एक्सप्लोरर

फोन चार्ज करते वक्त 90 फीसदी लोग करते हैं ये गलतियां, आप न करें

लोग अपने मंहगे फोन को बाहर से तो खूब संभालकर रखते हैं. लेकिन उसे चार्ज करते सम गलतियां कर बैठते हैं जो धीरे-धीरे बैटरी की जान ले लेती हैं. आपकी कौन सीआदतें फोन को भारी नुकसान पहुंचा रही हैं? जान लें.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • रात भर चार्जिंग और 0-100% बैटरी को नुकसान पहुंचाती है।
  • चार्ज करते समय फोन का इस्तेमाल बैटरी फुलाता है।
  • मोटे कवर में चार्जिंग और लोकल चार्जर बैटरी बिगाड़ते हैं।

आज के दौर में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का एक ऐसा हिस्सा बन चुका है. जिसके बिना कुछ घंटे बिताना भी मुश्किल लगता है. हम अपने फोन को सेफ रखने के लिए उस पर महंगा टेम्पर्ड ग्लास लगवाते हैं और शानदार बैक कवर भी चढ़ाते हैं. लेकिन जब बात फोन को चार्ज करने की आती है तो हममें से करीब 90 फीसदी लोग अनजाने में ऐसी गलतियां कर बैठते हैंजो धीरे-धीरे फोन की बैटरी की जान ले लेती हैं. 

अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि नया फोन लेने के साल भर बाद ही उसकी बैटरी जल्दी कम होने लगी है और फोन जरूरत से ज्यादा गर्म होने लगा है. दरअसल ऐसा हमारी चार्जिंग से जुड़ी गलत आदतों के चलते होता है. अगर आप भी चाहते हैं कि आपका स्मार्टफोन सालों-साल नए जैसा चले और उसकी बैटरी जल्दी खराब न हो तो आपको अपनी कुछ आदतों में तुरंत बदलाव करने की जरूरत है.

रात भर चार्जिंग पर छोड़ना और 0 से 100% तक चार्ज करना

ज्यादातर लोगों की आदत होती है कि रात को सोते समय फोन को चार्जर पर लगाया और सुबह उठकर ही स्विच ऑफ किया. भले ही आजकल के स्मार्टफोन्स में ऑटो-कट फीचर आता है. लेकिन घंटों तक प्लग-इन रहने से बैटरी में ट्रिकल चार्जिंग चलती रहती है. जिससे फोन के अंदर हल्की गर्मी बनी रहती है. इसके अलावा लोग बैटरी के बिल्कुल 0 प्रतिशत पर आने का इंतजार करते हैं और फिर उसे पूरा 100 प्रतिशत तक चार्ज करते हैं. 

एक्सपर्ट्स की मानें तो लिथियम-आयन बैटरी के लिए यह दोनों ही स्थितियां बेहद नुकसानदायक हैं. बैटरी की लंबी उम्र के लिए 20-80 का नियम सबसे बेस्ट माना जाता है. यानी जब फोन की बैटरी 20 प्रतिशत के आसपास आ जाए तो उसे चार्ज पर लगा दें और 80 से 85 प्रतिशत होते ही चार्जर हटा लें. ऐसा करने से बैटरी के सेल्स पर एक्स्ट्रा दबाव नहीं पड़ता और उसकी चार्जिंग साइकिल लंबे समय तक बनी रहती है.


फोन चार्ज करते वक्त 90 फीसदी लोग करते हैं ये गलतियां, आप न करें

चार्जिंग के दौरान फोन चलाना और मोटे कवर का इस्तेमाल

जब फोन चार्जिंग पर लगा होता है. तो उसके अंदर केमिकल रिएक्शन की वजह से वह थोड़ा गर्म होता है. ऐसे में अगर आप चार्जिंग केबल लगे-लगे ही फोन पर गेम खेलने लगते हैं, रील्स स्क्रॉल करते हैं या वीडियो कॉल करते हैं, तो प्रोसेसर और बैटरी दोनों पर डबल लोड पड़ता है. इसे पैरासिटिक लोड कहा जाता है जो न सिर्फ बैटरी को फुला सकता है. बल्कि कई बार फोन फटने जैसे सीरियस एक्सीडेंट की वजह भी बन जाता है. 

दूसरी बड़ी गलती यह है कि लोग फोन को बिस्तर, सोफे या तकिए के नीचे रखकर चार्ज करते हैं. इससे फोन से निकलने वाली गर्मी बाहर नहीं जा पाती और डिवाइस ओवरहीट होने लगता है. अगर आपने फोन पर कोई बहुत मोटा या फिर रबर वाला फैंसी कवर चढ़ा रखा है और फास्ट चार्जिंग के वक्त फोन ज्यादा गर्म हो रहा है. तो चार्ज करते समय उसका कवर निकालकर किसी सपाट जगह पर रख दें.

फोन चार्ज करते वक्त 90 फीसदी लोग करते हैं ये गलतियां, आप न करें

यह भी पढ़ें: सर्दियों में किस तापमान पर चलाएं अपना फ्रिज? जान लें अपने काम की बात

सस्ते और लोकल चार्जर और केबल का इस्तेमाल

अक्सर देखा जाता है कि जब फोन का ओरिजिनल चार्जर या फिर उसकी डेटा केबल खराब हो जाती है. तो लोग पैसे बचाने के चक्कर में लोकल मार्केट से 100-150 रुपये वाली सस्ती केबल खरीद लेते हैं. आजकल के स्मार्टफोन्स में बेहद सेंसटिव फास्ट चार्जिंग चिप लगी होती है, जिसे एक तय मात्रा में ही करंट और वोल्टेज चाहिए होता है. लोकल चार्जर में वोल्टेज को कंट्रोल करने वाले सेफ्टी सर्किट नहीं होते. 

यह कभी बहुत कम तो कभी अचानक बहुत ज्यादा पावर सप्लाई कर देते हैं. जिससे न सिर्फ बैटरी की कैपेसिटी तेजी से गिरती है बल्कि फोन का चार्जिंग पोर्ट और मदरबोर्ड तक जलने का खतरा रहता है. इसलिए हमेशा अपने फोन के साथ मिले ओरिजिनल एडेप्टर या सर्टिफाइड ब्रांड के चार्जर का ही इस्तेमाल करें.

यह भी पढ़ें: कितना भारी सामान उठा सकता है ड्रोन, इंसान के लिए कितना बड़ा साइज जरूरी?

About the author नीलेश ओझा

नीलेश ओझा पिछले पांच साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उनकी लेखन शैली में तथ्यों की सटीकता और इंसानी नजरिए की गहराई दोनों साथ-साथ चलती हैं.पत्रकारिता उनके लिए महज़ खबरें इकट्ठा करने या तेजी से लिखने का काम नहीं है. वह मानते हैं कि हर स्टोरी के पीछे एक सोच होनी चाहिए.  

कुछ ऐसा जो पाठक को सिर्फ जानकारी न दे बल्कि सोचने के लिए भी मजबूर करे. यही वजह है कि उनकी स्टोरीज़ में भाषा साफ़ होती है.लिखने-पढ़ने का शौक बचपन से रहा है. स्कूल की नोटबुक से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे पेशेवर लेखन और पत्रकारिता तक पहुंचा. आज भी उनके लिए लेखन सिर्फ पेशा नहीं है यह खुद को समझने और दुनिया से संवाद करने का ज़रिया है.

पत्रकारिता के अलावा वह साहित्य और समकालीन शायरी से भी गहराई से जुड़े हुए हैं. कभी भीड़ में तो कभी अकेले में ख्यालों को शायरी की शक्ल देते रहते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता का काम सिर्फ घटनाएं गिनाना नहीं है. बल्कि पाठक को उस तस्वीर के उन हिस्सों तक ले जाना है. जो अक्सर नजरों से छूट जाते हैं.

उन्होंने स्पोर्ट्सविकी, क्रिकेट एडिक्टर, इनशॉर्ट्स और जी हिंदुस्तान जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

25 हजार में बेस्ट हैं ये स्मार्ट टीवी, मिलेंगे ढेर सारे फीचर्स
25 हजार में बेस्ट हैं ये स्मार्ट टीवी, मिलेंगे ढेर सारे फीचर्स
फोन जेब में, कॉल और मैसेज PC पर! Android-Windows कनेक्शन ऐसे करें
फोन जेब में, कॉल और मैसेज PC पर! Android-Windows कनेक्शन ऐसे करें
कमरा जल्दी गर्म करेगा ब्लोअर या ऑयल हीटर? दोनों की टेक्नोलॉजी समझें
कमरा जल्दी गर्म करेगा ब्लोअर या ऑयल हीटर? दोनों की टेक्नोलॉजी समझें
बिना तार कैसे गर्म होती है कॉर्डलेस प्रेस? जानें इसकी टेक्नोलॉजी
बिना तार कैसे गर्म होती है कॉर्डलेस प्रेस? जानें इसकी टेक्नोलॉजी
Advertisement

वीडियोज

Sansani: बॉलीवुड पर लॉरेंस की खूनी नजर!
UP कांग्रेस के हाथ SIR की कौन सी 'फाइल'?
जमानत मिलने से पहले High Court ने Saurabh Das-Ashutosh Ranka को फटकारा!
सितारों की कड़ी सुरक्षा..'प्लान A' फेेल हुआ!
'दुश्मन' कौन 'अराजक' मौन?
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'केंद्र सरकार यह भूल जाती है कि...', बोले अन्नामलाई, CJP और कांग्रेस पर क्या कहा?
'केंद्र सरकार यह भूल जाती है कि...', बोले अन्नामलाई, CJP और कांग्रेस पर क्या कहा?
नीला ड्रम केस: मुस्कान की बेटी का खर्च उठाएंगे फैजान अंसारी? कोर्ट में दी अर्जी
नीला ड्रम केस: मुस्कान की बेटी का खर्च उठाएंगे फैजान अंसारी? कोर्ट में दी अर्जी
सौरव दास-आशुतोष रांका को किसने तिहाड़ से बाहर निकाला? ये रही वकीलों की लिस्ट
सौरव दास-आशुतोष रांका को किसने तिहाड़ से बाहर निकाला? ये रही वकीलों की लिस्ट
टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामला: रणवीर सिंह के घर और ऑफिस की भी की गई थी रेकी, मुख्य साजिशकर्ता को भेजे थे फोटो-वीडियो
टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामला: रणवीर सिंह के घर और ऑफिस की भी की गई थी रेकी
न्यूजीलैंड के इन 3 खिलाड़ियों से टीम इंडिया को रहना होगा सावधान, अकेले पलट सकते हैं बाजी
न्यूजीलैंड के इन 3 खिलाड़ियों से टीम इंडिया को रहना होगा सावधान, अकेले पलट सकते हैं बाजी
ट्रंप के 'मुस्लिम शहर' वाले बयान पर भड़के मैक्रों, कहा- 'मूर्खतापूर्ण...'
ट्रंप के 'मुस्लिम शहर' वाले बयान पर भड़के मैक्रों, कहा- 'मूर्खतापूर्ण...'
25 हजार में बेस्ट हैं ये स्मार्ट टीवी, मिलेंगे ढेर सारे फीचर्स
25 हजार में बेस्ट हैं ये स्मार्ट टीवी, मिलेंगे ढेर सारे फीचर्स
ऋषिकेश-रणथंबौर में दिल्ली-मुंबई से महंगा क्यों होटल किराया? जानें वजह
ऋषिकेश-रणथंबौर में दिल्ली-मुंबई से महंगा क्यों होटल किराया? जानें वजह
Embed widget