दूसरे राज्य में गाड़ी करानी है ट्रांसफर, जान लें पूरा प्रोसेस
अगर किसी वजह से आपको दूसरे राज्य में लंबे समय तक शिफ्ट होना पड़ रहा है और आप अपनी गाड़ी साथ ले जा रहे हैं, तो आपको गाड़ी का रजिस्ट्रेशन ट्रांसफर कराना जरूरी होता है. जानें क्या है प्रोसेस.

अगर आप अपनी कार या बाइक लेकर किसी दूसरे राज्य में लंबे समय के लिए शिफ्ट हो रहे हैं, तो सिर्फ पुराने राज्य का रजिस्ट्रेशन नंबर इस्तेमाल करते रहना हमेशा पर्याप्त नहीं होता. मोटर वाहन नियमों के तहत, अगर वाहन दूसरे राज्य में 12 महीने से अधिक रखा जाता है, तो नए राज्य में उसका रजिस्ट्रेशन कराया जाना जरूरी होता है. ऐसा न करने पर आपका चालान हो सकता है.
इस प्रक्रिया में सबसे पहले यह तय करना होता है कि वाहन को नए राज्य में दोबारा रजिस्टर कराने की जरूरत है या नहीं. इसके बाद पुराने राज्य के RTO से NOC यानी No Objection Certificate लेना प्रोसेस का अहम हिस्सा होता है. ऐसे में आइए जानते हैं इसके पूरे प्रोसेस और जरूरी जानकारी के बारे में.
पुराने RTO से लें NOC
सबसे पहले उस RTO में आवेदन करना होता है, जहां आपकी गाड़ी वर्तमान में रजिस्टर्ड है. NOC के लिए आम तौर पर वाहन का RC, इंश्योरेंस, PUC और पहचान से जुड़े दस्तावेज मांगे जाते हैं. अगर वाहन पर लोन या हाइपोथिकेशन है, तो बैंक या फाइनेंस कंपनी से संबंधित अनुमति या दस्तावेज की भी जरूरत पड़ सकती है. वहीं NOC जारी होने से पहले संबंधित विभाग यह जांच कर सकता है कि वाहन पर कोई टैक्स बकाया, चालान या अन्य कानूनी समस्या तो नहीं है.
नए राज्य के RTO में आवेदन
NOC मिलने के बाद वाहन को उस नए राज्य के RTO में ले जाना होता है, जहां आप शिफ्ट हो रहे हैं. वहां आपको वहां वाहन के re-registration के लिए आवेदन करना होगा. इसके लिए आमतौर पर पुराने RC, NOC, इंश्योरेंस, PUC, पहचान और पते के प्रमाण जैसे दस्तावेज जमा करने पड़ते हैं. वहीं कुछ मामलों में वाहन की जांच भी की जाती है. नए राज्य का RTO दस्तावेजों और वाहन की जानकारी सत्यापित करने के बाद नया रजिस्ट्रेशन नंबर जारी करता है.
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रोड टैक्स का भुगतान
दूसरे राज्य में वाहन का नया रजिस्ट्रेशन कराने पर वहां लागू रोड टैक्स देना पड़ता है. टैक्स की राशि वाहन की कीमत, उम्र, इंजन क्षमता, ईंधन प्रकार और राज्य के नियमों के आधार पर अलग-अलग हो सकती है. इसी वजह से दूसरे राज्य में वाहन ट्रांसफर करने से पहले संबंधित राज्य के परिवहन विभाग की मौजूदा टैक्स दरों की जांच करना बेहतर होता है.
पुराने राज्य से टैक्स रिफंड
अगर आपने पुराने राज्य में वाहन का रोड टैक्स पहले ही जमा कर दिया है और नए राज्य में दोबारा टैक्स देना पड़ रहा है, तो कुछ परिस्थितियों में पुराने राज्य से टैक्स रिफंड का दावा किया जा सकता है. इसके लिए पुराने RTO में आवेदन और नए राज्य में जमा किए गए टैक्स के प्रमाण सहित संबंधित दस्तावेज देने पड़ सकते हैं.
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