नोबेल पीस प्राइज कैसे मिलता है, क्या है इसका प्रोसेस?
Nobel Peace Prize 2026: 9 अक्टूबर को नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा होने वाली है. इसी बीच आइए जानते हैं कि नोबेल शांति पुरस्कार कैसे दिया जाता है और इसकी पूरी प्रक्रिया क्या होती है.

- नोबेल शांति पुरस्कार हेतु सैकड़ों नामांकन, घोषणा 9 अक्टूबर को।
- योग्य व्यक्ति नामांकन करते हैं, फिर होती उम्मीदवारों की समीक्षा।
- विशेषज्ञों द्वारा उम्मीदवारों का मूल्यांकन कर समिति अंतिम निर्णय लेती है।
- पुरस्कार 10 दिसंबर को ओस्लो में मेडल, राशि संग मिलेगा।
Nobel Peace Prize 2026: नोबेल शांति पुरस्कार को दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मानों में से एक माना जाता है. यह पुरस्कार उन व्यक्तियों, समूह या फिर संगठनों को मान्यता देता है जिन्होंने शांति, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग, मानवाधिकार या फिर सैन्य बलों की कमी में काफी ज्यादा योगदान दिया है.
2026 नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा 9 अक्टूबर को ओस्लो में होने वाली है. इस साल कुल 287 नामांकन प्राप्त हुए हैं जिनमें 208 व्यक्ति और 79 संगठन शामिल हैं. हालांकि नॉर्वेजियन नोबेल समिति सार्वजनिक रूप से व्यक्तिगत नामांकन की पुष्टि नहीं करती है. चयन अपने आप एक लंबी और गोपनीय प्रक्रिया का पालन करता है जिसमें आमतौर पर कई महीने लगते हैं.

कौन किसी को नामांकित कर सकता है?
प्रकिया नामांकन के साथ शुरू होती है. अपने आप का नाम देने की अनुमति नहीं है. इसका मतलब है कि व्यक्ति नोबेल शांति पुरस्कार के लिए खुद को नामांकित नहीं कर सकते हैं. सिर्फ योग्य नामांकनकर्ता ही उम्मीदवार प्रस्तुत कर सकते हैं. इसमें राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, संसद सदस्य और कैबिनेट मंत्री, अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के सदस्य, इतिहास, राजनीति विज्ञान, कानून, दर्शन और धर्मशास्त्र जैसे क्षेत्रों में विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और रेक्टर, पिछले नोबेल शांति पुरस्कार विजेता और नॉर्वेजियन नोबेल समिति के वर्तमान या पूर्व सदस्य शामिल हैं.
नामांकन वार्षिक समय सीमा के अंदर जमा किए जाने चाहिए. जो बताई गई समय सीमा के आधार पर 31 जनवरी या 1 फरवरी की आधी रात को आती है.
नॉमिनेशन के बाद शॉर्ट लिस्टिंग होती है
एक बार नामांकन का समय समाप्त हो जाता है उसके बाद नॉर्वेजियन नोबेल समिति प्राप्त नाम की समीक्षा करती है. इसी के साथ वैध उम्मीदवारों की एक सूची तैयार की जाती है. हर साल आमतौर पर सैकड़ों नामांकन जमा किए जाते हैं. इसके बाद समिति उम्मीदवारों की जांच करती है और सबसे मजबूत दावेदारों की एक छोटी सूची तैयार करते हैं. हालांकि नामांकित होने का मतलब यह नहीं होता कि कोई व्यक्ति या फिर संगठन पुरस्कार जीतने के करीब है. समिति बाद के चरणों के दौरान उम्मीदवारों का स्वतंत्र रूप से मूल्यांकन करती है.

उम्मीदवारों का मूल्यांकन
प्रारंभिक चयन के बाद अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों और सलाहकारों की मदद से शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों की जांच की जाती है. लगभग अप्रैल से अगस्त तक ये विशेषज्ञ उम्मीदवारों और उनके काम का विस्तृत और गोपनीय मूल्यांकन तैयार करते हैं.
उनकी रिपोर्ट अंतिम निर्णय लेने से पहले नॉर्वेजियन नोबेल समिति को अतिरिक्त जानकारी और विश्लेषण देती है. विशेषज्ञ मूल्यांकन इसलिए प्रकिया का एक जरूरी हिस्सा है क्योंकि यह समिति को उम्मीदवारों के योग्य और शांति और अंतरराष्ट्रीय मामलों के लिए उनके व्यापक महत्व की जांच करने में मदद करती है.
नॉर्वेजियन नोबेल समिति आखिरी फैसला लेती है
आखिरी चरण सितंबर और अक्टूबर के बीच होता है. नॉर्वेजियन नोबेल समिति में नॉर्वेजियन संसद द्वारा नियुक्त पांच सदस्य होते हैं. सितंबर के दौरान सदस्य शॉर्ट लिस्ट किए गए उम्मीदवारों पर चर्चा करने के लिए कई बैठक करते हैं. समिति आम सहमति से किसी फैसले पर पहुंचाना चाहती है. अगर सदस्य किसी समझौते पर नहीं पहुंच पाते तो विजेता का चयन साधारण बहुमत से किया जाता है. इसके बाद आखिरी फैसले की घोषणा ओस्लो में सार्वजनिक रूप से की जाती है.
घोषणा कब होती है?
नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा परंपरागत रूप से अक्टूबर के पहले पूर्ण सप्ताह के दौरान शुक्रवार को ओस्लो में की जाती है. 2026 के विजेता की घोषणा 9 अक्टूबर को होने वाली है. यह पुरस्कार दूसरे नोबेल पुरस्कारों से अलग है क्योंकि शांति पुरस्कार ओस्लो नॉर्वे में दिए जाते हैं. बाकी नोबेल पुरस्कार समारोह स्टॉकहोम स्वीडन में होते हैं.
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पुरस्कार कब दिया जाता है?
नोबेल शांति पुरस्कार समारोह 10 दिसंबर को अल्फ्रेड नोबेल की मृत्यु की सालगिरह पर आयोजित किया जाता है. पुरस्कार विजेता को एक नोबेल पदक, एक नोबेल डिप्लोमा और एक मौद्रिक पुरस्कार दिया जाता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक पुरस्कार राशि 12 मिलियन स्वीडिश क्रोनर है. यह लगभग 1.1 मिलियन अमेरिकी डॉलर या लगभग ₹9-10 करोड़ के बराबर है.
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