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एग्रीकल्चर
कॉटन उत्पादन हुआ कम, जिम्मेदार कौन, किसान, इंसान या टेक्सटाइल इंडस्ट्री?
भारत में कपास की उत्पादकता चिंता का विषय बन गई है. विश्व औसत से तुलना करें तो भारत की स्थिति काफी कमजोर है.
- अलका राशि
INDIA AT 2047
कनाडा को ट्रूडो धकेल रहे अंधी खाई की ओर, भारत न झुकेगा न उसकी प्रगति रुकेगी
कनाडा के विपक्षी नेताओं ने भी ट्रूडो की आलोचना की, यहां तक कि खुद उनकी पार्टी के 28 सांसदों ने उनको कहा कि या तो वह अपने गैर-जिम्मेदाराना वक्तव्यों पर लगाम लगाएं या फिर इस्तीफा दें.
- डॉ. अमित सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर
blog
छठ के बहाने गुलजार हुए बिहार के गांव पर्व के बाद फिर होंगे खाली, कब रुकेगा ये पलायन?
- गिरीन्द्र नाथ झा
इंडिया
70 साल में 25 हजार से 95 लाख: जानिए चुनाव में कैसे पानी की तरह बह रहे करोड़ों रुपये
भारत में चुनावी चंदे को लेकर सख्त नियम बनाए गए हैं. यह जरूरी है ताकि चुनाव निष्पक्ष तरीके से हो सके और पारदर्शिता बनी रहे. साथ ही देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था भी मजबूत रहे.
- तरुण अग्रवाल
blog
दीपावली से मिले सबकः पर्यावरण और जीवन का संतुलन बनाना ही असली काम
- अमन राज
इंडिया
दुनिया को सस्ती और असरदार दवाएं देने में भारत सबसे आगे कैसे?
2023-24 में दवाओं का कुल कारोबार 4,17,345 करोड़ रुपये का रहा, जो 2022-23 के मुकाबले 10% ज्यादा है. पिछले पांच सालों में यह उद्योग लगातार बढ़ रहा है.
- तरुण अग्रवाल
blog
जातीय गठबंधनों के प्रदेश में बनी रहेगी भाकपा माले की प्रासंगिकता
- प्रशांत कुमार मिश्र, राजनीतिक विश्लेषक
विश्व
धरती का तापमान 1.5°C रखने का लक्ष्य अब सपना ही रह जाएगा?
अगर किसी महीने या साल में तापमान 1.5°C बढ़ जाता है, तो यह एक चेतावनी है कि हम खतरे के करीब पहुंच रहे हैं. हमें प्रदूषण कम करने के लिए और भी ज्यादा प्रयास करने होंगे.
- तरुण अग्रवाल
INDIA AT 2047
ट्रंप ने बनाया अमेरिकी चुनाव में हिंदू हित को मुद्दा, भारतीयता के मुद्दे अब दुनियावी राजनीति के मसले
बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों का जिस तरह दमन हुआ, जिस तरह कत्लोगारत हुआ, उसका पूरी दुनिया ने संज्ञान लिया, यह बेहद अच्छी बात है, वरना आज तक का इतिहास तो दूसरा ही था.
- डॉ. अमित सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर
इंडिया
शहर से लेकर गांव तक खाने-पीने पर खर्च घटा, मकान और यात्रा का खर्च बढ़ा
शहरी इलाकों में हाल के कुछ सालों में उपभोक्ता खर्च के पैटर्न में काफी बड़ा बदलाव देखा गया है. लोग अब खाने-पीने पर पहले से कम खर्च कर रहे हैं. करीब 9 फीसदी की गिरावट आई है.
- अलका राशि
blog
कांग्रेस को क्यों सौंपनी पड़ी थी सरदार पटेल को कमान, आज की तारीख में अहम है यह सवाल
- अनिल चमड़िया
शिक्षा
फीस देने में खप रहे हैं माता-पिता, स्कूल-कॉलेजों की हो रही मोटी कमाई
भारत में बच्चों की पढ़ाई का खर्चा आसमान छू रहा है. स्कूल-कॉलेजों की फीस इतनी बढ़ गई है कि माता-पिता के पसीने छूट रहे हैं. एक तरफ महंगाई की मार, दूसरी तरफ बच्चों की पढ़ाई का खर्चा.
- तरुण अग्रवाल
हेल्थ
प्रिसिजन मेडिसिन: भारत में इस पर काम शुरू, घातक बीमारियों से निपटने की तैयारी
प्रिसिजन मेडिसिन एक नया और व्यक्तिगत स्वास्थ्य देखभाल का तरीका है. ये इलाज और रोकथाम को मरीज के जीन, जीवनशैली और वातावरण के अनुसार अनुकूलित करता है.
- अलका राशि
blog
भारत में कभी पटाखों पर बैन तो कभी पर्यावरण का ज्ञान, हरेक हिंदू त्योहार ही क्यों गुजरे सूक्ष्मदर्शी के नीचे?
- व्यालोक पाठक
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र चुनाव 2024: वर्ली सीट पर आदित्य ठाकरे की विरासत बनाम मिलिंद देवड़ा का अनुभव
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 के लिए मतदान 20 नवंबर को है. मुंबई के वर्ली निर्वाचन क्षेत्र पर सबकी नजरें हैं. शिवसेना (UBT) के नेता आदित्य ठाकरे और शिंदे की शिवसेना के मिलिंद देवरा की टक्कर है.
- मानस मिश्र
इंडिया
क्या आप भी होते हैं इमोशनल, क्यों अब भावुक होना बन सकता है जानलेवा? रिसर्च ने चौंकाया
तनाव, चिंता, और अवसाद जैसी भावनाएं शारीरिक स्वास्थ्य को खतरे में डाल सकती हैं, जिससे हृदय रोग, स्ट्रोक, और अन्य गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है.
- अलका राशि
बिजनेस
सोना या हीरा, किसे खरीदने में है ज्यादा फायदा?
सोना और हीरा, दोनों ही कीमती धातु हैं और लोग अक्सर इन्हें निवेश के तौर पर खरीदते हैं. लेकिन, दोनों के अपने-अपने फायदे और नुकसान हैं.
- तरुण अग्रवाल
INDIA AT 2047
कहीं पटाखे तो कहीं पराली जलाने पर थोपा जा रहा दोष, साफ हवा का सपना उलझा ही रहा
वायु प्रदूषण से जुड़ा सारा विमर्श पिछले कई सालों से पराली और पटाखों तक सिमट गया है जबकि विमर्श होना चाहिए पंजाब और हरियाणा जैसे कम बारिश वाले क्षेत्रों में धान की खेती के औचित्य पर!
- कुशाग्र राजेंद्र
इंडिया
ब्रह्मोस से लेकर आकाश तक, भारत किन देशों को सबसे ज्यादा कर रहा है मिसाइल की सप्लाई
रिपोर्ट के अनुसार, भारत के पास सैन्य हथियारों के निर्यात के लिए लगभग 21,000 करोड़ रुपये का ऑर्डर है. भारत की सरकारी और निजी क्षेत्र की कंपनियां लगभग 100 देशों को हथियार निर्यात कर रही हैं.
- अलका राशि
इंडिया
आम आदमी का खर्चा-पानी: किस राज्य के गांव और शहर में लोग सबसे खर्चीले?
समाज के अलग-अलग तबकों के लोगों का औसतन मासिक खर्च भी बताया गया है. रिपोर्ट में अनुसूचित जनजाति (ST), अनुसूचित जाति (SC), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अन्य श्रेणियों के लोगों के खर्च का हिसाब भी है.
- तरुण अग्रवाल
blog
नई जेनरेशन को तकनीक जबकि पुरानी जेनरेशन को पता होता है कि गलतियां कहां होती है
- डॉ. राहुल चौधरी
इंडिया
न्यूनतम समर्थन मूल्य और भारी सब्सिडी के बाद भी क्यों नहीं सुधर रही भारत के किसानों की हालत?
राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन (NSSO) के 2018 के आंकड़ों के अनुसार, केवल 6% किसान अपनी उपज न्यूनतन समर्थन मूल्य पर बेचने में सक्षम हैं.
- अलका राशि
इंडिया
जनगणना होना तय: इस बार सोच-समझकर देना जवाब, आंकड़े बनने वाले हैं बड़े बदलाव की वजह
भारत में अब तक 15 बार जनगणना हो चुकी है. 1872 में वायसराय लॉर्ड मेयो के समय से हर 10 साल में ये काम होता आया है. 1949 के बाद से गृह मंत्रालय के अंदर रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त इस काम को करते हैं
- तरुण अग्रवाल
blog
इजरायल का ईरान पर हमला है आग में घी डालने की कोशिश, मिडल ईस्ट नहीं होगा फिलहाल युद्धमुक्त
- अनमोल कौंडिल्य
blog
Opinion: महाराष्ट्र में एक गठबंधन जनता के लिए जबकि दूसरे कर रहे परिवार को स्थापित करने के लिए काम
- जमाल सिद्दिकी, राष्ट्रीय अध्यक्ष, बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा
विश्व
अमेरिका में चुनाव का अजीबोगरीब तरीका: जनता की पसंद, फिर भी उनकी नहीं चलती!
अमेरिका में राष्ट्रपति का चुनाव सीधे नहीं होता, बल्कि एक टेढ़े तरीके से होता है. यह सिस्टम समझना थोड़ा मुश्किल जरूर है, लेकिन अमेरिका में यही चलता है.
- तरुण अग्रवाल
इंडिया
त्योहारों पर कीमतों का ग्रहण, अब तो रोटी-दाल पर खर्च करना भी मुश्किल
भारत में अगस्त के महीने में खुदरा महंगाई दर 3.65 प्रतिशत थी, जो एक महीने बाद ही यानी सितंबर में बढ़कर 5.49 प्रतिशत पर पहुंच गई.
- अलका राशि
INDIA AT 2047
'क्रिएटिविटी के दम पर दुनिया में छाया भारत...', एनिमेशन की दुनिया में ‘Made In India’ की धूम
पीएम मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भरता का ये अभियान अब सिर्फ सरकारी अभियान न होकर आत्मनिर्भरत भारत अभियान, एक जन अभियान बन रहा है.
- राजेश कुमार
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