एक्सप्लोरर

वित्त मंत्री ने किया है स्वर्ण युग का वादा, लेकिन लगता है कि ऋण से ही चलेगा देश

यह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संबोधन से लेकर संसद में पेश करने तक, अर्थव्यवस्था पर जोर देने वाला एक शानदार चुनावी बजट है, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लोगों को आशा देने, निवेश आकर्षित करने, उच्चतम पूंजी व्यय, आवास के साथ ग्रामीण सुधार पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है. बजट  फसल कटाई के बाद की गतिविधियाँ, किसान, महिलाओं, मध्यम और युवा वर्ग के लिए कार्यक्रमों की शृंखला के अनावरण और 7.3 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि का सपना दिखाता है. राष्ट्रपति के भाषण में चुनावी मुद्दा और तीक्ष्ण है. वित्त मंत्री 2014 तक अर्थव्यवस्था के कुप्रबंधन पर श्वेत पत्र लाने की घोषणा करती हैं जो कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के दौरान 'पांच में से एक नाजुक अर्थव्यवस्थाओं' का प्रतीक है.

सरकार की उपलब्धियों का गुणगान

नए संसद भवन की लोकसभा में संयुक्त सत्र को औपचारिक संबोधन में राष्ट्रपति ने विभिन्न क्षेत्रों में 10 वर्षों में सरकार की उपलब्धियों को प्रस्तुत किया, जिसमें उन मुद्दों की एक झलक पेश की गई, जिन पर भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए 2024 के चुनावों से पहले ध्यान केंद्रित कर सकता है. राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, "बचपन से हम "गरीबी हटाओ" (1971 में इंदिरा गांधी का नारा) का नारा सुनते आ रहे हैं, अब हम अपने जीवन में पहली बार बड़े पैमाने पर गरीबी उन्मूलन देख रहे हैं" उन्होंने कहा कि गरीब लोग, युवा, महिलाएं और किसान विकसित भारत के चार 'मजबूत स्तंभ' होंगे. सीतारमण ने "चार स्तंभों" को दोहराते हुए प्रगति और विकास के मार्ग पर विभिन्न कार्यक्रमों पर जोर दिया. वह सभी प्रकार के कृषक वर्गों - किसानों, मछुआरों और डेयरी डेवलपर्स, संभावित मतदाताओं - पर बार-बार जोर देती हैं. अंतरिम बजट में 47.65 लाख करोड़ रुपये व्यय (2023-4 से लगभग 3 लाख करोड़ रुपये अधिक) का प्रावधान है. राजस्व करों से 26.06 लाख करोड़ रुपये सहित 30.8 लाख करोड़ रुपये प्राप्ति आंकी गयी है. इन्फ्रा के लिए पूंजीगत व्यय परिव्यय 11.1 प्रतिशत बढ़कर 11,11,111 करोड़ रुपये का है. यह  बड़े आंकड़े हैं. सकल घरेलू उत्पाद का 3.4 प्रतिशत, 50-वर्षीय ब्याज मुक्त नवाचार ऋण और 596 बिलियन डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश - 2005-2014 के दौरान यूपीए अवधि से दोगुना है.

राजकोषीय घाटा है चिंता का विषय 

चिंता का विषय इसका राजकोषीय घाटा और दिनांकित प्रतिभूतियों, दीर्घकालिक बांड है. इन्हें इस साल चुकाना होगा. हालांकि, तकनीकी रूप से राजकोषीय घाटा पिछले साल के 5.8 प्रतिशत से घटकर 5.1 प्रतिशत हो गया है, लेकिन दिनांकित प्रतिभूतियों के माध्यम से सकल और शुद्ध उधारी 14.25 और 11.75 लाख करोड़ रुपये होगी. 31 मार्च 2024 को कुल बाहरी और आंतरिक कर्ज 168.72 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 183.67 लाख करोड़ हो जाएगा. बकाया कर्ज 15 लाख करोड़ रुपये बढ़ गया है, जिससे ब्याज देनदारियां बढ़ कर 11,90,440 लाख करोड़ हो गई हैं. यह बजट का 25 प्रतिशत है. एक दिलचस्प बात यह है कि तकनीकी रूप से आर्थिक दृष्टि से विर्त्त मंत्री सही हैं. कर्ज को  कमाई माना जाता है और इससे जीडीपी बढ़ती है!

वित्त मंत्रालय अब तक अपनी पुनर्भुगतान प्रतिबद्धताओं से कभी पीछे नहीं हटा है, यह भी सही है. फिर भी कर्ज़ का बोझ राजस्व आय से अधिक लगता है. वित्त मंत्री ने खाद्य, उर्वरक और पेट्रोलियम में 32000 करोड़ रुपये की सब्सिडी में कटौती की है. बढ़ती न्यूनतम समर्थन कीमतों के बीच खाद्य सब्सिडी में कटौती की गई है. यह आधार लिंकेज के बाद लाभार्थियों की संख्या में कमी पर निर्भर है. हालांकि, मनरेगा का आवंटन चालू वित्त वर्ष के 60000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 86000 करोड़ रुपये कर दिया गया है. राज्यों को राजस्व में उनकी हिस्सेदारी 22.22 लाख करोड़ रुपये है. ब्याज भुगतान देनदारी का बजट 11.90 लाख करोड़ रुपये रखा गया है, जो 2023-24 से 10.18 प्रतिशत अधिक है. 50 वर्षों के लिए ब्याज मुक्त ऋण के रूप में इनोवेशन फंडिंग की समीक्षा की जा सकती है. समय-सीमा बहुत लंबी है, हालांकि यह मनोवैज्ञानिक बढ़त दे सकती है.

टैक्स के मोर्चे पर नहीं रियायत चौंकाऊ

उन्होंने टैक्स के मोर्चे पर किसी रियायत की घोषणा नहीं की है. उच्चतम आयकर दरें 39 प्रतिशत पर बनी हुई हैं जबकि कॉर्पोरेट टैक्स 22 प्रतिशत और नए उद्यम पर 15 प्रतिशत है. उनके मुख्य समर्थक आलोचनात्मक हैं क्योंकि वह आरबीआई की प्रति वर्ष 5.5 प्रतिशत की दर से पांच वर्षों में 27.5 प्रतिशत की उच्च संचयी मुद्रास्फीति का सामना करने वाले "मध्यम वर्ग" की उपेक्षा करती हैं. एक टिप्पणी दिलचस्प है. इसमें कहा गया है, 'हम स्पष्ट रूप से कोई वोट बैंक नहीं हैं जिसे खुश करने की जरूरत है.' उम्मीद है कि उनका ध्यान जलवायु, किसानों, कृषि विकास और अन्य उपायों पर है जो 'सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन' के सिद्धांत के अनुसार लोगों की स्थितियों में काफी सुधार करेंगे और इसमें एमएसएमई, आकांक्षी जिले, पूर्वी क्षेत्र और इसके लोगों को शामिल किया जाएगा. - बिहार और बंगाल, प्रमुख चुनावी लक्ष्य हैं! ग्रामीण क्षेत्र के लिए पीएम आवास और पहली बार उन्होंने "किराए के घरों, या झुग्गियों, चॉलों और अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले" मध्यम वर्ग के लिए अपना घर खरीदने या बनाने के लिए आवास का उल्लेख किया है.

रोजगार और कृषि पर भी है ध्यान

इसके साथ ही 10 लाख लोगों को रोजगार देने के लिए कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, एकत्रीकरण, आधुनिक भंडारण, आपूर्ति श्रृंखला और विपणन सहित फसल कटाई के बाद की गतिविधियां, गहन डेयरी विकास, मत्स्य सम्पदा को बढ़ावा देने के लिए मत्स्य पालन विभाग की स्थापना, पांच जलीय पार्क और समुद्री खाद्य निर्यात का उल्लेख किया गया है. आत्मनिर्भर तिलहन अभियान की भी घोषणा की गई है. आधार यह है कि ये क्षेत्र महत्वपूर्ण क्षेत्रों को बदल देंगे और देश के विभिन्न हिस्सों में कृषि क्षेत्र के महत्वपूर्ण मतदाताओं को खुश करेंगे. हालांकि, उपभोक्ताओं के लिए फार्मगेट कीमतों और उच्च खुदरा बिक्री के अंतर को अभी तक पाटना बाकी है. बजट में खाद्य, उर्वरक और पेट्रोलियम में 32000 करोड़ रुपये की सब्सिडी में भी कटौती की गई है. महिलाओं को अलग-अलग तरीकों से लुभाया जाता रहा है. सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए 9 से 14 वर्ष की आयु की लड़कियों के लिए टीकाकरण निश्चित रूप से एक प्रशंसनीय योजना है. इसी प्रकार, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल को एक व्यापक कार्यक्रम के तहत लाया जा रहा है. आंगनवाड़ियों को पोषण वितरण, प्रारंभिक बचपन देखभाल और विकास केंद्र के रूप में उन्नत किया गया है. आयुष्मान भारत का लाभ सभी आशा, आंगनवाड़ी और सहायिकाओं को दिया जा रहा है. इससे जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है.

स्वास्थ्य पर भी है जोर

कुल मिलाकर स्वास्थ्य को 90,170 करोड़ रुपये दिया गया जो 1095 करोड़ रुपये पहले से ज्यादा है और शिक्षा को 1.25 लाख करोड़ रुपये पर 13000 करोड़ रुपये अधिक मिले हैं. सरकार राजकोषीय घाटे को कम करने कीकोशिश कर रही है है, वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए निजी क्षेत्र  को 50-वर्षीय ब्याज-मुक्त ऋण के रूप में एक नए व्यवस्था का पर ध्यान केंद्रित कर रही है. वित्त मंत्री उपभोक्ताओं के विश्वास को लेकर उत्साहित हैं और मुद्रास्फीति 2 से 6 प्रतिशत के बीच रहने से संतुष्ट हैं, हालांकि आरबीआई अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने के लिए 4 प्रतिशत के लक्ष्य पर जोर दे रही है. सरकार की विकास रणनीति ऐसी प्रतीत होती है जो अंतरराष्ट्रीय युद्ध स्थितियों को देखते हुए, राजकोषीय फिसलन से बचाते हुए एक नए चक्र को शुरू करेगी. बजट में कई वादे किए गए हैं, लेकिन उम्मीद यही है कि जुलाई का अंतिम बजट कुछ अलग होगा.

[नोट- उपरोक्त दिए गए विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं. यह ज़रूरी नहीं है कि एबीपी न्यूज़ ग्रुप इससे सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही जिम्मेदार है.]

View More

ओपिनियन

Sponsored Links by Taboola
25°C
New Delhi
Rain: 100mm
Humidity: 97%
Wind: WNW 47km/h

टॉप हेडलाइंस

Iran-US War: मिडिल ईस्ट जंग के बीच अमेरिका को झटका! F-15E जेट क्रैश, पायलट गायब, सर्च ऑपरेशन तेज
मिडिल ईस्ट जंग के बीच अमेरिका को झटका! F-15E जेट क्रैश, पायलट गायब, सर्च ऑपरेशन तेज
राघव चड्ढा ने PM मोदी के खिलाफ पुरानी पोस्ट्स कीं डिलीट, AAP नेता सौरभ भारद्वाज के दावे से हलचल
राघव चड्ढा ने PM मोदी के खिलाफ पुरानी पोस्ट्स कीं डिलीट, AAP नेता सौरभ भारद्वाज के दावे से हलचल
बेबी बंप के साथ प्रिया-एटली की रोमांटिक फोटोशूट वायरल, जल्द दूसरे बच्चे की गूंजेगी किलकारी
बेबी बंप के साथ प्रिया-एटली की रोमांटिक फोटोशूट वायरल, जल्द दूसरे बच्चे की गूंजेगी किलकारी
Shubman Gill हुए गुजरात टाइटंस से बाहर, अचानक विदेशी खिलाड़ी को मिली कप्तानी, जानें वजह
शुभमन गिल हुए गुजरात टाइटंस से बाहर, अचानक विदेशी खिलाड़ी को मिली कप्तानी, जानें वजह
ABP Premium

वीडियोज

Sansani: जंग में ट्रंप की 'टॉकिंग स्ट्राइक' ! | Iran-israel War | Middle East War | Iranattackisrael
Iran- Israel War: पायलट के बदले होगी बड़ी सौदेबाजी? बुशहर के बाद करज बना जंग का मैदान ! | ABP News
Chitra Tripathi: ट्रंप की ये चूक बन गई सबसे बड़ी मुसीबत! | Iran US Israel Wa | Trump | Netanyahu
MP News: घर के बाहर बैठे लोगों पर कुत्ते का खूनी हमला, सीसीटीवी देख दहल जाएंगे आप। Indore CCTV
Sandeep Chaudhary: ईरान का इंतकाम...ट्रंप मांगे संघर्ष विराम ! | Iran US Israel War

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
Iran-US War: मिडिल ईस्ट जंग के बीच अमेरिका को झटका! F-15E जेट क्रैश, पायलट गायब, सर्च ऑपरेशन तेज
मिडिल ईस्ट जंग के बीच अमेरिका को झटका! F-15E जेट क्रैश, पायलट गायब, सर्च ऑपरेशन तेज
राघव चड्ढा ने PM मोदी के खिलाफ पुरानी पोस्ट्स कीं डिलीट, AAP नेता सौरभ भारद्वाज के दावे से हलचल
राघव चड्ढा ने PM मोदी के खिलाफ पुरानी पोस्ट्स कीं डिलीट, AAP नेता सौरभ भारद्वाज के दावे से हलचल
बेबी बंप के साथ प्रिया-एटली की रोमांटिक फोटोशूट वायरल, जल्द दूसरे बच्चे की गूंजेगी किलकारी
बेबी बंप के साथ प्रिया-एटली की रोमांटिक फोटोशूट वायरल, जल्द दूसरे बच्चे की गूंजेगी किलकारी
Shubman Gill हुए गुजरात टाइटंस से बाहर, अचानक विदेशी खिलाड़ी को मिली कप्तानी, जानें वजह
शुभमन गिल हुए गुजरात टाइटंस से बाहर, अचानक विदेशी खिलाड़ी को मिली कप्तानी, जानें वजह
ईरान ने पाकिस्तान में बातचीत से किया था इनकार, अब आई अराघची की सफाई, इशाक डार ने कहा- THANK YOU भाई
ईरान ने पाकिस्तान में बातचीत से किया था इनकार, अब आई अराघची की सफाई, इशाक डार ने कहा- THANK YOU भाई
देशभर में आंधी-बारिश का कहर, दिल्ली-यूपी से लेकर दक्षिण भारत तक चेतावनी जारी, IMD ने जारी किया अलर्ट
देशभर में आंधी-बारिश का कहर, दिल्ली-यूपी से लेकर दक्षिण भारत तक चेतावनी जारी, IMD ने जारी किया अलर्ट
Menopause Bloating Causes: पानी नहीं, ये है मेनोपॉज में ब्लोटिंग की असली वजह; गाइनेकोलॉजिस्ट से जानें आसान उपाय
पानी नहीं, ये है मेनोपॉज में ब्लोटिंग की असली वजह; गाइनेकोलॉजिस्ट से जानें आसान उपाय
किचन गार्डन से बनाएं सेहतमंद लाइफ, जानें गमलों में सब्जियां उगाने का सबसे आसान तरीका
किचन गार्डन से बनाएं सेहतमंद लाइफ, जानें गमलों में सब्जियां उगाने का सबसे आसान तरीका
Embed widget