अंकिता भंडारी मामले का दुष्यंत गौतम से क्या है कनेक्शन? जानें- पूरी टाइमलाइन
उत्तराखंड के अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में अंकिता के माता-पिता बुधवार देर शाम को एक बार फिर से इंडिया गेट पर धरना प्रदर्शन पर बैठ गए, जिसके बाद पुलिस तड़के उन्हें डिटेन कर रिहा कर दिया.

उत्तराखंड का बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है. इंडिया गेट के सामने धरने पर बैठे अंकिता के माता-पिता को पुलिस ने गुरुवार तड़के करीब चार बजे डिटेन कर लिया और कुछ घंटों में ही छोड़ दिया. इस दौरान कई काँग्रेस नेता भी उनके साथ थे, बुधवार शाम को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी ने भी उसने मुलाक़ात कर अंकिता के माता-पिता का समर्थन किया था.
दरअसल भारतीय जनता पार्टी ने हाल ही में बीजेपी नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया है. अंकिता हत्याकांड जिस वीआईपी की बात कही जाती हैं उसमें दुष्यंत गौतम के लेकर भी आरोप लगते रहे हैं. इस फैसले के विरोध में ही अंकिता भंडारी के माता-पिता बुधवार देर शाम को इंडिया गेट के सामने धरना प्रदर्शन पर बैठ गए थे. उन्होंने दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाए जाने का विरोध किया.
काँग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी अंकिता के माता-पिता का समर्थन करते हुए दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाए जाने पर सवाल उठाए हैं. वहीं अंकिता के माता-पिता का कहना है कि जब उनकी नियुक्ति को रद्द नहीं किया जाएगा तब तक हमारा प्रदर्शन खत्म नहीं होगा. माता पिता का दावा है कि अंकिता की हत्या में जिस वीआईपी को लेकर सवाल उठ रहे हैं वो दुष्यंत गौतम ही है. आईए आपको बताते हैं इस मामले में अब तक क्या-क्या हुआ?
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अंकिता भंडारी हत्याकांड की पूरी टाइमलाइन
- उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल की रहने वाली अंकिता भंडारी ऋषिकेश के वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थी. 18 सितंबर 2022 को अचानक गायब हो गई थी.
- 24 सितंबर को अंकिता का शव ऋषिकेश की चिल्ला नहर से बरामद हुआ था. पुलिस ने इस मामले में बीजेपी नेता विनोद आर्य के बेटे और रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, मैनेजर सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया था.
- इस मामले में कोटद्वार की कोर्ट में चली लंबी कानूनी लड़ाई चली, जिसके बाद मई 2025 में कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए तीनों को दोषी पाया और उन्हें उम्रक़ैद की सजा सुनाई. तीनों आरोपी अभी जेल में सजा काट रहे हैं.
- इस पूरे केस में शुरू से ही अंकिता पर किसी वीआईपी को सर्विस देने की बात कही जा रही थी, जिसके बाद उस वीआईपी के नाम का खुलासा करने की भी मांग की जा रही थी.
- ये मामला एक बार फिर से उस वक्त चर्चा में आ गया जब दिसंबर 2025 में एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई. ये ऑडियो क्लिप हरिद्वार के ज्वालापुर से बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी होने का दावा करने वाली उर्मिला सनावर का शेयर किया था.
- इस कथित ऑडियो क्लिप में पूर्व बीजेपी विधायक सुरेश राठौर, उर्मिला सनावर की बातचीत होने का दावा था. जिसमें अंकिता हत्याकांड में वीआईपी के तौर पर बीजेपी के तत्कालीन प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम से जोड़ा गया. जिनके लिए अंकिता पर एक्स्ट्रा सर्विस का दबाव डाला गया.
- इन तमाम ऑडियो क्लिप को लेकर सुरेश राठौर ने देहरादून थाने में शिकायत दर्ज कराई और इन्हें एआई जनरेटेड बताते हुए इनकी प्रमाणिकता पर सवाल उठाए थे. उन्होंने इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर कर दिया था.






















