By: ABP News Bureau | Updated at : 13 Aug 2016 03:29 PM (IST)
कांग्रेस नेता और सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल ने भी प्रमुखस्वामी को अपनी श्रद्धांजलि में इस बात पर खास तौर पर जोर दिया कि 24 सितंबर 2002 को गांधीनगर के अक्षरधाम मंदिर पर हुए आतंकी हमले के बावजूद प्रमुख स्वामी ने सांप्रदायिक सौहार्द की वकालत की थी. गौरतलब है कि प्रमुखस्वामी की अगुआई में बीएपीएस संस्था ने पूरी दुनिया में एक हजार से अधिक मंदिर बनाए हैं, जिसकी वजह से इनका नाम गिनेस बुक में रिकॉर्ड के तौर पर दर्ज है. गांधीनगर और दिल्ली में यमुना के किनारे मौजूद अक्षरधाम मंदिर प्रमुखस्वामी की अगुआई में ही निर्मित हुए, जहां दुनिया भर से सैलानी इनकी भव्यता को निहारने के लिए आते हैं. बीएपीएस की तरफ से लंदन से लेकर न्यूजर्सी और शिकागो से लेकर दक्षिण अफ्रीका के कई देशों में भी मंदिरों का निर्माण कराया गया है. प्रमुखस्वामी पिछले कई महीनों से सारंगपुर में रह रहे थे और वही उन्होंने अंतिम सांस भी ली. पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय एपीजे अब्दुल कलाम ने प्रमुखस्वामी के आध्यात्मिक जीवन को लेकर ट्रांसेंडेंस नामक पुस्तक लिखी थी, जिसका विमोचन सारंगपुर में ही हुआ था. कलाम बतौर राष्ट्रपति कई दफा प्रमुखस्वामी से आकर मिले थे. प्रमुखस्वामी ने दुनिया के तमाम देशों का दौरा कर बीएपीएस के काम को लगातार आगे बढाया. प्रमुखस्वामी के बचपन का नाम शांतिलाल था और उनका जन्म 7 दिसंबर 1921 को वडोदरा जिले के एक गांव चाणसद में हुआ था. उनके माता-पिता भी स्वामीनारायण संप्रदाय में आस्था रखते थे और ऐसे में बचपन में ही शांतिलाल का भी संपर्क बीएपीएस के तत्कालीन प्रमुख शास्त्रीजी महाराज से हुआ. शास्त्रीजी की प्रेरणा से ही दस जनवरी 1940 को महज 18 वर्ष की उम्र में शांतिलाल ने भागवती दीक्षा ली और उनका नया नाम हुआ नारायणस्वरुपदासजी. बाद में वो प्रमुखस्वामी के तौर पर अपने भक्तों से लेकर देश और दुनिया तक मशहूर हुए. 1950 में महज 28 साल की उम्र में प्रमुखस्वामी बीएपीएस के प्रमुख बने और अपने निधन तक लगातार 66 वर्ष तक ये जिम्मेदारी निभाते रहे. शास्त्रीजी के बाद योगीजी और फिर 1971 में प्रमुख स्वामी बीएपीएस के आध्यात्मिक प्रमुख बने. हाल के कुछ महीनों में सेहत खराब होने के पहले तक लगातार यात्रा करते रहने वाले प्रमुखस्वामी ने अपने जीवन में कुल मिलाकर 17 हजार से भी अधिक शहरों, गांवों और कस्बों का दौरा किया.HH Pramukh Swami Maharaj was a mentor to me. I will never forget my interactions with him. Will miss his presence. pic.twitter.com/p4lsx65zjY
— Narendra Modi (@narendramodi) August 13, 2016
'हरगिज नहीं मिलूंगा...', सऊदी प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने PAK नेताओं से मिलने से किया इनकार, आसिम मुनीर पर हुए फायर
'राहुल गांधी और भारत विरोधी लॉबी', ममदानी के बाद जब US सांसदों ने उमर खालिद के लिए लिखी चिट्ठी तो भड़की बीजेपी
Iran Protest: ईरान में हिंसक प्रदर्शन के पीछे कौन, सड़कों पर क्यों उतरा Gen Z? ट्रंप ने भी पहुंचा दिया मैसेज
'बेशर्म! बेशर्म', ईरान में रोजगार कम महंगाई ज्यादा, खामेनेई पर फूटा Gen-Z का गुस्सा
'इंदौर में जहर बंटा', गंदे पानी से हुई मौतों पर भड़के राहुल गांधी, कहा- हमेशा की तरह PM मोदी खामोश
कंगाल पाकिस्तान के हाथ लगा तेल और गैस का बड़ा खजाना! खुशी से फूले नहीं समा रहे शहबाज शरीफ, क्या मालामाल होगा पड़ोसी?
कभी सचिन तेंदुलकर को अपनी गेंद से किया था परेशान, आज स्कूल और बार में गाना गाकर घर चला रहा ये क्रिकेटर, जानिए नाम
Dhurandhar Worldwide Box Office Collection: रणवीर सिंह की 'धुरंधर' ने 'पुष्पा 2' का भी तोड़ दिया रिकॉर्ड, बनी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म
ये डबल गेम... क्रिकेटर्स को क्यों हैंडशेक की इजाजत नहीं? पाकिस्तानी स्पीकर के जयशंकर से हाथ मिलाने पर बौखलाए PAK एक्सपर्ट