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कुशाग्र राजेंद्र
कुशाग्र राजेंद्र, एमिटी यूनिवर्सिटी हरियाणा में पर्यावरण विभागाध्यक्ष हैं. वे पर्यावरण के मुद्दे पर लगातार अलग-अलग मंचों पर लिखते रहते हैं. कुशाग्र राजेंद्र ने अपनी पढ़ाई जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पर्यावरण अध्ययन संस्थान यानी स्कूल ऑफ इनवॉयरनमेंटल स्टडीज से की है. वह वर्तमान में एमिटी यूनिवर्सिटी, गुरुग्राम में पर्यावरण अध्ययन विभाग में पढ़ाते हैं. अपने खाली समय में कुशाग्र फोटोग्राफी और घूमने का शौक रखते हैं और उनके संग्रह में प्रकृति की बहुत अच्छी तस्वीरें हैं. कुशाग्र मूलतः बिहार के रहने वाले हैं.

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पसीने के पार असह्य हुई गर्मी, अब वैश्विक उष्मन एक नये दौर में  
मानव प्रगति के दौर में बीमार और उग्रतर होता गया समुद्र 
गर्मी और बरसात का लोक विज्ञानः जलवायु संकट के दौर में फिर समझने की जरूरत  
पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन: क्या कभी चुनाव का मुद्दा बनेगा?
पहाड़ों की उखड़ती सांस और पर्यटन व तीर्थयात्रा के नाम पर हो रहा विवाद
देवभूमि के जलते जंगल यानी जलवायु परिवर्तन की एक और विभीषिका
‘इस्तेमाल करो और फेंको' की प्रवृत्ति, कूड़े के ढेर में बदलती पृथ्वी
ग्रीन वाशिंग: पर्यावरण संरक्षण के नाम पर उत्पादक कंपनियों का घालमेल   
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वेटलैंड यानी 'नम भूमि' हैं पृथ्वी के किडनी, चाहिए मानव-कल्याण तो रखना होगा इनको सुरक्षित
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