अब तक जनता का कितना पैसा लौटा चुका है सहारा, अब कितना उधार?
42 लाख निवेशकों को मिले 9,267 करोड़, पोर्टल री-ओपन होने से 20 लाख अटके दावों की जगी उम्मीद, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सरकार ने अब तक कितना पैसा लौटाया और कितना बाकी है?

सहारा इंडिया में देश के करोड़ों मध्यमवर्गीय परिवारों की गाढ़ी कमाई सालों से फंसी हुई है. अपनी जमा पूंजी वापस पाने के लिए लोग लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं. इस बीच सरकार और सुप्रीम कोर्ट के प्रयासों के बाद शुरू हुए CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल को लेकर एक बहुत बड़ा अपडेट आया है. अगर आप भी सहारा के निवेशक हैं या इस खबर पर नजर रख रहे हैं, तो आपके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि अब तक जनता का कितना पैसा लौटाया जा चुका है और अभी कितना उधार यानी कुल क्लेम बाकी है.
कितने निवेशकों का कितना पैसा फंसा था?
सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान यह सामने आया था कि सहारा समूह की चार बड़ी सहकारी समितियों, यानी सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी, सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपरपज सोसाइटी, हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी और स्टार्स मल्टीपरपज कोऑपरेटिव सोसाइटी में करीब 10 करोड़ निवेशकों का पैसा जमा था. सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2023 में दिए अपने आदेश में यह भी बताया था कि सेबी के पास मौजूद सहारा-सेबी रिफंड खाते में कुल 24,979.67 करोड़ रुपये जमा हैं.
अब तक कितना पैसा लौटाया जा चुका है?
जुलाई 2023 में शुरू हुए सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल के जरिए निवेशक अपना दावा कर सकते हैं. सहकारिता मंत्रालय के मुताबिक, 20 जनवरी 2026 तक इस पोर्टल के जरिए करीब 39 लाख 46 हजार निवेशकों को कुल 8,429.42 करोड़ रुपये लौटाए जा चुके हैं. शुरुआत में एक निवेशक को ज्यादा से ज्यादा 10,000 रुपये ही वापस मिल पाते थे, जिसे बाद में बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया गया. फरवरी 2026 में सरकार ने इस सीमा को और बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया, यानी अब निवेशक अपनी जमा राशि के हिसाब से 10 लाख रुपये तक का दावा कर सकते हैं.
कितना पैसा अभी भी बकाया है?
कोर्ट के आदेश पर रिफंड के लिए अलग रखे गए कुल 10,000 करोड़ रुपये में से अभी तक करीब 8,429 करोड़ रुपये ही बंट पाए हैं. यानी अभी भी करीब 1,500 करोड़ रुपये उसी तय राशि में से निवेशकों तक पहुंचना बाकी है. इसके अलावा सहारा-सेबी रिफंड खाते में मौजूद कुल 24,979.67 करोड़ रुपये में से अभी सिर्फ 10,000 करोड़ रुपये ही निवेशकों को लौटाने के लिए निकाले गए हैं, बाकी बड़ी रकम अभी भी उसी खाते में जमा है. सुप्रीम कोर्ट ने रिफंड की प्रक्रिया 31 दिसंबर 2026 तक जारी रखने की मंजूरी दी है, यानी आने वाले महीनों में और निवेशकों को उनका पैसा वापस मिलने की उम्मीद है.
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दावा करने के लिए क्या जरूरी है?
निवेशक mocrefund.crcs.gov.in पोर्टल पर जाकर अपना दावा कर सकते हैं. इसके लिए आधार नंबर का मोबाइल से लिंक होना और बैंक खाते से जुड़ा होना जरूरी है. इसके साथ ही सदस्यता नंबर, जमा खाता नंबर और जमा रसीद या पासबुक की जरूरत पड़ती है. 50,000 रुपये या उससे ज्यादा के दावे के लिए पैन कार्ड भी देना अनिवार्य है. जिन निवेशकों का पहला दावा किसी वजह से खारिज हो गया था या अधूरा भुगतान हुआ था, वे भी उसी दावे को ठीक करके दोबारा जमा कर सकते हैं.
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