सर्दी के मौसम में कार के टायर में कितनी होनी चाहिए हवा, जानें जरूरी बात
सर्दियों में तापमान गिरने से टायर का प्रेशर भी कम हो सकता है. जानिए कार के टायर में सही हवा कितनी होनी चाहिए और इसे कब चेक करना चाहिए

सर्दियों में तापमान गिरने के साथ कार के टायर का एयर प्रेशर भी कम हो सकता है. इसलिए ठंड के मौसम में टायर प्रेशर पर नजर रखना कार की सेफ्टी और बेहतर ड्राइविंग के लिए जरूरी है. हालांकि, ऐसा कोई एक तय PSI नंबर नहीं है जो हर कार के लिए सही हो. सही प्रेशर आपकी कार के मॉडल, टायर साइज और लोड के हिसाब से कार निर्माता तय करता है.
यह जानकारी आमतौर पर ड्राइवर साइड के दरवाजे के फ्रेम पर लगे स्टिकर या कार के ओनर मैनुअल में दी होती है. टायर की साइडवॉल पर लिखा अधिकतम PSI आपकी कार के लिए recommended pressure नहीं होता. इसलिए सर्दियों में भी उसी cold tyre pressure को बनाए रखना चाहिए जो कार निर्माता ने बताया है.
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ठंड में टायर का प्रेशर क्यों कम होता है.
तापमान कम होने पर टायर के अंदर मौजूद हवा का प्रेशर भी कम हो जाता है. इसलिए गर्मियों में सही रहने वाला प्रेशर सर्दियों में कुछ कम दिखाई दे सकता है. टायर प्रेशर में तापमान के साथ बदलाव सामान्य है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर कार में सर्दियों के लिए अतिरिक्त हवा अपने आप भरनी चाहिए. उदाहरण के तौर पर, कुछ वाहन मैनुअल में तापमान में बदलाव के साथ लगभग 7°C पर करीब 1 PSI के बदलाव का संदर्भ दिया जाता है, लेकिन वास्तविक बदलाव परिस्थितियों के अनुसार अलग हो सकता है. इसलिए किसी सामान्य नंबर के बजाय अपनी कार के manufacturer-recommended pressure को आधार बनाना सबसे सुरक्षित तरीका है.
कितनी हवा भरनी चाहिए.
अगर आपकी कार के टायर का recommended cold pressure 32 PSI है, तो ठंड के मौसम में भी लक्ष्य 32 PSI ही होना चाहिए, जब टायर ठंडे हों. इसी तरह अगर आपकी कार के स्टिकर पर आगे और पीछे के टायर के लिए अलग-अलग pressure दिया गया है, तो दोनों में वही pressure रखना चाहिए. भारत में कई कारों के लिए pressure करीब 30-35 PSI के आसपास हो सकता है, लेकिन इसे सभी कारों के लिए सही मानना गलत होगा. Apollo Tyres भी बताता है कि अलग-अलग कारों के लिए pressure अलग हो सकता है. इसलिए हवा भरने से पहले अपनी कार के door-frame sticker या owner’s manual में दिया आंकड़ा जरूर देखें.
टायर हमेशा ठंडे होने पर चेक करें.
टायर प्रेशर चेक करने का सबसे सही समय तब है जब कार काफी समय से खड़ी हो. NHTSA के अनुसार, cold tyre का मतलब आम तौर पर ऐसा टायर है जिसे कम से कम तीन घंटे से नहीं चलाया गया हो. गर्म टायर में ड्राइविंग के कारण pressure सामान्य रूप से बढ़ जाता है, इसलिए उस समय हवा निकालकर उसे recommended cold pressure तक लाना सही नहीं है. Michelin भी टायर को cold condition में चेक करने की सलाह देता है. लंबी यात्रा से पहले और नियमित अंतराल पर चारों टायरों के साथ spare tyre का pressure भी जांचना चाहिए.
कम या ज्यादा हवा दोनों नुकसानदायक हैं.
टायर में जरूरत से कम हवा होने पर handling प्रभावित हो सकती है, टायर ज्यादा गर्म हो सकता है और uneven wear के साथ fuel efficiency भी कम हो सकती है. दूसरी तरफ जरूरत से ज्यादा हवा भरने पर ride ज्यादा कठोर हो सकती है और टायर के बीच वाले हिस्से में ज्यादा घिसाव हो सकता है. इसलिए सर्दियों में सिर्फ इसलिए extra air नहीं भरनी चाहिए कि मौसम ठंडा है. सही तरीका है कि cold condition में pressure चेक करें और उसे कार निर्माता के recommended level पर रखें. अगर किसी एक टायर का pressure बार-बार कम हो रहा है, तो puncture, valve या किसी दूसरे leak की जांच किसी qualified tyre professional से करानी चाहिए.
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