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यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर से अपर्णा यादव ने की थी किस सब्जेक्ट की पढ़ाई, यहां पढ़ने के लिए क्या-क्या डॉक्युमेंट जरूरी?

Aparna Bisht Yadav: अपर्णा यादव का नाम आजकल सुर्खियों में है. इन्होंने अपनी पढ़ाई यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर से की है. चलिए जानते हैं यहां पढ़ने के लिए क्या-क्या डॉक्युमेंट जरूरी है.

Aparna Bisht Yadav: मुलायम सिंह यादव की दूसरी बहू अपर्णा यादव का नाम आजकल सुर्खियों में है. उत्तर प्रदेश सरकार ने अपर्णा को प्रदेश महिला आयोग के उपाध्यक्ष पद पर नियुक्त किया है. उत्तर प्रदेश के सामाजिक और राजनीतिक फील्ड में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने वाली अपर्णा ने अपनी पढ़ाई दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटी में से एक यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर से की है. आइए आपको बताते हैं कि यहां उन्होंने किस सब्जेस्ट में पढ़ाई की और यहां पढ़ने के लिए क्या-क्या कागजात जरूरी होते हैं?

यहां से हुई थी शुरुआती पढ़ाई
अपर्णा की शुरुआती पढ़ाई लखनऊ स्थित लोरेटो कॉन्वेंट इंटरमीडिएट कॉलेज से हुई. बता दें कि अपर्णा मूलरूप से उत्तराखंड की रहने वाली हैं, लेकिन उनकी मां अंबी बिष्ट लखनऊ नगर निगम में कार्यरत हैं. ऐसे में अपर्णा की पढ़ाई-लिखाई लखनऊ में हुई. अंग्रेजी, पॉलिटिकल साइंस और मॉडर्न हिस्ट्री से ग्रेजुएशन करने के बाद अपर्णा ने ब्रिटेन की मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया था.

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मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से इस विषय में की पढ़ाई
अपर्णा यादव ने दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटी में से एक मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल रिलेशन एंड पॉलिटिक्स में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा वह ठुमरी कला में भी माहिर हैं. उन्होंने इसके लिए भातखंडे संगीत विश्वविद्यालय से नौ साल तक शास्त्रीय संगीत की शिक्षा ली है. 

मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी में पढ़ने के लिए क्या-क्या डॉक्युमेंट्स जरूरी?
वर्ष 1824 में स्थापित मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी ब्रिटेन सहित पूरी दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में से एक है. यहां दुनिया के सबसे ज्यादा शोध कार्य किए जाते हैं. यहां बिजनेस, इंजीनियरिंग, मेडिकल साइंसेज, आर्ट्स और साइंस में ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन और डॉक्टरेट(पीएचडी) की उपाधि मिलती है. यहां पढ़ने के लिए सबसे जरूरी है कि आपको अंग्रेजी भाषा की अच्छी जानकारी होनी चाहिए. 

अगर आप दूसरे देश से यहां पढ़ने जा रहे हैं तो  आपको IELTS, TOEFL या PTE जैसे टेस्ट के स्कोर दिखाने होंगे. इसके आपसे स्टेटमेंट ऑफ पर्पज के बारे में पूछा जाएगा कि आप उस कोर्स में क्यों रुचि रखते हैं और आपके करियर का लक्ष्य क्या है? आपके पास रिकमंडेशन लेटर जरूर होने चाहिए. इसमें एक रिकमंडेशन लेटर आपके पिछले कॉलेज से लाना होता है. वहीं, दूसरा रिकमंडेशन लेटर प्रोफेशनल वर्क के लिए जरूरी होता है. वहीं, पासपोर्ट की कॉपी और विश्वविद्यालय में लगने वाले जरूरी डॉक्युमेंट्स होने जरूरी हैं. 

सीवी और स्टेटमेंट ऑफ पर्पज  सबसे जरूरी
अगर आप मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी में पढ़ना चाहते हैं तो सबसे जरूरी है कि आपके पास स्ट्रॉन्ग सीवी होना चाहिए. आप जिस विषय में पढ़ाई करना चाहते हैं, उसमें आपने पहले क्या किया है? कहां और किस संस्थान के साथ काम किया है? यह भी बताना होता है. अगर आपका सीवी स्ट्रॉन्ग नहीं होगा तो आप मौका गंवा सकते हैं. वहीं, स्टेटमेंट ऑफ पर्पज भी बेहद जरूरी है. इसमें आपको बताना होगा कि आप उस कोर्स में क्यों रुचि रखते हैं और आपके करियर के लक्ष्य क्या हैं?

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कितनी लगती है फीस?
मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी की फीस स्टूडेंट के कोर्स पर निर्भर करती है कि उसने किस कोर्स में एडमिशन लिया है. यहां  विदेश से पढ़ने आए छात्रों से ग्रेजुएशन स्टैंडर्ड प्रोग्राम के लिए लगभग  20,300 यूरो से 42,700 यूरो की फीस हर साल के हिसाब से ली जाती है. भारतीय करेंसी के हिसाब से यह रकम 19 लाख से 40 लाख रुपये तक होती है. इसके अलावा पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए  27,000 से 40,500 यूरो तक सालाना फीस लगती है. भारतीय करेंसी में यह रकम 25 लाख से 38 लाख रुपये तक बैठती है. पीएचडी के लिए सालाना फीस 27 हजार यूरो है. यानी भारतीय करेंसी के हिसाब से आपको करीब 25 लाख रुपये खर्च करने होंगे.

दुनिया के हर कोने से  यहां पढ़ने आते हैं लोग 
मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी में पढ़ना हर किसी का सपना होता है. यह दुनिया के टॉप 30 विश्वविद्यालयों में शुमार है. यहां हर साल दुनिया के हर हिस्से से छात्र पढ़ने आते हैं.  मैनचेस्टर  में छात्र क्यों पढ़ना चाहते हैं, इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि यहां पढ़ाई कर चुके स्टूडेंट्स ने 25 से अधिक नोबेल प्राइज जीते हैं.

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