एक छोटी सी वजह से खतरे में दुनिया भर की हजारों वेबसाइट्स, जानिए आखिर क्या है यह PHP?
इंटरनेट की दुनिया में अचानक हड़कंप मच गया है दुनिया भर की हजारों बड़ी वेबसाइट्स पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है करीब दस साल से PHP में एक ऐसी चूक छुपी हुई थी जिसकी भनक किसी को नहीं लगी. जानें पूरी खबर.

Internet की दुनिया में इस वक्त हलचल मची हुई है. गुरुवार यानी22 अक्टूबर को अचानक दुनिया भर की कई बड़ी वेबसाइट्स और ऑनलाइन सर्विसेज प्रभावित हो गई हैं. हैरानी की बात यह है कि किसी हैकर ने हमला करके इन्हें बंद नहीं किया. बल्कि वेबसाइट चलाने वालों ने खुद डर के मारे अपने सिस्टम Offline कर दिए. इसकी वजह बना है PHP जो कि एक बेहद पॉपुलर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है जिसमें करीब दस साल से एक बहुत बड़ी खामी छुपी हुई थी.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की मदद से जब इस गड़बड़ी का पता चला तो साइबर दुनिया में सकते में आ गई. सरकारी पोर्टल्स से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग स्टोर्स तक, हजारों वेबसाइट्स पर हैकिंग का सीधा खतरा मंडराने लगा है. साइबर एजेंसियों और सरकारों ने तुरंत अलर्ट जारी कर दिया कि जल्द से जल्द अपने सिस्टम अपडेट कर लें. आखिर यह PHP क्या चीज है और इसकी एक चूक ने पूरी दुनिया को परेशानी में क्यों डाल दिया. चलिए आपको बताते हैं.
क्या है यह PHP?
हम रोजाना Internet पर दर्जनों वेबसाइट्स खोलते हैं. कभी कुछ सर्च करते हैं, Login करते हैं तो कभी Online शॉपिंग करते हैं. आपके एक क्लिक पर स्क्रीन के पीछे यानी Server पर जो तकनीक इन सारे कामों को पूरा करती है उसी में सबसे बड़ा नाम PHP का है. 1990 के दशक में शुरू हुई यह एक फ्री और ओपन सोर्स प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है. जिसे सीखना और इस्तेमाल करना काफी आसान माना जाता है.
शुरुआत में इसे पर्सनल होम पेज कहा जाता था. लेकिन अब आधिकारिक तौर पर इसे हाइपरटेक्स्ट प्रीप्रोसेसर के नाम से जाना जाता है. यह तकनीक कितनी बड़ी है इसका अंदाजा आप साइबर सिक्योरिटी कंपनी विज रिसर्च की रिपोर्ट से लगा सकते हैं. इस रिपोर्ट के मुताबिक आज दुनिया भर की करीब 70 फीसदी वेबसाइट्स किसी न किसी तरीके से PHP के भरोसे ही चल रही हैं. यानी जिस चीज के सहारे इंटरनेट की दो-तिहाई से ज्यादा दुनिया टिकी हो अगर उसी में कोई दरार आ जाए तो फिर हंडकंप तो मचेगा.

दस साल से छुपी थी गड़बड़ी
रिसर्चर्स को PHP के कोड में Remote Code Execution से जुड़ी दो बेहद खतरनाक खामियां मिली हैं. जो पिछले दस सालों से वहीं दबी हुई थीं. इसे ऐसे समझिए कि आपके घर के दरवाजे में कोई ऐसी कमी रह जाए जिससे कोई भी अनजान शख्स बिना चाबी के अंदर घुसकर अपनी मनमर्जी से काम करने लगे. इस खामी के जरिए हैकर्स दूर बैठकर ही किसी भी सर्वर पर अपना कोड चला सकते थे, डेटा चुरा सकते थे और पूरी वेबसाइट हाईजैक कर सकते थे.
21 अक्टूबर को PHP फाउंडेशन ने इसे ठीक करने के लिए अपडेट तो जारी कर दिया लेकिन बड़ी वेबसाइट्स को अपडेट करना कोई आसान काम तो है नहीं. डेवलपर्स को पहले पूरा सिस्टम और वर्जन चेक करना पड़ता है जिससे वेबसाइट क्रैश न हो जाए. इसी जांच-पड़ताल के लिए फिनलैंड,नीदरलैंड और स्कॉटलैंड समेत दुनिया के कई देशों की पब्लिक सर्विसेज और की साइबर एजेंसी ने एहतियातन अपनी सर्विसेज को कुछ वक्त के लिए ऑफलाइन कर दिया.

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AI ने कैसे पकड़ी यह पुरानी चूक?
पिछले दस साल से बची रही इस गलती को पकड़ने में AI ने कमाल कर दिखाया है. साइबर सिक्योरिटी Wiz और OpenAI की फंडिंग वाली कंपनी Calif ने AI मॉडल्स के जरिए PHP के कोड की गहराई से जांच की और यह लूपहोल ढूंढ निकाला. हालांकि जेम्स कुक यूनिवर्सिटी के एक्सपर्ट Steve Kerrison ने चेतावनी दी है कि खामी पब्लिक होने के बाद अब साइबर अपराधी भी AI की मदद से तेजी से हमले कर सकते हैं.
ऐसे में एक्सपर्ट्स की सलाह है कि सभी वेबसाइट मालिक तुरंत चेक करें कि वे PHP का कौन सा वर्जन चला रहे हैं और बिना देरी किए नया सिक्योरिटी पैच इंस्टॉल करें. इसके साथ ही वेबसाइट से जुड़े थर्ड-पार्टी सॉफ्टवेयर चेक करें और सर्वर लॉग्स पर कड़ी नजर रखें. अगर सिस्टम में जरा भी छेड़छाड़ दिखे तो तुरंत सारे पासवर्ड बदल दें.
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