एक्सप्लोरर

क्या चांद पर मौजूद है बड़ी गुफा, किस रहस्य को सुलझाने में लगा नासा?

Marius Hills Pit: नासा चांद पर एक रहस्यमय गड्ढे की जांच की तैयारी कर रहा है. आइए जानते हैं कि यह जांच क्यों जरूरी है और क्या है उस गड्ढे के पीछे का सच.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • चंद्रमा पर कम गुरुत्वाकर्षण से विशाल लावा ट्यूब बन सकते हैं।

Marius Hills Pit: नासा ने चांद पर एक रहस्यमयी गड्ढे की जांच के लिए एक नए प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है. यह गड्ढा शायद जमीन के नीचे बनी एक बड़ी गुफा या फिर पुराने लावा ट्यूब की तरफ जाता हो. इस मिशन का नाम GIMLI है. इसका पूरा नाम जियोफिजिकल इंस्ट्रूमेंट्स फॉर मारियस लूनर पिट इन्वेस्टिगेशन है. इसे नासा के PRISM प्रोग्राम के तहत अंतिम मंजूरी मिली है. PRISM का मतलब है पेलोड्स एंड रिसर्च इन्वेस्टिगेशन ऑन द सरफेस ऑफ द मून. वैज्ञानिकों को यह उम्मीद है कि इस रिसर्च से पता चलेगा कि चांद की सतह के नीचे क्या है और क्या यह गड्ढा जमीन के नीचे मौजूद किसी बड़ी जगह तक जाने का रास्ता देता है. 

यह जगह मारियस हिल्स में है. यह पुराने समय में ज्वालामुखी गतिविधियों वाला इलाका रहा है. वह गुफा होने की संभावना इस वजह से अहम है क्योंकि जमीन के नीचे की जगह भविष्य के अंतरिक्ष यात्रियों के लिए प्राकृतिक आश्रय बन सकती हैं. वरना चांद पर रहने और काम करने के दौरान उन्हें कई खतरों का सामना करना पड़ सकता है.

2009 की एक खोज 

जापान के कागुया लूनर ऑर्बिटर ने सबसे पहले 2009 में मारियस हिल्स पिट की खोज की थी. 2017 में वैज्ञानिकों ने कागुया से मिले रडार डेटा और नासा के GRAIL मिशन से मिले ग्रेविटी डेटा को मिलाया. उनके विश्लेषण से गड्ढे के पास जमीन के नीचे खाली जगह होने के मजबूत सबूत मिले. 

नासा का नया मंजूर हुआ GIMLI प्रोजेक्ट इसी खास जगह की जांच करेगा. इससे इसके नीचे की जगह के बारे में वैज्ञानिक समझ बेहतर होगी. रिपोर्ट के मुताबिक यह पक्का नहीं है कि कोई बड़ी गुफा मौजूद है ही. बल्कि यह ऐसे सबूत बताती है जिनसे आगे की जांच करना जरूरी लगता है.


क्या चांद पर मौजूद है बड़ी गुफा, किस रहस्य को सुलझाने में लगा नासा?

चांद पर लावा ट्यूब कैसे बनते हैं? 

वैज्ञानिकों का ऐसा मानना है कि अरबों साल पहले ज्वालामुखी फटने से चांद की सतह पर पिघले हुए लावा की नदियां बहती थीं. जब बहते हुए लावा की ऊपरी परत ठंडे माहौल के संपर्क में आई तो वह ठंडी होकर एक सख्त परत में बदल गई. उस छत के नीचे गर्म लावा बहता रहा. जब बचा हुआ लावा निकल गया तो पीछे एक खोखली सुरंग रह गई, इसे लावा ट्यूब कहा जाता है. 

जब ट्यूब की छत का कुछ हिस्सा ढह जाता है तो एक गड्ढा बन सकता है. ऐसे खुले हिस्से को स्काईलाइट कहा जाता है क्योंकि यह सतह के नीचे की जगह तक जाने का रास्ता बनाता है. मारियस हिलसा पेट शायद ऐसे ही प्राकृतिक खुले हिस्सों में से एक हो सकता है, जिससे जांचकर्ता पुरानी ज्वालामुखी प्रक्रियाओं से बनी गुफा की जांच कर सकें. 

चांद की गुफाएं काफी चौड़ी हो सकती हैं 

लावा ट्यूब धरती पर भी पाई जाती हैं. जैसे हवाई और आइसलैंड में. हालांकि अनुमान बताते हैं कि धरती पर मौजूद ऐसी ट्यूब आमतौर पर 30 मीटर से ज्यादा चौड़ी नहीं होतीं. चांद पर गुरुत्वाकर्षण बल काफी कम है इस वजह से वहां लावा ट्यूब का आकार काफी बड़ा हो सकता है. 

वैज्ञानिकों का यह अनुमान है कि चांद की गुफाओं की चौड़ाई 385 मीटर से भी ज्यादा हो सकती है. इतने बड़े आकार की जमीन के नीचे की जगह में पूरा शहर या फिर एक बड़ा फुटबॉल स्टेडियम समा सकता है. इन अनुमानों से पता चलता है कि चांद की लावा ट्यूब कितनी बड़ी हो सकती है. 

अंतरिक्ष यात्रियों के लिए गुफा क्यों जरूरी हो सकती है? 

चांद की सतह पर अंतरिक्ष यात्रियों को हानिकारक रेडिएशन, माइक्रो मीटियोराइट की टक्कर और तापमान में भारी उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ता है. जमीन के नीचे एक बड़ी गुफा इन स्थितियों से प्राकृतिक सुरक्षा दे सकती है. इस वजह से सतह के नीचे आश्रय मिलने से चांद पर लंबे वक्त तक इंसानी गतिविधि सुरक्षित हो सकती हैं और लूनर बेस बनाना ज्यादा आसान हो सकता है. 

सिर्फ एक प्राकृतिक गुफा होने से यह तय नहीं हो जाता कि वह जगह इंसानी बस्ती के लिए तैयार ही है. उसके आकार, बनावट और इस्तेमाल करने की योग्यता को समझना भी जरूरी होगा. यह जांच इस वजह से भी जरूरी है क्योंकि इससे वैज्ञानिकों को यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि क्या वह गड्ढा जमीन के नीचे एक ऐसी जगह खुलता है जो वैज्ञानिक या फिर खोज के लिहाज से काम की हो.

यह भी पढ़ें: कौन-से चुनाव आयुक्त बने गवर्नर-सांसद या मंत्री, किन पार्टियों ने बनाए?

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

कितनी उपजाऊ थी लंका की जमीन, वहां किन चीजों की होती थी खेती?
कितनी उपजाऊ थी लंका की जमीन, वहां किन चीजों की होती थी खेती?
दिल्ली में लागू हुआ ग्रैप-1, जानें किन चीजों पर रहेगी रोक?
दिल्ली में लागू हुआ ग्रैप-1, जानें किन चीजों पर रहेगी रोक?
फ्रांस में किस धर्म के कितने लोग, यहां कितने रहते हैं मुस्लिम?
फ्रांस में किस धर्म के कितने लोग, यहां कितने रहते हैं मुस्लिम?
किस देश में हो रही है सबसे ज्यादा युवाओं की मौत, जानें क्या है वजह?
किस देश में हो रही है सबसे ज्यादा युवाओं की मौत, जानें क्या है वजह?
Advertisement

वीडियोज

Sansani: बॉलीवुड पर लॉरेंस की खूनी नजर!
UP कांग्रेस के हाथ SIR की कौन सी 'फाइल'?
जमानत मिलने से पहले High Court ने Saurabh Das-Ashutosh Ranka को फटकारा!
सितारों की कड़ी सुरक्षा..'प्लान A' फेेल हुआ!
'दुश्मन' कौन 'अराजक' मौन?
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
एसआईआर के खिलाफ बड़े मार्च की तैयारी, अभिजीत दीपके -राकेश टिकैत समेत पहुंचेंगे ये नेता
एसआईआर के खिलाफ बड़े मार्च की तैयारी, अभिजीत दीपके -राकेश टिकैत समेत पहुंचेंगे ये नेता
परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में एक्शन, सब डिवीजन DSP और ड्रग इंस्पेक्टर सस्पेंड
परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में एक्शन, सब डिवीजन DSP और ड्रग इंस्पेक्टर सस्पेंड
रांका और सौरव को बड़ी राहत: 7 दिनों के बाद रिहाई के आदेश, दीपके ने शेयर किया SRK का ये क्लिप
रांका और सौरव को बड़ी राहत: 7 दिनों के बाद रिहाई के आदेश, दीपके ने शेयर किया SRK का ये क्लिप
न्यूजीलैंड के इन 3 खिलाड़ियों से टीम इंडिया को रहना होगा सावधान, अकेले पलट सकते हैं बाजी
न्यूजीलैंड के इन 3 खिलाड़ियों से टीम इंडिया को रहना होगा सावधान, अकेले पलट सकते हैं बाजी
रश्मिका से शादी के लिए हां करने में विजय ने क्यों लिया था 1 साल? 'कॉफी विद करण 9' में खोला राज
रश्मिका से शादी के लिए हां करने में विजय ने क्यों लिया था 1 साल? 'कॉफी विद करण 9' में खोला राज
दुनिया के सामने आया 'मक्का रक्षा समझौते' का मसौदा, जानें किन-किन शर्तों पर सहमति
दुनिया के सामने आया 'मक्का रक्षा समझौते' का मसौदा, जानें किन-किन शर्तों पर सहमति
Explained: भारत में पाकिस्तान के 'कसीदे' से US ट्रेड डील तक! मार्को रूबियो के दौरे की 5 बड़ी बातें
भारत में PAK के 'कसीदे' से US ट्रेड डील तक! मार्को रूबियो के दौरे की 5 बड़ी बातें
Collab हो गया...भारत-पाक के स्कैमर्स ने मिल लूटा कनाडा का बैंक
Collab हो गया...भारत-पाक के स्कैमर्स ने मिल लूटा कनाडा का बैंक
Embed widget