OTP फ्रॉड पर लगेगा ताला, नया सिस्टम ला रहा है TRAI
फोन पर OTP आते ही बिना पूरा मैसेज पढ़े कोड इस्तेमाल करने की आपकी एक छोटी सी आदत आपको बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है. इस वजह से ही TRAI कर रहा है ओटीपी के नियम में एक बड़ा बदलाव.

- ऑनलाइन धोखाधड़ी रोकने हेतु TRAI OTP सिस्टम बदलेगा।
- OTP अब नोटिफिकेशन में नहीं, ऐप खोलने पर दिखेगा।
- कंपनियां OTP का उद्देश्य, पहचान और वैधता स्पष्ट करेंगी।
- साइबर धोखाधड़ी से अरबों रुपये के नुकसान रोकने का उद्देश्य।
आज के समय में जब भी हमारे फोन पर कोई OTP आता है. तो हम पूरा मैसेज पढ़ते ही नहीं. बस स्क्रीन के ऊपर नोटिफिकेशन में दिखने वाले कोड को देखते हैं और फटाफट अपना काम निपटाकर आगे बढ़ जाते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी इसी जल्दबाजी और आलस का फायदा ऑनलाइन ठग उठा रहे हैं? देश में तेजी से बढ़ते साइबर फ्रॉड और OTP स्कैम पर लगाम लगाने के लिए अब टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी ट्राई TRAI एक बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है.
TRAI ओटीपी आने के पूरे सिस्टम और मैसेज के फॉर्मेट को बदलने का नया प्लान बना रहा है. इस नए नियम के लागू होने के बाद आपके फोन पर ओटीपी दिखने का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा जिससे आम यूजर्स आसानी से असली और नकली मैसेज के बीच का फर्क समझ सकें.
कैसा होगा नया फॉर्मेट?
TRAI की इस नई तैयारी में सबसे बड़ा बदलाव यह होने जा रहा है कि आने वाले समय में जब आपके Phone पर कोई OTP आएगा तो वह ऊपर नोटिफिकेशन बार या लॉक स्क्रीन प्रीव्यू में नजर नहीं आएगा. उसे देखने के लिए आपको बकायदा अपने फोन का मैसेज ऐप खोलना पड़ेगा और मैसेज के अंदर जाकर ही वह कोड दिखेगा. इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि आपके आसपास खड़े होकर फोन में तांक-झांक करने वाले लोग या स्क्रीन शेयरिंग ऐप के जरिए ठगी करने वाले जालसाज आपका ओटीपी चोरी नहीं कर पाएंगे.
इसके अलावा TRAI सभी बैंकों, ई-कॉमर्स कंपनियों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए ओटीपी भेजने का एक फिक्स ढांचा यानी स्टैंडर्ड फॉर्मेट तय करने जा रहा है. इस नए फॉर्मेट में कंपनी को साफ शब्दों में बताना होगा कि यह कोड लॉगिन के लिए है पैसे कटने के लिए है या किसी और काम के लिए. इसके साथ ही मैसेज में कंपनी की पहचान और कोड की वैलिडिटी का समय भी साफ-साफ लिखा होगा.

इसलिए जरूरी था यह कदम
आखिर TRAI को OTP जैसे छोटे से मैसेज के लिए इतना बड़ा नियम बनाने की जरूरत क्यों पड़ी? इसका जवाब किसी के भी होश उड़ा सकते हैं. दरअसल नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के डेटा को देखें तो साल 2021 में ऑनलाइन धोखाधड़ी की करीब 2.62 लाख शिकायतें दर्ज हुई थीं।
जो साल 2025 तक बढ़कर 24.02 लाख के पार पहुंच गईं. इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि इन ऑनलाइन ठगी की घटनाओं में आम लोगों का फंसा हुआ पैसा 551 करोड़ रुपये से बढ़कर 22495 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है.
हालांकि यह आंकड़े हर तरह के साइबर क्राइम के हैं. लेकिन इनमें सबसे बड़ा हथियार ओटीपी को ही बनाया जाता है. ठग बातों में उलझाकर पेमेंट का OTP मंगवा लेते हैं और यूजर बिना मैसेज पढ़े कोड बता देता है. इसी लूट को रोकने के लिए अब मैसेजिंग सिस्टम की बारीकियों को सुधारा जा रहा है.

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क्या नए नियम से रुक जाएगी ठगी?
अब सवाल यह है कि क्या सिर्फ फॉर्मेट बदलने से Cyber Fraud फ्रॉड पूरी तरह खत्म हो जाएगा? Cyber Security एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब नया फॉर्मेट आएगा तो शातिर ठग भी अपने फर्जी मैसेज लिखने का तरीका बदल लेंगे. इसके अलावा आजकल जालसाज नॉर्मल SMS के बजाय WhatsApp और Telegram जैसे Apps के जरिए ज्यादा शिकार फंसा रहे हैं. लेकिन TRAI के इस कदम से लोगों के बीच जागरूकता जरूर बढ़ेगी.
जब यूजर को मजबूरन मैसेज ऐप खोलकर अंदर जाना पड़ेगा। तो उसकी नजर पूरे Text पर पड़ेगी और वह समझ पाएगा कि यह कोड किस काम के लिए आया है. अपनी मेहनत की कमाई को सेफ रखने के लिए कभी भी किसी अनजान कॉल पर OTP शेयर न करें और अगर बिना किसी ट्रांजैक्शन के अचानक बैंक से OTP आता है तो तुरंत अकाउंट की जांच करें.
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