एक्सप्लोरर

Explained: कैसे मिलता है ब्रिटिश राजशाही में उत्तराधिकार, प्रिंस कैसे बनते हैं किंग, जानिए लंबी है ये कहानी

Succession In British Monarchy: महारानी एलिजाबेथ द्वितीय (Queen Elizabeth II) की मौत के बाद उनके बड़े बेटे प्रिंस चार्ल्स ब्रिटेन के शाही सिंहासन के उत्तराधिकारी बने और किंग चार्ल्स III बने.

Succession In British Monarchy: महारानी एलिजाबेथ द्वितीय (Queen Elizabeth II) की मौत के बाद प्रिंस चार्ल्स ब्रिटेन के सम्राट किंग चार्ल्स III (King Charles III) बन गए हैं, लेकिन उत्ताधिकार मिलने की ये कहानी इतनी सी नहीं है. इसके पीछे एक लंबा इतिहास है और ये  कैथोलिक (Catholic) और प्रोटेस्टेंट (Protestant) चर्च की पंरपराओं से जुड़ा है. ईसाई धर्म की इन दोनों शाखाओं से ब्रिटेन की राजशाही और उस पर शासन करने वाले का भी फैसला होता है. राजशाही कैसे हासिल होती है और कैसे जाती है, इसी पर ये टिका है. जैसे कि टेरी प्रैचेट  के "डिस्कवर्ल्ड" उपन्यास में कन्फ्यूशियस-एस्क दार्शनिक, ली टिन व्हीलल ने कहा, "सामान्य रोशनी की तुलना में तेजी से जाने वाली इकलौती चीज राजशाही है." क्योंकि परंपरा की मांग है कि जब एक सम्राट की मौत हो जाती है, तो उत्तराधिकार तुरंत उसके उत्तराधिकारी के पास चला जाता है. यहां ब्रिटेन की इसी उत्तराधिकार की परंपरा के बारे में जानते हुए किंग चार्ल्स की ताजपोशी के पल तक पहुंचते हैं. 

17 वीं शताब्दी से है उत्तराधिकार की परंपरा

जैसे ही महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की मौत हुई, उनके सबसे बड़े बेटे, चार्ल्स, यूनाइटेड किंगडम के चार देशों और ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जमैका और तुवालु सहित 14 अन्य राष्ट्रमंडल देशों के राज्य के प्रमुख बन गए. इसके साथ ही शाही परिवार में पदानुक्रम में उनके नीचे के हर एक शख्स का रुतबा एक पद ऊपर हो गया है. राजनेताओं, प्रिवी काउंसिल के सदस्यों और अन्य बड़े लोगों से बनी एक परिग्रहण परिषद (Accession Council) ने उनके उत्तराधिकार की पुष्टि कर दी. लेकिन ये सब अभी जितना आसान दिख रहा है 17 वीं शताब्दी में इसके लिए संघर्ष हुआ.

उत्तराधिकार का कानूनी आधार 17 वीं शताब्दी और इंग्लैंड के आखिरी रोमन कैथोलिक राजा जेम्स II (James II) से शुरू होता है. जेम्स द्वितीय के निरकुंश कैथोलिक शासन में प्रोटेस्टेंट बिशप घबरा गए. उन्होंने विलियम III को इंग्लैंड में हमला करने के लिए बुलाया. विलियम III विलियम ऑफ ऑरेंज के नाम से मशहूर था. विलियम III के हमले के वक्त इंग्लैंड की सेना के उसके साथ मिल जाने से राजा जेम्स II फ्रांस भाग गया.

विलियम III का भी इंग्लैंड के शाही परिवार से रिश्ता था. विलियम III का जन्म 4 नवंबर 1650 को डच गणराज्य के हेग में हुआ था. वह मैरी, प्रिंसेस रॉयल और स्टैडहोल्डर विलियम II प्रिंस ऑफ ऑरेंज  के इकलौते बेटे थे. उनकी मां इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और आयरलैंड के राजा चार्ल्स प्रथम की सबसे बड़ी बेटी और किंग चार्ल्स द्वितीय और किंग जेम्स द्वितीय और सातवें की बहन थीं. दरअसल विलियम III जेम्स द्वितीय की बहन का बेटा था. 

जेम्स दूसरे के भागने के बाद ताज यानी उत्तराधिकार उनकी बेटी मैरी को चला गया. वह एक प्रोटेस्टेंट थी और उन्होंने विलियम तृतीय से शादी कर ली. इसके बाद वहां की संसद ने दो कानून पास किए. साल 1689 का बिल ऑफ राइट्स और 1701 का एक्ट ऑफ सेटलमेंट.

इससे सम्राट को संसद की मंजूरी से शासन करने की मंजूरी मिली. इसके साथ ही एक उत्तराधिकारी के लिए कई शर्तें भी रखी गईं. जिन्हें पूरा करना उसके लिए जरूरी किया गया. ब्रिटिश सिंहासन का उत्तराधिकार वंश, लिंग, वैधता और धर्म से निर्धारित किया जाता है. मसलन एक ब्रिटिश सम्राट को राजकुमारी सोफिया (Princess Sophia) का वंशज होना चाहिए. राजकुमारी सोफिया इंग्लैंड के चर्च के साथ कम्यूनियन (Communion) में थी. उस वक्त विलियम ऑफ ऑरेंज के नजदीकी प्रोटेस्टेंट उत्तराधिकारी विलियम III को ये हक मिला.

इसके साथ ही एक ब्रिटिश सम्राट को  इंग्लैंड के चर्च के साथ संवाद (Communion) में होना चाहिए. यानी एक ब्रिटिश सम्राट का इंग्लैंड के चर्च के साथ विचारों का आदान-प्रदान जरूरी कर दिया गया.  ये कानून साल 2013 तक रहा. इसके बाद संसद ने क्राउन एक्ट के लिए एक नया उत्तराधिकार कानून पास किया.

इस कानून के पास होने से शाही परिवार के उम्र में छोटे पुरुषों को अपनी बड़ी बहनों से पहले सिंहासन का उत्तराधिकारी होने का हक मिल गया. मतलब अगर बेटा उम्र में छोटा भी है तो वह सम्राट बनेगा. स्पेन और मोनाको के शाही परिवार अभी भी इस पुरुष वंश वाले कानून का इस्तेमाल कर रहे हैं. कानून के तहत कैथोलिक से शादी करने पर  शाही परिवार के लोगों पर प्रतिबंध भी लगा दिया गया.

प्रिंस चार्ल्स ऐसे ही बने किंग चार्ल्स तृतीय

प्रिंस चार्ल्स को अपनी मां महारानी एलिजाबेथ द्वितीय भी राजकुमारी सोफिया की वंशज है. इसी वजह से उनके मरने के बाद उनको मिलने वाले सभी हक और संपत्तियां किंग चार्ल्स तृतीय को हासिल हो गई. नतीजतन, अपनी मां की उपाधियों के शीर्ष पर उन्हें डची ऑफ लैंकेस्टर, संपत्ति, भूमि और संपत्ति का पोर्टफोलियो भी मिला है. ये लगभग 650 मिलियन पाउंड और 750 मिलियन डॉलर का हैं. इसके साथ ही किंग चार्ल्स तृतीय को राष्ट्रमंडल (Commonwealth) देशों का नाममात्र का नेतृत्व विरासत में मिला.

हालांकि ये नहीं कहा जा सकता ही किंग चार्ल्स तृतीय के सबसे बड़े बेटे उनके  उत्तराधिकारी विलियम (Prince William) को भी ये विरासत मिलेगी. राष्ट्रमंडल नेताओं ने 2018 में रानी के कहने पर सहमति जताई कि यह पद उनके बेटे को मिलेगा, लेकिन यह वंशानुगत नहीं होगा. ऐसा लगता है कि प्रिंस विलियम पहले से ही अपने पिता के साथ सिंहासन पर बैठे थे. इस  शासनकाल की शुरुआत में सबसे पुराने ब्रिटिश सम्राट विलियम IV थे. वह 64 साल की उम्र में 1830 सम्राट बने थे. किंग चार्ल्स III 73 वर्ष के हैं. देखा जाए तो वह मशहूर नहीं है.

इसी साल मई 2022  में यू गो (YouGov) ने 1,692 ब्रिटेनवासियों के साथ एक सर्वे किया. इस सर्वे में 81 फीसदी लोग महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के बारे में सकारात्मक सोचते थे, जबकि 75 फीसदी ने एक सम्राट के तौर पर प्रिंस  विलियम को पसंद किया था. प्रिंस चार्ल्स को पसंद करने वाले लोग 54 फीसदी ही रहे. शाही परिवार प्रिंस विलियम को ब्रिटेन के शासन के कर्तव्यों को साझा करने, राजशाही को युवा और नई ऊर्जा से भरने के लिए एक उत्तराधिकारी के तौर पर मुफीद मान सकता है. 

 क्या करता ब्रिटेन का किंग?

किंग ब्रिटेन के राज्य प्रमुख हैं. हालांकि उनकी शक्तियां प्रतीकात्मक और औपचारिक हैं, और वह राजनीतिक रूप से तटस्थ रहते हैं. 

किंग को लाल चमड़े के बक्से में सरकार से रोजाना दस्तावेज भेजे जाते हैं. ये महत्वपूर्ण बैठकों से पहले ब्रीफिंग और राजा के हस्ताक्षर की जरूरत वाले दस्तावेज होते हैं. 

प्रधानमंत्री आम तौर पर बुधवार को बकिंघम पैलेस में राजा से मिलेंगे, ताकि उन्हें सरकारी मामलों के बारे में जानकारी दी जा सके.

ये बैठकें पूरी तरह से निजी होती हैं और जो कहा जाता है उसका कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं होता है.

किंग के पास कई संसदीय काम भी हैं

सरकार की नियुक्ति - आम चुनाव जीतने वाली पार्टी के नेता को आमतौर पर बकिंघम पैलेस (Buckingham Palace) में बुलाया जाता है, जहां उन्हें सरकार बनाने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया जाता है. आम चुनाव से पहले राजा औपचारिक रूप से सरकार को भंग कर देता है.

राज्य उद्घाटन और राजा का भाषण - राजा संसदीय वर्ष की शुरुआत राज्य उद्घाटन समारोह के साथ करेंगे. वह हाउस ऑफ लॉर्ड्स (House of Lords) में सिंहासन से दिए गए भाषण में सरकार की योजनाओं को निर्धारित करेंगे.

रॉयल आधिकारिक सहमति (Royal Assent)- जब ब्रिटेन में संसद के माध्यम से विधेयक पास  किया जाता है, तो कानून बनने से पहले इसे राजा से औपचारिक तौर पर अनुमोदित करवाया जाना जरूरी होता है. साल 1708 में में रॉयल सहमति से इंकार किया गया था.

इसके अलावा, राजा दूसरे देशों के प्रमुखों की मेजबानी करेंगे, और यूके के विदेशी राजदूतों और उच्चायुक्तों से मिलेंगे. वह आम तौर पर नवंबर में लंदन के सेनोटाफ में वार्षिक स्मरण (Annual Remembrance) कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे.

नया राजा 56 स्वतंत्र देशों और 2.4 अरब लोगों के संघ राष्ट्रमंडल (Commonwealth) का प्रमुख है. इनमें से 14 देशों के लिए, जिन्हें राष्ट्रमंडल के तौर पर  जाना जाता है. उसका भी ब्रिटेन का किंग हेड ऑफ द स्टेट होता है. 

उत्तराधिकार कैसे काम करता है?

उत्तराधिकार का क्रम निर्धारित करता है कि शाही परिवार का कौन सा सदस्य सम्राट के तौर पर काम करता है. जब मौजूदा शासक की मौत हो जाती है या वह राजगद्दी त्याग देता है. तो पहली पंक्ति में सिंहासन का उत्तराधिकारी सम्राट या साम्राज्ञी का सबसे बड़ा बच्चा है. 

इस वजह से महारानी एलिजाबेथ की पहली संतान के तौर पर चार्ल्स अपनी मां की मौत पर राजा बने और उनकी पत्नी  कैमिला, क्वीन कंसोर्ट बन गईं.

2013 में शाही उत्तराधिकार नियमों में संशोधन किया गया ताकि यह पक्का किया जा सके कि  छोटे बेटे अब अपनी बड़ी बहनों से पहले सम्राट न बन पाए. बहन के बड़ी होने पर उत्तराधिकार का अधिकार भी उसका है. 

किंग चार्ल्स के उत्तराधिकारी उनके बड़े बेटे प्रिंस विलियम हैं. राजा ने उन्हें प्रिंस ऑफ वेल्स की उपाधि से सम्मानित किया है, और उन्हें अपने पिता की पूर्व ड्यूक ऑफ कॉर्नवाल की उपाधि भी विरासत में मिली है.

प्रिंस विलियम के सबसे बड़े बच्चे प्रिंस जॉर्ज सिंहासन की कतार में दूसरे स्थान पर हैं, और उनकी बेटी राजकुमारी शार्लोट तीसरे स्थान पर हैं.

राज्याभिषेक में क्या होता है?

एक राज्याभिषेक (Coronation) वह समारोह है जिस पर सम्राट को औपचारिक तौर पर ताज पहनाया जाता है. यह समारोह पहले सम्राट या साम्राज्ञी की मौत के शोक का वक्त पूरा होने के बाद होता है. 

एलिजाबेथ द्वितीय अपने पिता किंग जॉर्ज VI की मौत के बाद 6 फरवरी 1952 को महारानी बनीं, लेकिन 2 जून 1953 तक उन्हें ताज नहीं पहनाया गया था.
 
किंग चार्ल्स III का राज्याभिषेक कब होगा. इस बारे में अभी कोई सूचना नहीं है. 

राज्याभिषेक का सबसे पहले टीवी पर सीधा प्रसारण क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय का किया गया था. इसे 20 मिलियन से अधिक लोगों ने देखा था.

पिछले 900 साल से वेस्टमिंस्टर एब्बे में राज्याभिषेक की रस्म की जा रही है. सबसे पहले यहां सम्राट विलियम द कॉन्करर को ताज पहनाया गया था. यहां ताज पहनने वाले किंग चार्ल्स III 40वें सम्राट होंगे. 

यह एक एंग्लिकन धार्मिक सेवा (Anglican Religious Service) है, जिसे कैंटरबरी के आर्कबिशप करते हैं.

सम्राट का "पवित्र तेल" से अभिषेक किया जाता है. उसे ओर्ब और राजदंड जैसे रॉयल्टी के प्रतीक उसे दिए जाते हैं . समारोह के चरम पर पहुंचने आर्कबिशप सेंट एडवर्ड्स क्राउन (St Edward's Crown) को चार्ल्स के सिर पर रखेंगे. ये एक ठोस सोने का मुकुट जो 1661 में बनाया गया था..

यह लंदन के टॉवर में क्राउन ज्वेल्स का केंद्रबिंदु है. केवल राज्याभिषेक के वक्त ही सम्राट इसे पहनते हैं.

शाही शादियों के विपरीत, राज्याभिषेक एक राज्य का अवसर होता है, इसलिए  सरकार इसके लिए भुगतान करती है और  मेहमानों की सूची तय करती है.

ये भी पढ़ेंः

King Charles: ऑस्ट्रेलिया ने किंग चार्ल्स III को घोषित किया 'हेड ऑफ द स्टेट', 70 सालों में बने पहले राजा

Queen Elizabeth-II Funeral: किस वक्त और कैसे होगा महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का अंतिम संस्कार? जानें सबकुछ

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

LPG संकट के बीच भारत सरकार का बड़ा फैसला, 25 दिन के भीतर लगा डाले लाखों पाइप गैस कनेक्शन
LPG संकट के बीच भारत सरकार का बड़ा फैसला, 25 दिन के भीतर लगा डाले लाखों पाइप गैस कनेक्शन
Israel US Iran War Live: हॉर्मुज स्ट्रेट में IRGC नेवी का सख्त एक्शन! कराची जा रहे कंटेनर जहाज सेलेन को वापस भेजा
Live: हॉर्मुज स्ट्रेट में IRGC नेवी का सख्त एक्शन! कराची जा रहे कंटेनर जहाज सेलेन को वापस भेजा
Iran-US War: पहले अपना काटा, अब दुनिया का इंटरनेट काट सकता है ईरान? भारत समेत दुनिया पर मंडराया खतरा!
पहले अपना काटा, अब दुनिया का इंटरनेट काट सकता है ईरान? भारत समेत दुनिया पर मंडराया खतरा!
Iran-US War: युद्ध पर ‘डील’ या कंफ्यूजन? पर्दे के पीछे ये हैं 5 किरदार, ट्रंप ईरान में आखिर किससे बात कर रहे ?
युद्ध पर ‘डील’ या कंफ्यूजन? पर्दे के पीछे ये हैं 5 किरदार, ट्रंप ईरान में आखिर किससे बात कर रहे ?

वीडियोज

ट्रंप का 'जाल'...ईरान का खतरनाक वार !
इजरायल में बरसती ईरानी 'आग'..ईरान का 'गेम' प्लान?
PM Modi का 'मिशन पीस'..क्या टल जाएगा विश्व युद्ध?
Mojtaba Khamenei के खिलाफ सड़कों पर क्यों उतरी ईरान की जनता?
बाल संवार रहा था व्यक्ति...अचानक गिरी लिफ्ट!

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
Iran-US War: पहले अपना काटा, अब दुनिया का इंटरनेट काट सकता है ईरान? भारत समेत दुनिया पर मंडराया खतरा!
पहले अपना काटा, अब दुनिया का इंटरनेट काट सकता है ईरान? भारत समेत दुनिया पर मंडराया खतरा!
Amritpal Singh News: सांसदी जाने से एक कदम दूर हैं अमृतपाल सिंह! कारण सहित मांगनी होगी माफी नहीं तो...
सांसदी जाने से एक कदम दूर हैं अमृतपाल सिंह! कारण सहित मांगनी होगी माफी नहीं तो...
Israel US Iran War Live: हॉर्मुज स्ट्रेट में IRGC नेवी का सख्त एक्शन! कराची जा रहे कंटेनर जहाज सेलेन को वापस भेजा
Live: हॉर्मुज स्ट्रेट में IRGC नेवी का सख्त एक्शन! कराची जा रहे कंटेनर जहाज सेलेन को वापस भेजा
कौन हैं अनन्या बिड़ला? RCB के साथ जुड़ा नाम, एक साथ करती हैं कई काम; अमीरी में कोहली से आगे 
कौन हैं अनन्या बिड़ला? RCB के साथ जुड़ा नाम, अमीरी में कोहली से आगे 
'धुरंधर 2' की आंधी से डर गई 'भूत बंगला'! लास्ट मिनट में बदल सकती है अक्षय कुमार की फिल्म की रिलीज डेट?
'धुरंधर 2' की आंधी से डर गई 'भूत बंगला'! बदल सकती है अक्षय कुमार की फिल्म की रिलीज डेट?
Kim Jong-un Statement: जंग के बीच परमाणु हथियारों को लेकर नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन का बड़ा बयान- 'हमारे पास...'
जंग के बीच परमाणु हथियारों को लेकर नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन का बड़ा बयान- 'हमारे पास...'
हे प्रभु कहां हो आप... अरमान मलिक बने 5वें बच्चे के बाप, यूट्यूबर का फैमिली ट्री बनाने लगे यूजर्स
हे प्रभु कहां हो आप... अरमान मलिक बने 5वें बच्चे के बाप, यूट्यूबर का फैमिली ट्री बनाने लगे यूजर्स
Weight Gain Despite Healthy Eating: धोखा दे रही आपकी हेल्दी डाइट! सब सही करने के बाद भी क्यों फूल रहा शरीर? जानें चौंकाने वाली वजह
धोखा दे रही आपकी हेल्दी डाइट! सब सही करने के बाद भी क्यों फूल रहा शरीर? जानें चौंकाने वाली वजह
Embed widget