एक्सप्लोरर

Year Ender 2022: 'तख्तापलट' करने के बाद कई परेशानियों से घिरे शिंदे-फडणवीस, जानिए- किन मुश्किलों का करना पड़ेगा सामना

MVA और UBT ने कई कानूनी चुनौतियों के साथ नई व्यवस्था पर पलटवार किया, जो SC के सामने लंबित हैं. अगर फैसला बीएसएस-बीजेपी के खिलाफ जाता है तो यह राष्ट्रपति शासन के लिए मार्ग प्रशस्त कर सकता है

Maharashtra Politics News: महाराष्ट्र में पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार अपने कार्यकाल के आधे रास्ते पर आराम से चल रही थी तब जून में एक झटके और विस्मयकारी विद्रोह ने इसे मुश्किल से आधे महीने के भीतर ही बेदखल कर दिया. राज्य की राजनीति के लिए सबसे बड़े तख्तापलट में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में एक विद्रोही शिवसेना समूह का उदय हुआ. इसने बाद में शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ऑटोरिक्शा सरकार को हटाने के लिए तत्कालीन विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ हाथ मिलाया. एमवीए और सेना (यूबीटी) ने कई कानूनी चुनौतियों के साथ नई व्यवस्था पर पलटवार किया, जो सुप्रीम कोर्ट के सामने लंबित हैं.

वर्तमान संकेतकों के अनुसार अदालती मामला लंबे समय तक खिंच सकता है, लेकिन अगर फैसला बीएसएस-बीजेपी के खिलाफ जाता है तो यह राष्ट्रपति शासन के लिए मार्ग प्रशस्त कर सकता है, जिसके बाद राज्य में मध्यावधि चुनाव हो सकते हैं. किसी भी संभावित परिदृश्य में बीएसएस-बीजेपी को जनता के बीच अपदस्थ एमवीए को मिलने वाली व्यापक सहानुभूति की तुलना में अपनी विश्वसनीयता स्थापित करने की आवश्यकता होगी, जो किसी भी चुनाव के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है. विशेष रूप से मुंबई सहित कई प्रमुख निगमों के आगामी निकाय चुनावों के लिए लटकी हुई कानूनी तलवार के अलावा शिंदे-फडणवीस सरकार को उस समय बड़ा झटका लगा, जब कई बड़ी औद्योगिक परियोजनाएं अचानक राज्य छोड़कर गुजरात और कुछ अन्य राज्यों में चली गईं.

महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद
शिंदे-फडणवीस की ओर से अब तक कुछ अप्रभावी वादे सामने आए हैं. इन्हें प्रमुख उपलब्धियों के रूप में पेश किया जा रहा है, लेकिन कुछ लोग इससे बच रहे हैं, जो चुनाव में विनाशकारी साबित होता हुआ देखा जा सकता है. नवंबर के आसपास लंबे समय से चल रहा महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा का मुद्दा क्षेत्रीय, राजनीतिक और भावनात्मक रूप से अचानक केंद्र में आ गया, लेकिन यहां लगता है महाराष्ट्र बैकफुट पर चला गया है. इसके विपरीत कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की निगाहें अपने राज्य में अगले विधानसभा चुनाव पर टिकी हुई हैं. सौभाग्य से दोनों राज्यों के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस मुद्दे पर हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों से कहा कि वे संयम बनाए रखें. एक-दूसरे पर बड़े-बड़े दावे न करें या उच्चतम न्यायालय के फैसले तक माहौल को खराब न करें.

मस्जिदों से लाउडस्पीकरों हटाने का मुद्दा
अप्रैल-मई में देखा गया कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने राज्य में मस्जिदों से लाउडस्पीकरों के जरिए अजान को चुनौती देकर हनुमान चालीसा गाने की बात कह कर एक नए विवाद को जन्म दे दिया. हालांकि, आंदोलन की सफलता का दावा करने और शिंदे-फडणवीस की पीठ थपथपाने के बावजूद राज ठाकरे अभी भी एक दर्जन से अधिक बड़े नगर निकायों के आगामी चुनावों के लिए बीएसएस-बीजेपी के साथ सीधे गठबंधन से कतरा रहे हैं. एमवीए के पतन के बाद शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत शिंदे-फडणवीस सरकार के खिलाफ अपने सबसे जोरदार मुखर प्रदर्शन पर थे और आखिरकार उन्होंने एक अगस्त को एक कथित जमीन घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तारी के रूप में इसकी कीमत चुकाई.

लव-जिहाद कानून लागू करने की मांग
110 दिन जेल में बिताने के बाद राउत को नवंबर में जमानत मिल गई और एक अलग पार्टी के नाम, चुनाव चिन्ह और बची खुची सेना के साथ एक बदले हुए राजनीतिक परिदृश्य में धीरे-धीरे अपनी आवाज फिर से हासिल कर रहे हैं. वहीं नवंबर में पालघर की एक महिला श्रद्धा वॉल्कर की उसके लिव-इन पार्टनर आफताब पूनावाला द्वारा निर्मम हत्या से राज्य और राष्ट्र स्तब्ध था. यह मामला ठीक 10 साल पहले एक कॉपोर्रेट कार्यकारी शीना बोरा की क्रूर हत्या की तरह था. 'लव-जिहाद' के कानून को लागू करने के लिए यहां शोर मच गया और राज्य ने 'अंतर-धार्मिक' विवाहों की जांच करने और लड़कियों को फंसाने में मदद करने के लिए एक पैनल नियुक्त कर पहला कदम उठाया. साल के अंत में छत्रपति शिवाजी महाराज और अन्य आइकन पर राज्य के राज्यपाल के बयानों के कारण एक नया कोलाहल हुआ. विशेष रूप से कई बीजेपी नेताओं ने भी इसी तरह के बयान दिए.

अधिकांश पार्टियां अब राज्यपाल को फिर से हटाने की मांग कर रही है. साथ ही बीजेपी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही है, जिन पर दिग्गज हस्तियों को बदनाम करने का आरोप है. 2022 में उथल-पुथल के बाद जनता को उम्मीद है कि मुद्रास्फीति, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा और किसानों के संकट जैसे वास्तविक मुद्दे 2023 में राजनीतिक दलों की प्राथमिकताओं पर वापस आ जाएंगे.

 ये भी पढ़ें 

Rajasthan Crime News: महाराष्ट्र में 26 लाख से भरे ATM को काटकर ले गए बदमाश, क्राइम ब्रांच ने आरोपी को भरतपुर से किया गिरफ्तार

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

लोकसभा में अभिजीत दीपके का हुआ जिक्र, सांसद बोले- सैल्यूट है
लोकसभा में अभिजीत दीपके का हुआ जिक्र, सांसद बोले- सैल्यूट है
कंगना रनौत के पोस्ट पर रिया अहीर बोलीं, 'हमें पता है कि...'
कंगना रनौत के पोस्ट पर रिया अहीर बोलीं, 'हमें पता है कि...'
CJP आंदोलन: मुंबई में 20 FIR, आरोपियों को पेश होने का नोटिस
CJP आंदोलन: मुंबई में 20 FIR, आरोपियों को पेश होने का नोटिस
CJP आंदोलन के समय 500+ फेक नैरेटिव वाले अकाउंट्स ट्रेस
CJP आंदोलन के समय 500+ फेक नैरेटिव वाले अकाउंट्स ट्रेस

वीडियोज

Ram Kapoor का दर्दनाक खुलासा: Father ने पूछा
USA IRAN : कभी युद्ध शुरू करते, कभी बंद करते! ट्रंप क्या चाहते? |ABPLIVE
Bollywood News: 'फौजी' ने पकड़ी रफ्तार! 3 अगस्त से प्रभास की वापसी, दिसंबर रिलीज पर नजर (27.07.26)
Mannat: Mannat का मंडप में धमाकेदार हंगामा! धुएं के बीच रुकी Manyata-Vikrant की शादी
Operation Safed Sagar की स्टार कास्ट ने शेयर किए शूटिंग के अनसुने और भावुक किस्से

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'पेपर माफिया को मिट्टी में मिला देंगे', संसद में बोले अनुराग ठाकुर
'पेपर माफिया को मिट्टी में मिला देंगे', संसद में बोले अनुराग ठाकुर
'सच्चाई यह है कि...', प्रियंका गांधी के आरोप पर BJP का पलटवार
'सच्चाई यह है कि...', प्रियंका गांधी के आरोप पर BJP का पलटवार
अभिजीत दीपके ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी, सरकार पर भड़के
अभिजीत दीपके ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी, सरकार पर भड़के
Xप्लेन: CJP आंदोलन के बाद कैसे भड़की E20 फ्यूल में चिंगारी? नतीजे क्या
CJP आंदोलन के बाद कैसे भड़की E20 फ्यूल में चिंगारी? नतीजे क्या
'स्पाइडर-मैन ब्रांड न्यू डे' का एडवांस बुकिंग में तहलका, रिलीज से पहले कर डाली बंपर कमाई
'स्पाइडर-मैन ब्रांड न्यू डे' ने एडवांस बुकिंग में मचा दिया तहलका, जानें- कितनी हुई कमाई
श्रीलंका दौरे पर बुमराह-जडेजा की वापसी, जानिए टीम सेलेक्शन की 5 बड़ी बातें
श्रीलंका दौरे पर बुमराह-जडेजा की वापसी, जानिए टीम सेलेक्शन की 5 बड़ी बातें
'जो आतंकवाद को...', सिंधु घाटी सभ्यता पर भारत की पाक को दो टूक
'जो आतंकवाद को...', सिंधु घाटी सभ्यता पर भारत की पाक को दो टूक
‘PM किसी को भी चुन सकते थे, पर...’, राहुल गांधी का प्रह्लाद जोशी पर हमला
‘PM किसी को भी चुन सकते थे, पर...’, राहुल गांधी का प्रह्लाद जोशी पर हमला
Embed widget