उत्तराखंड: गधे-घोड़ों वाले बयान पर BJP में भीतरघात, कांग्रेस से आए नेताओं पर बहस
भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने कांग्रेस से भाजपा में आए नेताओं को लेकर गधे-घोड़ों वाली टिप्पणी की, लेकिन अब सवाल भाजपा के अंदर ही उठ रहे हैं.

उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी के एक बयान ने पार्टी की अपनी राजनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं. बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने कांग्रेस से बीजेपी में आए नेताओं को लेकर गधे-घोड़ों वाली टिप्पणी की, लेकिन अब सवाल बीजेपी के अंदर ही उठ रहे हैं.
कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने उन्हें सोच-समझकर बयान देने की नसीहत दी है तो कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत ने बीजेपी में कांग्रेस पृष्ठभूमि वाले नेताओं की मौजूदगी का हवाला देकर पलटवार किया है. उत्तराखंड की राजनीति में कांग्रेस से बीजेपी में आने वाले नेताओं का सिलसिला नया नहीं है.
2014 में सतपाल महाराज से लेकर 2016 में कांग्रेस के बागी विधायकों और बाद के वर्षों में दूसरे नेताओं के बीजेपी में आने तक, पार्टी ने कई नेताओं को संगठन और सरकार में जगह दी है. ऐसे में सवाल है कि क्या मनवीर चौहान का बयान अब बीजेपी के लिए ही असहज स्थिति पैदा कर रहा है?
क्या है विवादित बयान?
बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने कांग्रेस से बीजेपी में आए नेताओं पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कांग्रेस में रहते हुए जो नेता गधे-घोड़ों की श्रेणी में थे, वे बीजेपी में आने के बाद बेहतर विचारधारा वाले बन गए. बयान के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी में शामिल हुए मथुरा दत्त जोशी से ही पूछ लिया जाना चाहिए कि इस टिप्पणी के हिसाब से वे किस श्रेणी में आते हैं.
मथुरादत्त जोशी का पलटवार
वहीं पूर्व में कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष और वर्तमान में बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी जनवरी 2025 में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे. उन्होंने भी पलटवार करते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल को कांग्रेस के भीतर झांकने की नसीहत दी है और कहा कि बीजेपी में निष्ठावान और काम करने वाले लोग हैं.
हालांकि विवाद में नया मोड़ तब आया जब धामी सरकार के कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने अपने ही पार्टी के मीडिया प्रभारी को नसीहत दे दी. उन्होंने कहा कि जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति को सोच-समझकर बयान देना चाहिए और विवादित टिप्पणियों से बचना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के इस आंतरिक मामले का संज्ञान प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री लेंगे.
कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए ये नेता
वहीं अब मनवीर चौहान के इस विवादित बयान के बाद धामी कैबिनेट में शामिल नेताओं की राजनीतिक पृष्ठभूमि भी चर्चा में है. कांग्रेस से बीजेपी में आए सतपाल महाराज 2014 में बीजेपी में शामिल हुए थे. सुबोध उनियाल और प्रदीप बत्रा ने मई 2016 में बीजेपी का दामन थामा था, जबकि रेखा आर्य भी 2016 में कांग्रेस से अलग होकर बीजेपी के साथ आईं थीं.
भरत सिंह चौधरी 2013 से बीजेपी से जुड़े रहे हैं. राम सिंह कैड़ा 2012 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े थे, जबकि सौरभ बहुगुणा स्वयं कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में नहीं आए उनके पिता विजय बहुगुणा कांग्रेस के मुख्यमंत्री रहे और 2016 में बीजेपी में शामिल हुए थे.
हरक सिंह रावत ने लिया आड़े हाथ
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरक सिंह रावत ने भी मनवीर चौहान के बयान पर बीजेपी को घेरा है. उन्होंने कहा कि बीजेपी अगर मनवीर चौहान की टिप्पणी को गंभीरता से लेती, तो कांग्रेस से आए नेताओं को टिकट नहीं देती. हरक सिंह रावत ने 2012, 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों का हवाला देते हुए मनवीर चौहान की राजनीतिक हैसियत पर सवाल उठाए.
उनका दावा है कि बीजेपी में कांग्रेस पृष्ठभूमि वाले नेताओं की बड़ी संख्या है. फिलहाल मनवीर चौहान का यह बयान अब बीजेपी के लिए असहज स्थिति पैदा करता दिखाई दे रहा है. एक तरफ 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी बीजेपी का लक्ष्य तीसरी बार सत्ता में वापसी करना है.
वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस से बीजेपी में आए नेताओं को लेकर की गई टिप्पणी ने पार्टी के भीतर ही सवाल खड़े कर दिए है. कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा की नसीहत और कांग्रेस के पलटवार ने इस विवाद को और चर्चा में ला दिया है. ऐसे में सवाल है कि चुनाव से पहले बीजेपी अपने पुराने कार्यकर्ताओं और दूसरी पार्टी से आए नेताओं के बीच संतुलन का संदेश कैसे देगी?
अमित शाह के बयान पर भड़के इमरान मसूद, बोले- 'चुनाव आयोग को मुक्त...'






















