमपीटीसी और जिला परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र (जेडपीटीसी) चुनावों के लिए नामांकन के पहले दिन हुई.
वाईएसआरसीपी का आरोप, नेताओं को नजरबंद कर उम्मीदवारों को रोका
वाईएसआरसीपी ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि उसके वरिष्ठ नेताओं को नजरबंद किया गया और उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोका गया. पार्टी के मुताबिक, राज्य के विभिन्न हिस्सों में स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान हमले और धमकियां दी जा रही हैं. पार्टी ने दावा किया कि कडप्पा जिले में सांसद वाई.एस. अविनाश रेड्डी को उम्मीदवारों की नामांकन प्रक्रिया में मदद करने के दौरान पुलिस ने रोक लिया. अनंतपुर जिले में पूर्व विधायक के. पेद्दा रेड्डी को नजरबंद किए जाने और पूर्व मंत्री साके शैलजानाथ को सिंगनमाला स्थित उनके आवास तक सीमित रखने का आरोप लगाया गया. वाईएसआरसीपी के अनुसार, दूसरे जिलों में भी वरिष्ठ नेताओं की आवाजाही पर रोक लगाई गई, ताकि वे उम्मीदवारों के साथ नामांकन केंद्रों तक न पहुंच सकें.
तिरुपति जिले के चंद्रगिरि क्षेत्र में वाईएसआरसीपी नेताओं चेविरेड्डी भास्कर रेड्डी और मोहित रेड्डी समेत अन्य नेताओं को कथित तौर पर नजरबंद किया गया. बापटला जिले के निजामपट्टनम में टीडीपी कार्यकर्ताओं पर नामांकन पत्र फाड़ने, एक वाहन को नुकसान पहुंचाने और विपक्षी नेताओं पर हमला करने का आरोप लगाया गया. पार्टी का दावा है कि इस घटना में उसके तीन नेता घायल हुए. वाईएसआरसीपी ने पेद्दाकुरापाडु में एमपीटीसी के एक उम्मीदवार को जबरन ले जाने और कई नेताओं को नामांकन केंद्रों तक पहुंचने से रोकने के लिए हिरासत में लेने का आरोप भी लगाया.
कर्नूल जिले के वेल्दुर्थी में मंडल विकास कार्यालय के पास पत्थरों के ढेर मिलने का दावा करते हुए पार्टी ने उम्मीदवारों पर संभावित हमलों की आशंका जताई. कडप्पा में कुछ उम्मीदवारों को कथित तौर पर हिरासत में लेकर तिरुपति की ओर ले जाने का भी आरोप लगाया गया, ताकि वे निर्धारित समयसीमा के भीतर नामांकन दाखिल न कर सकें. पिथापुरम में नगरपालिका चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप भी लगाया गया.
पुलिस की भूमिका पर सवाल, टीडीपी ने वाईएसआरसीपी को घेरा
जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली वाईएसआरसीपी ने पुलिस पर पक्षपात करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उसके नेताओं की आवाजाही पर चुनिंदा तरीके से रोक लगाई जा रही है, जबकि हमलों और धमकियों में कथित रूप से शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही. पार्टी ने मांग की कि सभी उम्मीदवारों को बिना किसी बाधा के नामांकन दाखिल करने दिया जाए और चुनाव निष्पक्ष तरीके से कराए जाएं.
वहीं, सत्तारूढ़ टीडीपी ने वाईएसआरसीपी पर हार के डर से चुनाव प्रक्रिया बाधित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया. पार्टी ने कहा कि 19 स्थानों पर उम्मीदवारों को नामांकन से रोकने संबंधी शिकायतों पर जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक राज्य निर्वाचन आयोग को रिपोर्ट सौंपेंगे. रिपोर्ट की जांच के बाद तथ्यों का पता चलेगा. टीडीपी के अनुसार, दर्शी, पुंगनूर, रायचोटी, कडप्पा और पुलिवेंदुला जैसे स्थानों पर हिंसा की घटनाएं हुईं, जिसके लिए उसने वाईएसआरसीपी नेताओं को जिम्मेदार ठहराया. सत्तारूढ़ दल ने दावा किया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है.
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