एक्सप्लोरर

Mukhtar Ansari: क्रिकेट खेलने, गुलेल चलाने का शौक, 17 साल से सलाखों के पीछे, पढ़ें- मुख्तार अंसारी ने कैसे रखा अपराध में कदम

Mukhtar Ansari: मुख्तार 2005 से जेल में है और पिछले तीन विधानसभा चुनाव वह सलाखों के पीछे रहते हुए लड़ा है. मुख्तार की जिंदगी 2005 मऊ दंगे के बाद से ही जेल में कट रही है.

UP Assembly Election 2022: उत्तर प्रदेश में विधानसभा का चुनाव हो और कुख्यात अपराधी मुख्तार अंसारी की चर्चा ना हो, ऐसा कैसे हो सकता है. वो एक बार फिर चुनाव मैदान में उतरा है और प्रचार का जिम्मा उसके समर्थक संभाल रहे हैं. मुख्तार 2005 से जेल में है और पिछले तीन विधानसभा चुनाव वह सलाखों के पीछे रहते हुए लड़ा है. मुख्तार की जिंदगी 2005 मऊ दंगे के बाद से ही जेल में कट रही है.

मुख्तार पहली बार सुर्खियों में 1987 में आया, जब उसने साइकिल स्टैंड के विवाद को लेकर सच्चिदानंद राय की हत्या कर दी थी. सच्चिदानंद राय वो शख्स था जिसने मुख्तार अंसारी को आश्रय दिया था. हालांकि बाद में मुख्तार इस मामले में बरी हो गया था.

क्रिकेट खेलने और गुलेल चलाने का था शौक

3 जून 1963 को जन्मा मुख्तार अंसारी क्रिकेट खेलने का शौकीन था. वह इंटरस्टेट खेला करता था. कॉलेज के जमाने में ही वह साधु सिंह के गैंग में शामिल हो गया. क्रिकेट के साथ-साथ वह गुलेल चलाने में भी माहिर था. मुख्तार ने अपराध की दुनिया में कदम 80 के दशक में रखा. 

तब देश तेजी से बदल रहा था. नई-नई फैक्ट्रियां लगाई जा रही थी. यूपी सरकार पूर्वांचल के विकास को लेकर कई प्रोजेक्ट्स मंजूर किए. इसी प्रोजेक्ट्स के ठेका लेने को लेकर पूर्वांचल की धरती पर खून बहने लगे. मुख्तार अंसारी इसी की उपज था.  मुख्तार मखुनी सिंह के गैंग से मिल गया. साल 1980 में इस गैंग की साहिब सिंह के गैंग से गाजीपुर के सैदपुर में एक प्लॉट को लेकर बवाल हुआ. साहिब सिंह के गैंग में वाराणसी का बृजेश सिंह शामिल था. बृजेश सिंह का मुख्तार अंसारी से कट्टर दुश्मनी थी. साल 1990 में ब्रजेश सिंह ने अपना गैंग बना लिया.
Mukhtar Ansari: क्रिकेट खेलने, गुलेल चलाने का शौक, 17 साल से सलाखों के पीछे, पढ़ें- मुख्तार अंसारी ने कैसे रखा अपराध में कदम

गाजीपुर के सभी ठेके उसने अपने कंट्रोल में ले लिए. कोयला, रेलवे कंस्ट्रक्शन, माइनिंग, शराब और पब्लिक वर्क जैसे 100 करोड़ के कॉन्ट्रैक्ट के काम को लेकर अंसारी और ब्रजेश सिंह गैंग के बीच कई बार खूनी खेल हुआ. 1987 में सच्चिदानंद राय की हत्या के बाद मुख्तार पूर्वांचल का बड़ा नाम बन चुका था. साल 1988 में तिवारीपुर के राम नारायण राय की हत्या में भी मुख्तार नामजद अभियुक्त बनाया गया. हिरासत में बंद कुख्यात सुभाष सिंह की हत्या में उसका नाम आया. उसके बाद अपराध जगत में वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर और मऊ में मुख्तार का राज चलने लगा.

यहां से मुख्तार अंसारी बना खौफ का दूसरा नाम

मुख्तार को अब तक उत्तर प्रदेश और उसके आसपास के लोग ही जानते थे. लेकिन 2005 में सलाखों के पीछे रहते हुए उसने जो कृत्य किया उसके बाद उसकी पहचान देशभर में हो गई. बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय की हत्या में उसका नाम आया था. यूपी की मोहम्मदाबाद विधानसभा सीट पर मुख्तार अंसारी और उनके भाई अफजाल अंसारी का प्रभाव माना जाता था. 1985 से लगातार ये सीट अंसारी परिवार के कब्जे में रही. लेकिन 2002 में बीजेपी के उम्मीदवार कृष्णानंद राय ने अफजाल अंसारी को हराकर उस सीट पर जीत हासिल की थी. तभी से कृष्णानंद राय दबंग विधायक मुख्तार अंसारी के निशाने पर आ गए थे.

29 नवंबर 2005 का दिन था. बीजेपी विधायक कृष्णनंद राय गाजीपुर के भांवरकोल ब्लॉक के सियाड़ी गांव में आयोजित एक क्रिकेट प्रतियोगिता का उद्घाटन कर घर वापस लौट रहे थे. तभी बसनिया चट्टी के पास घात लगाए बैठे हमलावरों ने कृष्णानंद राय के काफिले पर एके-47 से हमला कर दिया था. इस हमले में 500 राउंड फायरिंग की गई थी. इस दौरान कृष्णानंद राय सहित कुल 7 लोगों को गोलियों से भून दिया गया था. 

इस हत्याकांड के दौरान मुख्तार अंसारी जेल में बंद था. लेकिन फिर भी इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड उसे ही माना गया. इस मामले की जांच भी हुई लेकिन गवाहों और सबूतों के अभाव में कोर्ट ने मुख्तार अंसारी को इस केस में बरी कर दिया था.

ये भी पढ़ें- UP Assembly Elections 2022: 20 सीटों पर सीधा असर, पश्चिमी यूपी के वोटों में 17 फीसदी हिस्सेदारी, किसकी चुनावी खाट पर बैठ जाट कराएंगे ठाठ 

UP Election: 'बाहुबली सरेंडर करते हैं तो अखिलेश के पेट में दर्द होता है', मथुरा में गरजे Amit Shah, बोले- आजम के खिलाफ कम पड़ गईं थी धाराएं

 

 

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

‘अब चाहे जेल में डालें या जान से मारें’, बांग्लादेश वापसी पर शेख हसीना की खरी-खरी
‘अब चाहे जेल में डालें या जान से मारें’, बांग्लादेश वापसी पर शेख हसीना की खरी-खरी
PM मोदी का वीडियो हटाने से CSAM तक...सरकार के सामने झुका Meta
PM मोदी का वीडियो हटाने से CSAM तक...सरकार के सामने झुका Meta
'ये वो बांग्लादेश नहीं, जिसके लिए...', फफक कर रोती हुई बोलीं शेख हसीना
'ये वो बांग्लादेश नहीं, जिसके लिए दी लाखों शहादत', फफक कर रोती हुई बोलीं शेख हसीना
अरबों का 'नीलम-झेलम हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट', कैसे PoJK के लिए बन गया 'दोहन मशीन'?
अरबों का 'नीलम-झेलम हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट', कैसे PoJK के लिए बन गया 'दोहन मशीन'?

वीडियोज

Pati Brahmachari:💔Isha-Suraj के बीच फिर आई Avni, तकरार के बीच पनपने लगा प्यार। #sbs
Bollywood News: बिग बॉस के टीज़र से मचा तहलका: क्या टीवी पर फिर दिखेगी 'करण-अर्जुन' की जोड़ी? ( 05.08.26 )
Jharkhand Job Protest: झारखंड नौकरी आंदोलन से घिरी सरकार! इस्तीफा देंगे हेमंत सोरेन? ABPLIVE
Mannat: Dhairya का खतरनाक खेल फेल, Mannat ने बचा लिया Vikrant को मौत के मुंह से!
Bollywood News: सोहेल को सपोर्ट करने पहुंचे सलमान खान, जेल के दिनों और 16 किलो वेट लॉस पर किया खुलासा (04.08.26)

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
अरबों का 'नीलम-झेलम हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट', कैसे PoJK के लिए बन गया 'दोहन मशीन'?
अरबों का 'नीलम-झेलम हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट', कैसे PoJK के लिए बन गया 'दोहन मशीन'?
'ये वो बांग्लादेश नहीं, जिसके लिए...', फफक कर रोती हुई बोलीं शेख हसीना
'ये वो बांग्लादेश नहीं, जिसके लिए दी लाखों शहादत', फफक कर रोती हुई बोलीं शेख हसीना
'पेपर लीक सिर्फ झारखंड का मुद्दा...', छात्रों के प्रदर्शन पर बोले CM सोरेन
'पेपर लीक सिर्फ झारखंड का मुद्दा...', छात्रों के प्रदर्शन पर बोले CM सोरेन
इस साल कब होगा भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच? क्या विराट-रोहित दिखेंगे एक्शन में?
इस साल कब होगा भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच? क्या विराट-रोहित दिखेंगे एक्शन में?
ऋषभ पंत, संजू सैमसन या ईशान किशन, किसे मिलना चाहिए 2027 वनडे वर्ल्ड कप में मौका? 
ऋषभ पंत, संजू सैमसन या ईशान किशन, किसे मिलना चाहिए 2027 वनडे वर्ल्ड कप में मौका? 
‘संसद मार्च में नहीं चली गोली, झारखंड की तकलीफ समझें राहुल’, BJP का पलटवार
‘संसद मार्च में नहीं चली गोली, झारखंड की तकलीफ समझें राहुल’, BJP का पलटवार
‘वर्तमान पर फोकस करें और...’, PM मोदी ने भाजपा सांसदों को दी बड़ी सलाह
‘वर्तमान पर फोकस करें और...’, PM मोदी ने भाजपा सांसदों को दी बड़ी सलाह
राहुल गांधी का दावा, 'महिला प्रदर्शनकारियों के घर भेजे गए गुंडे, माफी की जरूरत नहीं'
राहुल गांधी का दावा, 'महिला प्रदर्शनकारियों के घर भेजे गए गुंडे, माफी की जरूरत नहीं'
Embed widget