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जीका वायरस को रोकेंगे प्रयोगशाला में बनें मच्छर!

ब्राजील ने अनुवांशिक रूप से संशोधित मच्छरों को जीका वायरस के लिए जिम्मेदार एडीस एजिप्टी की जनसंख्या को कम करने लिए वातावरण में छोड़ने की अनुमति दे दी है. ब्राजील के स्वास्थ्य अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी. इन विशिष्ट मच्छरों का निर्माण प्रयोगशाला में हुआ है. नेशनल हेल्थ सर्विलांस एजेंसी (एनविसा) ने मंगलवार को घोषणा कर कहा है कि उन्होंने ब्रिटिश जैव प्रौद्योगिकी कंपनी 'ऑक्सीटेक' को ट्रांसजेनिक मच्छरों को मुक्त करने की विशेष अनुमति दे दी है. इस कंपनी ने एडीस एजिप्टी मच्छरों की जनसंख्या के नियंत्रण के लिए कुछ विशिष्ट ट्रांसजेनिक मच्छरों को बाहरी वातावरण में छोड़ा है. वैज्ञानिकों ने इन ट्रांसजेनिक मच्छरों का समागम डेंगू, चिकनगुनिया और जीका वायरस के लिए जिम्मेदार मादा एडीस एजिप्टी से होने की उम्मीद जताई है, क्योंकि शोधार्थियों के अनुसार इनके समागम से पैदा होने वाला मच्छर वयस्क होने के पहले ही मर जाएगा. इस प्रक्रिया से जीका संक्रमण के खिलाफ एडीस के प्रसार पर रोक लगाई जा सकती है. इस परीक्षण ने जीका के खिलाफ कुछ इलाकों में संतोषजनक परिणाम दिए हैं. अनविसा ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि वह एक ऐसा नियामक ढांचा बनाएंगे, जो इस प्रकार के विकासशील और विकसित उत्पादों का मूल्यांकन करने में सक्षम हो.
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Source: IOCL


























